{"_id":"66ede13e9c69709a720b8137","slug":"at-the-age-of-75-padmashree-dr-kiran-seth-set-out-on-kanya-kumari-yatra-from-srinagar-on-bicycle-kannauj-news-c-214-1-knj1005-118816-2024-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: 75 साल की उम्र में साइकिल से श्रीनगर से कन्या कुमारी यात्रा पर निकले पद्मश्री डॉ. किरण सेठ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: 75 साल की उम्र में साइकिल से श्रीनगर से कन्या कुमारी यात्रा पर निकले पद्मश्री डॉ. किरण सेठ
विज्ञापन
कन्नौज। आईआईटी दिल्ली के सेवानिवृत्त प्रोफेसर पद्मश्री डॉ. किरण सेठ 75 साल की उम्र में साइकिल से श्रीनगर से कन्या कुमारी की यात्रा करने के लिए निकले हैं। साइकिल यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत और संस्कृति को बढ़ावा देना है। शुक्रवार को सेवानिवृत्त प्रोफेसर इत्र नगरी पहुंचे। पुलिस लाइन के निकट स्थित कानपुर पब्लिक स्कूल में उनका स्वागत किया गया।
डॉ. किरण सेठ ने बताया कि स्पिक मैके (सोसाइटी फॉर द प्रमोशन ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर अमंग्स यूथ) अभियान की शुरुआत 45 साल पहले आईआईटी दिल्ली से की थी। उन्होंने बताया कि स्पिक मैके अभियान से युवाओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत और संस्कृति के लिए प्रेरित करना है। प्रयास है कि देश के सारे स्कूल व कॉलेजों तक वह पहुंचे। अभी वह देश व विदेश को मिलाकर 5000 कार्यक्रम ही पूरे वर्ष में कर पा रहे हैं। इसमें तेजी लाने के लिए साइकिल यात्रा शुरू की, जिससे ज्यादा से ज्यादा स्वयं सेवकों को अभियान का हिस्सा बनाया जा सके। वे यात्रा के दौरान स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों से संवाद कर बच्चों को एकाग्रता सिखाने का प्रयास कर रहे हैं। डॉ. किरण सेठ ने कहा कि शास्त्रीय संगीत व योग को अपनाकर मन के भटकाव को रोका जा सकता है। इससे पढ़ाई की विषय वस्तु भी जल्दी समझ में आएगी।
विज्ञापन
डॉ. किरण सेठ ने बताया कि स्पिक मैके (सोसाइटी फॉर द प्रमोशन ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर अमंग्स यूथ) अभियान की शुरुआत 45 साल पहले आईआईटी दिल्ली से की थी। उन्होंने बताया कि स्पिक मैके अभियान से युवाओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत और संस्कृति के लिए प्रेरित करना है। प्रयास है कि देश के सारे स्कूल व कॉलेजों तक वह पहुंचे। अभी वह देश व विदेश को मिलाकर 5000 कार्यक्रम ही पूरे वर्ष में कर पा रहे हैं। इसमें तेजी लाने के लिए साइकिल यात्रा शुरू की, जिससे ज्यादा से ज्यादा स्वयं सेवकों को अभियान का हिस्सा बनाया जा सके। वे यात्रा के दौरान स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों से संवाद कर बच्चों को एकाग्रता सिखाने का प्रयास कर रहे हैं। डॉ. किरण सेठ ने कहा कि शास्त्रीय संगीत व योग को अपनाकर मन के भटकाव को रोका जा सकता है। इससे पढ़ाई की विषय वस्तु भी जल्दी समझ में आएगी।
विज्ञापन