{"_id":"5c5b25bdbdec22737b7b8102","slug":"asthaayee-goshaala-mein-nahin-chaare-paanee-kee-vyavastha","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्थायी गोशाला में नहीं चारे पानी की व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्थायी गोशाला में नहीं चारे पानी की व्यवस्था
Wed, 06 Feb 2019 11:51 PM IST
gaurav gaurav
kannauj
kannauj
Published by: gaurav gaurav
Updated Wed, 06 Feb 2019 11:51 PM IST
विज्ञापन
सरस हाट में बंद ठंड में भूखे प्यासे गोवंश
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अन्ना मवेशियों के लिए निकवा पानी की टंकी परिसर व तालग्राम देहात ग्राम पंचायत के सरस हाट में बनाई गईं अस्थायी गोशाला में अब तक चारे पानी की व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में यहां बंद गोवंश भूखे-प्यासे ठंड से बेहाल हो रहे हैं।
अन्ना मवेशियों के लिए अस्थायी आश्रय तो बना दिए गए लेकिन व्यवस्थाएं नहीं की गईं। इनमें बंद मवेशी भूखे-प्यासे तड़प रहे हैं। सरस हाट में बनी गोशाला की देखरेख कर रहे घनश्याम ने बताया कि आठ दिन से 37 गोवंश यहां बंद हैं। सचिव ने चारा-पानी का इंतजाम नहीं किया। एक दो दिन उसने धान का पुआल ग्रामीणों से मंगाकर खिलाया। परिसर में लगा हैंडपंप खराब होने पर सायफन डालकर नलकूप से पानी भी लाए। प्रधान व सचिव ने कोई पैसा भी नहीं दिया। मवेशियों के लिए खाना-पानी नहीं है, ऐसे में कब तक जिंदा रह पाएंगे। वहीं निकवा पानी की टंकी परिसर में बंद 18 मवेशी केवल पानी के सहारे जी रहे हैं। बीडीओ बीपी कुशवाहा ने सचिव व प्रधान को व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए थे। सचिव रविप्रताप का कहना कि प्रधान की तरफ से चारे का इंतजाम किया जा रहा है।
विज्ञापन
अन्ना मवेशियों के लिए अस्थायी आश्रय तो बना दिए गए लेकिन व्यवस्थाएं नहीं की गईं। इनमें बंद मवेशी भूखे-प्यासे तड़प रहे हैं। सरस हाट में बनी गोशाला की देखरेख कर रहे घनश्याम ने बताया कि आठ दिन से 37 गोवंश यहां बंद हैं। सचिव ने चारा-पानी का इंतजाम नहीं किया। एक दो दिन उसने धान का पुआल ग्रामीणों से मंगाकर खिलाया। परिसर में लगा हैंडपंप खराब होने पर सायफन डालकर नलकूप से पानी भी लाए। प्रधान व सचिव ने कोई पैसा भी नहीं दिया। मवेशियों के लिए खाना-पानी नहीं है, ऐसे में कब तक जिंदा रह पाएंगे। वहीं निकवा पानी की टंकी परिसर में बंद 18 मवेशी केवल पानी के सहारे जी रहे हैं। बीडीओ बीपी कुशवाहा ने सचिव व प्रधान को व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए थे। सचिव रविप्रताप का कहना कि प्रधान की तरफ से चारे का इंतजाम किया जा रहा है।
विज्ञापन