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गले में घुट गया गुस्सा, सांकेतिक प्रदर्शन किया
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कन्नौज रेलवे स्टेशन पर तैनात सीओ दीपक दुबे और पुलिस बल।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। प्रशासन और आरपीएफ की सख्ती के चलते जिले में किसानों का गुस्सा गले में घुट गया। रेल रोको आंदोलन सांकेतिक प्रदर्शन में निपट गया। गुरसहायगंज रेलवे स्टेशन को छोड़कर सभी स्टेशन पर शांति रही। ट्रेनों का आवागमन प्रभावित नहीं हुआ।
भारतीय किसान यूनियन के संयुक्त मोर्चा की घोषणा पर रेल रोको आंदोलन को लेकर प्रशासन अलर्ट रहा। सुबह से मानीमऊ रेलवे स्टेशन से लेकर मलिकपुर तक भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। रेलवे स्टेशनों पर छावनी जैसा नजारा रहा। डीएम राकेश कुमार मिश्र और एसपी प्रशांत वर्मा ने सबसे पहले कन्नौज रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की जानकारी की। गुरसहायगंज रेलवे स्टेशन पर रेल रोक कर प्रदर्शन की आशंका पर डीएम और एसपी ने यहां खुद कमान संभाली। सख्ती के चलते यहां किसान संगठन के नेता सांकेतिक प्रदर्शन कर पाए।
डीएम ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया की आपूर्ति कराई जाएगी। एक नवंबर से जिले में सरकारी दर पर धान खरीद शुरू हो जाएगी। किसान पंजीकरण कराकर धान की बिक्री कर अच्छा मुनाफा हासिल कर सकते हैं। वहीं दोपहर करीब एक बजे कानपुर से फर्रुखाबाद जा रही एक्सप्रेस ट्रेन के प्लेटफार्म से छूटने के बाद किसी ने वैक्यूम काट दिया। इससे ट्रेन आगे चलकर खड़ी हो गई। इससे यहां तैनात ठठिया थाना प्रभारी प्रयाग नारायण वाजपेयी और आरपीएफ अधिकारियों के होश उड़ गए। सभी लोग चालक के पास पहुंचे। एक मिनट बाद ट्रेन रवाना हो गई। इससे अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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...सर रेल की पटरी तक ही जाने दीजिए
गुरसहायगंज। पुलिस की कड़ी नाकेबंदी और अधिकारियों की सतर्कता के चलते किसान यूनियन के संयुक्त मोर्चा के नेता और कार्यकर्ता रेल रोकने में असफल रहे। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने एसपी से कहा, सर, रेल की पटरी तक जाने दीजिए। अधिकारियों ने इनकी बात नहीं मानी। अधिकारियों को ज्ञापन देकर लखीमपुर कांड को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री की बर्खास्तगी और तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग की।
सोमवार सुबह से प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस, पीएसी के जवानों ने कस्बे के मुख्य चौराहे पर बैरियर लगाकर रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग को सील कर दिया। जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र, एसपी प्रशांत वर्मा, एडीएम गजेंद्र कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह, एसडीएम छिबरामऊ देवेश कुमार गुप्त, सीओ सदर शिव प्रताप सिंह, कोतवाली प्रभारी राजकुमार सिंह ने मोर्चा संभाल लिया। यहां थाना तालग्राम, विशुनगढ़, इंदरगढ़ और सौरिख थाने का फोर्स मुस्तैद रहा। दोपहर करीब 12 बजे भारतीय किसान यूनियन के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शमीम सिद्दीकी, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष कुसुम चौहान, मारूफ खां, साजिद हुसैन, अनवर खां, रणजीत सिंह, सत्यम प्रजापति, शकील हुसैन समेत तमाम कार्यकर्ता रेल रोकने के लिए मुख्य चौराहे पर इकट्ठे होने लगे। आगे बढ़ने पर पुलिस ने बैरियर लगाकर रोक लिया। इससे किसान यूनियन के कार्यकर्ता आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगे। काफी देर बाद नेताओं की मांग पर सीओ सदर ने स्टेशन परिसर तक जाने की अनुमति दी। नारेबाजी करते हुए पदाधिकारी और कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन परिसर पहुंचे। यहां डीएम और एसपी सहित अन्य अधिकारियों ने इन्हें रोक लिया। कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर जाने की जिद कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने एसपी से कहा सर, रेल की पटरी तक जाने दीजिए। अधिकारी नहीं माने।
इसके बाद किसान यूनियन के लोगों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। इसमें लखीमपुर कांड में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त किए जाने, तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने, खाद की किल्लत को दूर किए जाने सहित पांच मांगें शामिल थीं। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन सावित्री गुट के जिला अध्यक्ष अवधेश कुमार गुप्ता, शुभम दुबे, धर्मेंद्र कुमार, अरुण यादव, अमित यादव और प्रेम सिंह ने नारेबाजी कर एसडीएम छिबरामऊ को ज्ञापन सौंपा। (संवाद)
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भारतीय किसान यूनियन के संयुक्त मोर्चा की घोषणा पर रेल रोको आंदोलन को लेकर प्रशासन अलर्ट रहा। सुबह से मानीमऊ रेलवे स्टेशन से लेकर मलिकपुर तक भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। रेलवे स्टेशनों पर छावनी जैसा नजारा रहा। डीएम राकेश कुमार मिश्र और एसपी प्रशांत वर्मा ने सबसे पहले कन्नौज रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की जानकारी की। गुरसहायगंज रेलवे स्टेशन पर रेल रोक कर प्रदर्शन की आशंका पर डीएम और एसपी ने यहां खुद कमान संभाली। सख्ती के चलते यहां किसान संगठन के नेता सांकेतिक प्रदर्शन कर पाए।
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डीएम ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया की आपूर्ति कराई जाएगी। एक नवंबर से जिले में सरकारी दर पर धान खरीद शुरू हो जाएगी। किसान पंजीकरण कराकर धान की बिक्री कर अच्छा मुनाफा हासिल कर सकते हैं। वहीं दोपहर करीब एक बजे कानपुर से फर्रुखाबाद जा रही एक्सप्रेस ट्रेन के प्लेटफार्म से छूटने के बाद किसी ने वैक्यूम काट दिया। इससे ट्रेन आगे चलकर खड़ी हो गई। इससे यहां तैनात ठठिया थाना प्रभारी प्रयाग नारायण वाजपेयी और आरपीएफ अधिकारियों के होश उड़ गए। सभी लोग चालक के पास पहुंचे। एक मिनट बाद ट्रेन रवाना हो गई। इससे अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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...सर रेल की पटरी तक ही जाने दीजिए
गुरसहायगंज। पुलिस की कड़ी नाकेबंदी और अधिकारियों की सतर्कता के चलते किसान यूनियन के संयुक्त मोर्चा के नेता और कार्यकर्ता रेल रोकने में असफल रहे। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने एसपी से कहा, सर, रेल की पटरी तक जाने दीजिए। अधिकारियों ने इनकी बात नहीं मानी। अधिकारियों को ज्ञापन देकर लखीमपुर कांड को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री की बर्खास्तगी और तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग की।
सोमवार सुबह से प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस, पीएसी के जवानों ने कस्बे के मुख्य चौराहे पर बैरियर लगाकर रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग को सील कर दिया। जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र, एसपी प्रशांत वर्मा, एडीएम गजेंद्र कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह, एसडीएम छिबरामऊ देवेश कुमार गुप्त, सीओ सदर शिव प्रताप सिंह, कोतवाली प्रभारी राजकुमार सिंह ने मोर्चा संभाल लिया। यहां थाना तालग्राम, विशुनगढ़, इंदरगढ़ और सौरिख थाने का फोर्स मुस्तैद रहा। दोपहर करीब 12 बजे भारतीय किसान यूनियन के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शमीम सिद्दीकी, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष कुसुम चौहान, मारूफ खां, साजिद हुसैन, अनवर खां, रणजीत सिंह, सत्यम प्रजापति, शकील हुसैन समेत तमाम कार्यकर्ता रेल रोकने के लिए मुख्य चौराहे पर इकट्ठे होने लगे। आगे बढ़ने पर पुलिस ने बैरियर लगाकर रोक लिया। इससे किसान यूनियन के कार्यकर्ता आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगे। काफी देर बाद नेताओं की मांग पर सीओ सदर ने स्टेशन परिसर तक जाने की अनुमति दी। नारेबाजी करते हुए पदाधिकारी और कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन परिसर पहुंचे। यहां डीएम और एसपी सहित अन्य अधिकारियों ने इन्हें रोक लिया। कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर जाने की जिद कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने एसपी से कहा सर, रेल की पटरी तक जाने दीजिए। अधिकारी नहीं माने।
इसके बाद किसान यूनियन के लोगों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। इसमें लखीमपुर कांड में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त किए जाने, तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने, खाद की किल्लत को दूर किए जाने सहित पांच मांगें शामिल थीं। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन सावित्री गुट के जिला अध्यक्ष अवधेश कुमार गुप्ता, शुभम दुबे, धर्मेंद्र कुमार, अरुण यादव, अमित यादव और प्रेम सिंह ने नारेबाजी कर एसडीएम छिबरामऊ को ज्ञापन सौंपा। (संवाद)