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Kannauj News: बूंद-बूंद पानी को तरस रहे अमृत सरोवर
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तालग्राम। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों के सुंदरीकरण और जल संरक्षण के लिए करोड़ो रुपये खर्च कर अमृत सरोवर तैयार कराए। लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते कुछ सरोवर सूखे पड़े हैं।
जल संरक्षण करने के लिए सरकार ने ब्लाॅक तालग्राम की पंचायतों में तालाबों को अमृत सरोवर का रूप देकर कायाकल्प कराया था। इनको 75वें अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में तैयार कराते हुए पिकनिक स्पॉट का रूप दिया गया था, लेकिन कुछ ही माह बाद जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते अमृत सरोवर बदहाल हो गए। भीषण गर्मी में अमृत सरोवरों में पानी की बूंद भी नहीं हैं। सुंदरीकरण खत्म होने के साथ ही गंदगी के ढेर लगे हैं। अमृत सरोवर पर लोगों के टहलने के लिए इंटरलाॅकिंग सड़क, झंडा फहराने का चबूतरा, पानी के लिए नल व छाया के लिए पौधे रोपने का कार्य किया गया था। इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन उदासीनता से ज्यादातर अमृत सरोवर बदहाल हैं। जिसमें जिम्मेदार भी संज्ञान नहीं ले रहे हैं।
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सीन एक
तालग्राम देहात का बना अमृत सरोवर सूखा पड़ा है। शासन के निर्देश थे कि पानी भरा रहना चाहिए, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। सुंदरीकरण जो कराया गया था, वह भी उजड़ गया है। कहीं कोई पौधा रोपित हुआ नजर नहीं आ रहा है। सरोवर सूखा होने से स्पष्ट दिखाई पड़ रहा है कि संवारने का काम भी सही तरीके से नहीं कराया गया। सूखे सरोवर में झाड़ियां उग आई हैं।
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सीन दो
गदोरा पंचायत का चौतराहर में बना अमृत सरोवर आधा-अधूरा अमृत सरोवर पड़ा है। जबकि कागजों में सरोवर अधूरा नहीं है। पानी तो है, लेकिन बैठने व आसपास इंटरलाकिंग नहीं है। यदि हकीकत देखी जाए तो शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया है। लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन कहां खर्च किए गए इसका जवाब जिम्मेदार नहीं दे पाएंगे। पड़ताल के दौरान यह हकीकत सामने आई है।
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सीन तीन
पुखरावां पंचायत का अमृत सरोवर में नाम मात्र का पानी है। जगह जगह कीचड़ भरा है। बैठने के लिए बैंच नहीं बनी है। आसपास घूमने का रास्ता भी नहीं है। आसपास गंदगी और घास से घिरा है। जबकि कुछ समय पहले शिकायत के बाद लाखों रुपये खर्च कर इसकी सूरत संवारी गई थी। इसके बाद भी बदहाली बरकरार है। अब जिम्मेदार इसका खर्चा भी बताने से कतरा रहे हैं।
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सूखे अमृत सरोवर को पानी से भरा जाएगा
एडीओ पंचायत रविप्रताप सिंह का कहना है कि अमृत सरोवर को संवारने का काम कराया गया है। अमृत सरोवर का निरीक्षण भी करेंगे, जहां कोई कमियां मिलेंगी। जिम्मेदारी तय की जाएगी। सूखे तालाबों को पानी से भरा जाएगा।
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जल संरक्षण करने के लिए सरकार ने ब्लाॅक तालग्राम की पंचायतों में तालाबों को अमृत सरोवर का रूप देकर कायाकल्प कराया था। इनको 75वें अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में तैयार कराते हुए पिकनिक स्पॉट का रूप दिया गया था, लेकिन कुछ ही माह बाद जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते अमृत सरोवर बदहाल हो गए। भीषण गर्मी में अमृत सरोवरों में पानी की बूंद भी नहीं हैं। सुंदरीकरण खत्म होने के साथ ही गंदगी के ढेर लगे हैं। अमृत सरोवर पर लोगों के टहलने के लिए इंटरलाॅकिंग सड़क, झंडा फहराने का चबूतरा, पानी के लिए नल व छाया के लिए पौधे रोपने का कार्य किया गया था। इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन उदासीनता से ज्यादातर अमृत सरोवर बदहाल हैं। जिसमें जिम्मेदार भी संज्ञान नहीं ले रहे हैं।
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सीन एक
तालग्राम देहात का बना अमृत सरोवर सूखा पड़ा है। शासन के निर्देश थे कि पानी भरा रहना चाहिए, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। सुंदरीकरण जो कराया गया था, वह भी उजड़ गया है। कहीं कोई पौधा रोपित हुआ नजर नहीं आ रहा है। सरोवर सूखा होने से स्पष्ट दिखाई पड़ रहा है कि संवारने का काम भी सही तरीके से नहीं कराया गया। सूखे सरोवर में झाड़ियां उग आई हैं।
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सीन दो
गदोरा पंचायत का चौतराहर में बना अमृत सरोवर आधा-अधूरा अमृत सरोवर पड़ा है। जबकि कागजों में सरोवर अधूरा नहीं है। पानी तो है, लेकिन बैठने व आसपास इंटरलाकिंग नहीं है। यदि हकीकत देखी जाए तो शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया है। लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन कहां खर्च किए गए इसका जवाब जिम्मेदार नहीं दे पाएंगे। पड़ताल के दौरान यह हकीकत सामने आई है।
सीन तीन
पुखरावां पंचायत का अमृत सरोवर में नाम मात्र का पानी है। जगह जगह कीचड़ भरा है। बैठने के लिए बैंच नहीं बनी है। आसपास घूमने का रास्ता भी नहीं है। आसपास गंदगी और घास से घिरा है। जबकि कुछ समय पहले शिकायत के बाद लाखों रुपये खर्च कर इसकी सूरत संवारी गई थी। इसके बाद भी बदहाली बरकरार है। अब जिम्मेदार इसका खर्चा भी बताने से कतरा रहे हैं।
सूखे अमृत सरोवर को पानी से भरा जाएगा
एडीओ पंचायत रविप्रताप सिंह का कहना है कि अमृत सरोवर को संवारने का काम कराया गया है। अमृत सरोवर का निरीक्षण भी करेंगे, जहां कोई कमियां मिलेंगी। जिम्मेदारी तय की जाएगी। सूखे तालाबों को पानी से भरा जाएगा।