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अलर्ट : जिले में तीन दिन में आ सकता टिड्डी दल
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कन्नौज। लॉकडाउन में किसानों की परेशानी और बढ़ सकती है। राजस्थान से टिड्डी दल 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगरा की ओर बढ़ रहा है। इससे जनपद की फसलों के प्रभावित होने की भी आशंका है। जिला प्रशासन ने इस बाबत किसानों को अलर्ट किया है। कृषि विभाग को इनसे निपटने के लिए तैयारी के निर्देश दिए गए हैं।
जिला कृषि अधिकारी राम मिलन सिंह ने बताया कि आगरा के सीमावर्ती प्रदेश राजस्थान के दौसा जिले तक टिड्डी दल पहुंच गया है। हालांकि अभी आगरा में टिड्डी दल का असर नहीं है। सतर्कता जरूरी है। उन्होंने बताया टिड्डी एक दिन में 100 से 150 किमी तक उड़ने की क्षमता रखते हैं। ये फसलों, बाग में झुंड में हमलाकर पत्तियों को खाकर नष्ट कर देते हैं। इन्हें धुआं कर, थाली, ढोल या टिन के डिब्बे पीटकर भगाया जा सकता है। विकास भवन में टिड्डी दल से बचाव के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। मोबाइल नंबर 8887850950 व 9454682284 पर किसान सूचना दे सकते हैं।
टिड्डी दल से बचाव के लिए ये करें उपाय
-टिड्डी दल को थाली, ढोल, नगाड़े, लाउड स्पीकर की तेज आवाज से खेत से भगाया जा सकता है।
-टिड्डी दल सुबह 10 बजे के बाद खेत में डेरा डालते हैं। इन्हें रोकने के लिए किसान पांच फीसदी मैलाथियान और 1.5 फीसदी क्वीनालफास का छिड़काव करें।
-40 मिली नीम के तेल को 10 ग्राम कपड़े धोने के पाउडर के साथ 10 लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करने से टिड्डी फसलों को नहीं खाते हैं।
-टिड्डी दल बलुई मिट्टी में अंडे देता है। इससे बचने के लिए किसान खेतों की गहरी जुताई कर सिंचाई कर दें। इससे टिड्डी दल खेत में नहीं आएगा।
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जिला कृषि अधिकारी राम मिलन सिंह ने बताया कि आगरा के सीमावर्ती प्रदेश राजस्थान के दौसा जिले तक टिड्डी दल पहुंच गया है। हालांकि अभी आगरा में टिड्डी दल का असर नहीं है। सतर्कता जरूरी है। उन्होंने बताया टिड्डी एक दिन में 100 से 150 किमी तक उड़ने की क्षमता रखते हैं। ये फसलों, बाग में झुंड में हमलाकर पत्तियों को खाकर नष्ट कर देते हैं। इन्हें धुआं कर, थाली, ढोल या टिन के डिब्बे पीटकर भगाया जा सकता है। विकास भवन में टिड्डी दल से बचाव के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। मोबाइल नंबर 8887850950 व 9454682284 पर किसान सूचना दे सकते हैं।
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टिड्डी दल से बचाव के लिए ये करें उपाय
-टिड्डी दल को थाली, ढोल, नगाड़े, लाउड स्पीकर की तेज आवाज से खेत से भगाया जा सकता है।
-टिड्डी दल सुबह 10 बजे के बाद खेत में डेरा डालते हैं। इन्हें रोकने के लिए किसान पांच फीसदी मैलाथियान और 1.5 फीसदी क्वीनालफास का छिड़काव करें।
-40 मिली नीम के तेल को 10 ग्राम कपड़े धोने के पाउडर के साथ 10 लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करने से टिड्डी फसलों को नहीं खाते हैं।
-टिड्डी दल बलुई मिट्टी में अंडे देता है। इससे बचने के लिए किसान खेतों की गहरी जुताई कर सिंचाई कर दें। इससे टिड्डी दल खेत में नहीं आएगा।