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धूप के साथ चढ़ने लगा है कचहरी का सियासी पारा
अमर उजाला, ब्यूरो, कन्नौज
Updated Wed, 07 Jan 2015 12:05 AM IST
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धूप के चटख होने के साथ ही कचहरी का सियासी पारा भी चढ़ने लगा है। मंगलवार को गुनगुनी धूप के बीच कन्नौज बार एसोसिएशन के चुनावी घमासान भी तेज दिखा। एसोसिएशन के उम्मीदवार साथी अधिवक्ताओं को अपने खेमे में करने की हर संभव कोशिश में जुटे नजर आए।
वे साथी अधिवक्ताओं की मनुहार करने में जुटे रहे। अध्यक्ष पद पर चार उम्मीदवार होने से कांटे का मुकाबला बना हुआ है। वहीं कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर तीन उम्मीदवार लड़ाई को त्रिकोणीय बना रहे हैं।
बार एसोसिएशन का चुनाव नौ जनवरी को होना है। अध्यक्ष पद पर प्रकाशचंद्र अग्रवाल, रवींद्र सिंह यादव, रामेंद्र त्रिवेदी व हाजी फहीम जमा खां अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। जातीय आधार पर चारों उम्मीदवारों की अपनी-अपनी गणित है। बार एसोसिएशन के चुनाव में जातिगत समीकरण के हावी न होने की दुहाई सभी उम्मीदवार दे रहे हैं, लेकिन अंदरखाने की रणनीति में इसे जीत का सबसे कारगर हथियार माना जा रहा है।
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यही वजह है कि चारों उम्मीदवार खुद को सबसे आगे बताते हुए संपर्क अभियान में जुटे हुए हैं। दिनभर कचहरी परिसर में घूम-घूमकर साथी अधिवक्ताओं से रिश्तों, मेल-मिलाप व सहयोग की दुहाई देकर अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं।
इसी तरह कनिष्क उपाध्यक्ष द्वितीय पद पर भी भूपेंद्र सिंह तोमर, पुष्पेंद्र कुमार कटियार, खान मुस्तफा ने जीत को लेकर विरोधियों को अपने गुट में मिलाने का अभियान छेड़ रखा है। प्रत्याशी अपनी जीत की दावेदारी के लिए आंकड़ेबाजी भी पेश कर जुगाड़ व जोर आजमाइश में पूरी तरह से जुट गए हैं।
जबकि महासचिव पद पर इंतखाब आलम व राजेश कुमार गुप्ता अपनी-अपनी जीत का दावा पेश कर रहे हैं। सहसचिव (प्रशासन) पद पर भी रामसच्चे यादव व अनुराग अवस्थी के बीच सीधी लड़ाई है। इसके अलावा कार्यकारिणी के कनिष्क सदस्य के छह पदों पर अखिलेख कुमार यादव, सरोज कुमार, उबैदुल हसन हाशमी, सर्वेश कुमार त्रिवेदी, अवधेश कुमार पाल, मोहित वर्मा, मुशीर अहमद, वीरेंद्र कुमार दावेदारी पेश कर रहे हैं।
उधर अधिवक्ता भी किसी से बैर न हो, इसके लिए सभी उम्मीदवारों को वोट देने का भरोसा दे रहे हैं। इसके चलते उम्मीदवारों की बेचैनी बढ़ी है। मंगलवार को कचहरी परिसर में पूरे दिन चुनाव जैसा माहौल रहा। आते-जाते सदस्यों से भी उम्मीदवार पंपलेट व विजिटिंग कार्ड देकर उससे अपने पक्ष में मतदान की मनुहार करते नजर आए।
जारी हो रहे चुनाव घोषणापत्र
कन्नौज। कचहरी में नौ जनवरी को होने वाले मतदान को लेकर उम्मीदवार तमाम दावे व घोषणाएं कर रहे हैं। कुछ उम्मीदवारों ने अपने चुनाव घोेषणापत्र भी जारी कर दिए हैं। परिसर में लगे जगह-जगह चुनावी घोषणापत्र में कचहरी के दफ्तरों में की जा रही अवैध धन उगाही पर अविलंब अंकुश लगाने का भरोसा दिलाया जा रहा है।
इसके अलावा आवंटन में छूटे अधिवक्ताओं को चेंबर दिलाने, अधिवक्ताओं के लिए एलाट भूमि पर संचालित कैंटीन, साइकिल, फोटो स्टेट मशीन, पान, मसाला, बीड़ी आदि की दुकानों का ठेका एसोसिएशन द्वारा उठाया जाने व उस धन को बार के कोष में जमा कराने का भी दावा किया जा रहा है। किसी सदस्य पर आयी विपदा पर बार द्वारा आर्थिक मदद देने व न्यायिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर सदस्य को सम्मानित किए जाने का संकल्प लिया जा रहा है।
एक अधिवक्ता ऐसा भी...
वरिष्ठ अधिवक्ता शिवनरायण सैनी भले ही चुनाव में किसी पद पर दावेदारी न कर रहे हों, लेकिन अधिवक्ताओं को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका कहना है कि जो प्रत्याशी किसी राजनीतिक पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता या पदाधिकारी हो उसे सदस्यगण वोट न दें।
इसके अलावा जो अधिवक्ताओं के वकालतनामा का पैसा हड़प गया हो, थाने में दलाली करता हो, पद लोलुप हो, अधिवक्ताओं के विरूद्ध वकालतनामा दाखिल करता हो, जाति व धर्म पर चुनाव लड़ता हो या नियमित रूप से वकालत न करता हो, ऐसे उम्मीदवार का भी बायकाट करें।
वह उम्मीदवारों की तरह कचहरी परिसर में घूम-घूमकर साथियों से मार्मिक अपील कर रहे हैं। साथ ही चुनाव में साथी अधिवक्ताओं को सुझाव भी दे रहे हैं कि जो स्वच्छ छवि का उम्मीदवार हो उसके हित में मतदान करें। साथ ही चेंबरिंग या दलाली न करता हो, अधिवक्ताओं के हित के लिए सदैव तत्पर और अधिक से अधिक योगदान देने वाले को चुनकर योग्य उम्मीदवारों को पदाधिकारी बनाएं।
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चाटुकारों की बन आई
कन्नौज। चुनाव में नैया पार लगाने में प्रत्याशी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। चुनावी सरगर्मियों के बीच चाटुकारों की बल्ले-बल्ले हो गयी है। दिनभर हाय-हैलो के बाद कचहरी का टाइम खत्म होने के बाद भी उम्मीदवार के साथ घूमकर कन्वेशिंग कर रहे हैं। इसके लिए जेब खर्च के नाम पर या स्वादिष्ट पकवान पर भी प्रत्याशी की जेब ढीली करा रहे हैं।
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वे साथी अधिवक्ताओं की मनुहार करने में जुटे रहे। अध्यक्ष पद पर चार उम्मीदवार होने से कांटे का मुकाबला बना हुआ है। वहीं कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर तीन उम्मीदवार लड़ाई को त्रिकोणीय बना रहे हैं।
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बार एसोसिएशन का चुनाव नौ जनवरी को होना है। अध्यक्ष पद पर प्रकाशचंद्र अग्रवाल, रवींद्र सिंह यादव, रामेंद्र त्रिवेदी व हाजी फहीम जमा खां अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। जातीय आधार पर चारों उम्मीदवारों की अपनी-अपनी गणित है। बार एसोसिएशन के चुनाव में जातिगत समीकरण के हावी न होने की दुहाई सभी उम्मीदवार दे रहे हैं, लेकिन अंदरखाने की रणनीति में इसे जीत का सबसे कारगर हथियार माना जा रहा है।
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यही वजह है कि चारों उम्मीदवार खुद को सबसे आगे बताते हुए संपर्क अभियान में जुटे हुए हैं। दिनभर कचहरी परिसर में घूम-घूमकर साथी अधिवक्ताओं से रिश्तों, मेल-मिलाप व सहयोग की दुहाई देकर अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं।
इसी तरह कनिष्क उपाध्यक्ष द्वितीय पद पर भी भूपेंद्र सिंह तोमर, पुष्पेंद्र कुमार कटियार, खान मुस्तफा ने जीत को लेकर विरोधियों को अपने गुट में मिलाने का अभियान छेड़ रखा है। प्रत्याशी अपनी जीत की दावेदारी के लिए आंकड़ेबाजी भी पेश कर जुगाड़ व जोर आजमाइश में पूरी तरह से जुट गए हैं।
जबकि महासचिव पद पर इंतखाब आलम व राजेश कुमार गुप्ता अपनी-अपनी जीत का दावा पेश कर रहे हैं। सहसचिव (प्रशासन) पद पर भी रामसच्चे यादव व अनुराग अवस्थी के बीच सीधी लड़ाई है। इसके अलावा कार्यकारिणी के कनिष्क सदस्य के छह पदों पर अखिलेख कुमार यादव, सरोज कुमार, उबैदुल हसन हाशमी, सर्वेश कुमार त्रिवेदी, अवधेश कुमार पाल, मोहित वर्मा, मुशीर अहमद, वीरेंद्र कुमार दावेदारी पेश कर रहे हैं।
उधर अधिवक्ता भी किसी से बैर न हो, इसके लिए सभी उम्मीदवारों को वोट देने का भरोसा दे रहे हैं। इसके चलते उम्मीदवारों की बेचैनी बढ़ी है। मंगलवार को कचहरी परिसर में पूरे दिन चुनाव जैसा माहौल रहा। आते-जाते सदस्यों से भी उम्मीदवार पंपलेट व विजिटिंग कार्ड देकर उससे अपने पक्ष में मतदान की मनुहार करते नजर आए।
जारी हो रहे चुनाव घोषणापत्र
कन्नौज। कचहरी में नौ जनवरी को होने वाले मतदान को लेकर उम्मीदवार तमाम दावे व घोषणाएं कर रहे हैं। कुछ उम्मीदवारों ने अपने चुनाव घोेषणापत्र भी जारी कर दिए हैं। परिसर में लगे जगह-जगह चुनावी घोषणापत्र में कचहरी के दफ्तरों में की जा रही अवैध धन उगाही पर अविलंब अंकुश लगाने का भरोसा दिलाया जा रहा है।
इसके अलावा आवंटन में छूटे अधिवक्ताओं को चेंबर दिलाने, अधिवक्ताओं के लिए एलाट भूमि पर संचालित कैंटीन, साइकिल, फोटो स्टेट मशीन, पान, मसाला, बीड़ी आदि की दुकानों का ठेका एसोसिएशन द्वारा उठाया जाने व उस धन को बार के कोष में जमा कराने का भी दावा किया जा रहा है। किसी सदस्य पर आयी विपदा पर बार द्वारा आर्थिक मदद देने व न्यायिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर सदस्य को सम्मानित किए जाने का संकल्प लिया जा रहा है।
एक अधिवक्ता ऐसा भी...
वरिष्ठ अधिवक्ता शिवनरायण सैनी भले ही चुनाव में किसी पद पर दावेदारी न कर रहे हों, लेकिन अधिवक्ताओं को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका कहना है कि जो प्रत्याशी किसी राजनीतिक पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता या पदाधिकारी हो उसे सदस्यगण वोट न दें।
इसके अलावा जो अधिवक्ताओं के वकालतनामा का पैसा हड़प गया हो, थाने में दलाली करता हो, पद लोलुप हो, अधिवक्ताओं के विरूद्ध वकालतनामा दाखिल करता हो, जाति व धर्म पर चुनाव लड़ता हो या नियमित रूप से वकालत न करता हो, ऐसे उम्मीदवार का भी बायकाट करें।
वह उम्मीदवारों की तरह कचहरी परिसर में घूम-घूमकर साथियों से मार्मिक अपील कर रहे हैं। साथ ही चुनाव में साथी अधिवक्ताओं को सुझाव भी दे रहे हैं कि जो स्वच्छ छवि का उम्मीदवार हो उसके हित में मतदान करें। साथ ही चेंबरिंग या दलाली न करता हो, अधिवक्ताओं के हित के लिए सदैव तत्पर और अधिक से अधिक योगदान देने वाले को चुनकर योग्य उम्मीदवारों को पदाधिकारी बनाएं।
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चाटुकारों की बन आई
कन्नौज। चुनाव में नैया पार लगाने में प्रत्याशी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। चुनावी सरगर्मियों के बीच चाटुकारों की बल्ले-बल्ले हो गयी है। दिनभर हाय-हैलो के बाद कचहरी का टाइम खत्म होने के बाद भी उम्मीदवार के साथ घूमकर कन्वेशिंग कर रहे हैं। इसके लिए जेब खर्च के नाम पर या स्वादिष्ट पकवान पर भी प्रत्याशी की जेब ढीली करा रहे हैं।