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अभद्रता पर आशा ने जिला अस्पताल में काटा हंगामा, बच्चे को भर्ती करने के नाम पर 2000 रुपये मांगने का लगाया आरोप
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जिला अस्पताल में एसएनसीयू के सामने हंगामा करतीं आशा, मौजूद सीएमएस व अन्य।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। जिला अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात को भर्ती करने के लिए कर्मचारियों पर दो हजार रुपये मांगने का आरोप लगा है। रुपये न देने पर बच्चे को भर्ती करने से मना कर दिया गया। आशा कार्यकर्ता के वार्ड में जाने पर अभद्रता कर दी गई। इससे नाराज आशा कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल में हंगामा काटा। सीएमएस(मुख्य चिकित्सा अधीक्षक) के कार्रवाई के आश्वासन पर आशा कार्यकर्ता शांत र्हुइं।
जिला अस्पताल की महिला विंग के एसएनसीयू (सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट) में आशा कार्यकर्ता रानी नवजात की हालत खराब होने पर उसके परिजनों के साथ 19 मार्च को आई थीं। आरोप है कि वार्ड में मौजूद कर्मचारी वीरेंद्र, बृजेंद्र, मंजू, रश्मि, सोनी व शशी ने बच्चे के परिजनों से दो हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर भर्ती करने से मना कर दिया। रानी ने एसएनसीयू वार्ड में जाने का प्रयास किया तो कर्मचारियों ने रोक दिया। अभद्रता कर दी। इससे नाराज एक सैकड़ा के करीब आशा कार्यकर्ता जिला अस्पताल की एसएनसीयू के सामने पहुंच गईं। इन्होंने वार्ड के सामने नारेबाजी शुरू कर दी।
हंगामे की जानकारी पर सीएमएस डॉ. शक्ति बसु और बाबू दिलीप बाजपेई पहुंच गए। सीएमएस ने आशा को समझाने का प्रयास किया। इस पर यह कर्मचारियों को बुलाने की मांग करने लगीं। आरोपी कर्मचारियों के ड्यूटी पर न होने से यह नहीं मिले। इसके बाद सीएमएस आशा एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष रानी और पदाधिकारियों को लेकर अपने कार्यालय पहुंचे। यहां एक घंटे वार्ता हुई। इसके बाद निर्णय हुआ कि कर्मचारियों को चेतावनी नोटिस जारी किया जाएगा। इससे कि वह आगे किसी से अभद्रता न कर सकें। करीब दो घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन और हंगामे से अस्पताल में अफरा तफरी रही। सीएमएस का कहना है कि कर्मचारियों को चेतावनी दी जाएगी। दोबारा इस तरह की शिकायत मिली तो कार्रवाई होगी।
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जिला अस्पताल की महिला विंग के एसएनसीयू (सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट) में आशा कार्यकर्ता रानी नवजात की हालत खराब होने पर उसके परिजनों के साथ 19 मार्च को आई थीं। आरोप है कि वार्ड में मौजूद कर्मचारी वीरेंद्र, बृजेंद्र, मंजू, रश्मि, सोनी व शशी ने बच्चे के परिजनों से दो हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर भर्ती करने से मना कर दिया। रानी ने एसएनसीयू वार्ड में जाने का प्रयास किया तो कर्मचारियों ने रोक दिया। अभद्रता कर दी। इससे नाराज एक सैकड़ा के करीब आशा कार्यकर्ता जिला अस्पताल की एसएनसीयू के सामने पहुंच गईं। इन्होंने वार्ड के सामने नारेबाजी शुरू कर दी।
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हंगामे की जानकारी पर सीएमएस डॉ. शक्ति बसु और बाबू दिलीप बाजपेई पहुंच गए। सीएमएस ने आशा को समझाने का प्रयास किया। इस पर यह कर्मचारियों को बुलाने की मांग करने लगीं। आरोपी कर्मचारियों के ड्यूटी पर न होने से यह नहीं मिले। इसके बाद सीएमएस आशा एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष रानी और पदाधिकारियों को लेकर अपने कार्यालय पहुंचे। यहां एक घंटे वार्ता हुई। इसके बाद निर्णय हुआ कि कर्मचारियों को चेतावनी नोटिस जारी किया जाएगा। इससे कि वह आगे किसी से अभद्रता न कर सकें। करीब दो घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन और हंगामे से अस्पताल में अफरा तफरी रही। सीएमएस का कहना है कि कर्मचारियों को चेतावनी दी जाएगी। दोबारा इस तरह की शिकायत मिली तो कार्रवाई होगी।
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