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आसमान से बरसी आग, पारा 43 डिग्री पहुंचा
Mon, 27 May 2019 11:58 PM IST
प्रतीक दुबे
kannauj
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Published by: प्रतीक दुबे
Updated Mon, 27 May 2019 11:58 PM IST
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पानी पीता युवक।
- फोटो : amarujala
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भीषण गर्मी ने लोगों का बुरा हाल कर दिया है। दिन निकलते ही सूरज झुलसाने लगता है। गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। सोमवार को न्यूनतम 26 व अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा।
रोजाना बढ़ रही गर्मी से लोग परेशान हैं। सोमवार को भीषण गर्मी से लोग बेहाल रहे। दोपहर को बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। उमस से पसीना नहीं सूख रहा था। लोग पानी पीकर राहत महसूस करने की कोशिश कर रहे थे। चिकित्सकों ने शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए रोजाना दो से तीन लीटर पानी पीने की सलाह दी है।
चिकित्सकों के मुताबिक किडनी रोग से ग्रस्त लोग प्रतिदिन कम से कम छह से आठ लीटर पानी पीएं। शरीर में पानी कम होने से रक्त गाढ़ा होने लगता है। उच्च रक्तचाप हो जाता है। शरीर के कुछ महत्वपूर्ण अंग विशेषकर दिमाग तक खून की आपूर्ति ठप पड़ जाती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति कोमा में चला जाता है। शरीर के अंग कुछ क्षणों में काम करना बंद कर देते हैं। इससे मृत्यु भी हो सकती है। फिजीशियन डा. वीके शुक्ला के मुताबिक गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी से कारण चक्कर आना आम बात है। कई बार लोग बेहोश तक हो जाते हैं। शरीर ठंडा पड़ने लगता है। समस्या गंभीर रूप ले लेती है। ऐसे में लोगों को चिकित्सकों से संपर्क करना चाहिए। अल्ट्रा वॉयलेट किरणों के संपर्क में आने से सनबर्न त्वचा कैंसर का रूप ले लेता है। ऐसे में घर से निकलने से पूर्व सनस्क्रीन का प्रयोग करें।
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ऐसे रखें ख्याल
घर से पानी पीकर निकलें। पानी की बोतल हमेशा साथ रखें। शरीर को ढक कर या छाता लेकर निकलें। इससे कि शरीर में नमी की कमी न हो। चक्कर महसूस होने पर पानी में ओआरएस मिलाकर पीएं। प्यास लगने पर कहीं भी पानी पीने से बचें। रक्तचाप पर नजर रखें। ठंडे पानी से नहाएं। ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचें। खाने में तेल व मसाले का कम से कम प्रयोग करें। बाहर का खाना खाने से परहेज करें। अधिक मात्रा में पानी, सलाद, फल, दही, लस्सी, छाछ, नीबू पानी, नारियल पानी आदि का सेवन करें, इससे कि शरीर में पानी की कमी न हो। इस मौसम में आंवला, एलोवेरा, कीवी, अंगूर, संतरा का सेवन काफी लाभकारी होता है। अपने आसपास साफ-सफाई का भी ख्याल रखें।
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रोजाना बढ़ रही गर्मी से लोग परेशान हैं। सोमवार को भीषण गर्मी से लोग बेहाल रहे। दोपहर को बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। उमस से पसीना नहीं सूख रहा था। लोग पानी पीकर राहत महसूस करने की कोशिश कर रहे थे। चिकित्सकों ने शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए रोजाना दो से तीन लीटर पानी पीने की सलाह दी है।
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चिकित्सकों के मुताबिक किडनी रोग से ग्रस्त लोग प्रतिदिन कम से कम छह से आठ लीटर पानी पीएं। शरीर में पानी कम होने से रक्त गाढ़ा होने लगता है। उच्च रक्तचाप हो जाता है। शरीर के कुछ महत्वपूर्ण अंग विशेषकर दिमाग तक खून की आपूर्ति ठप पड़ जाती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति कोमा में चला जाता है। शरीर के अंग कुछ क्षणों में काम करना बंद कर देते हैं। इससे मृत्यु भी हो सकती है। फिजीशियन डा. वीके शुक्ला के मुताबिक गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी से कारण चक्कर आना आम बात है। कई बार लोग बेहोश तक हो जाते हैं। शरीर ठंडा पड़ने लगता है। समस्या गंभीर रूप ले लेती है। ऐसे में लोगों को चिकित्सकों से संपर्क करना चाहिए। अल्ट्रा वॉयलेट किरणों के संपर्क में आने से सनबर्न त्वचा कैंसर का रूप ले लेता है। ऐसे में घर से निकलने से पूर्व सनस्क्रीन का प्रयोग करें।
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ऐसे रखें ख्याल
घर से पानी पीकर निकलें। पानी की बोतल हमेशा साथ रखें। शरीर को ढक कर या छाता लेकर निकलें। इससे कि शरीर में नमी की कमी न हो। चक्कर महसूस होने पर पानी में ओआरएस मिलाकर पीएं। प्यास लगने पर कहीं भी पानी पीने से बचें। रक्तचाप पर नजर रखें। ठंडे पानी से नहाएं। ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचें। खाने में तेल व मसाले का कम से कम प्रयोग करें। बाहर का खाना खाने से परहेज करें। अधिक मात्रा में पानी, सलाद, फल, दही, लस्सी, छाछ, नीबू पानी, नारियल पानी आदि का सेवन करें, इससे कि शरीर में पानी की कमी न हो। इस मौसम में आंवला, एलोवेरा, कीवी, अंगूर, संतरा का सेवन काफी लाभकारी होता है। अपने आसपास साफ-सफाई का भी ख्याल रखें।