{"_id":"6257128d21184626d8317560","slug":"aag-adhikari-damkal-kannauj-news-knp6910555123","type":"story","status":"publish","title_hn":"2480 स्कूल, 280 इत्र कारखानें, 130 कोल्ड स्टोर असुरक्षित, आग से बचाव की सुविधा नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2480 स्कूल, 280 इत्र कारखानें, 130 कोल्ड स्टोर असुरक्षित, आग से बचाव की सुविधा नहीं
विज्ञापन
फोटो:08: शहर के लाखन तिराहा पर लगा जाम। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कन्नौज। गर्मी बढ़ते ही आगजनी की घटनाएं बढ़ चुकी हैं। शहर से कस्बे तक के स्कूल, कॉलेज, इत्र कारखाने, कोल्ड स्टोर, होटल, दुकान, रेस्टोरेंट और अस्पताल सुरक्षित नहीं हैं। अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट बताती है कि जिले की करीब 3000 इमारतों में नहीं आग से बचने के इंतजाम। कई इमारतें तो शहर की तंग गलियों के बीच हैं, जहां दमकल की गाड़ियां भी नहीं पहुंच सकती हैं।
जिले में 2500 से अधिक पब्लिक और सरकारी स्कूल हैं, इनमें सिर्फ 15 स्कूलों में अग्निशमन उपकरण हैं। शहर में छोटी- बड़े 300 इत्र के कारखाने हैं, जिनमें 280 कारखाने के पास फायर की एनओसी नहीं है। यहां करीब 140 कोल्ड स्टोर हैं, जिसमें केवल 10 के पास एनओसी है।
30 एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, कोचिंग सेंटर हैं, जिसमें एक के पास भी है अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है। शहर के 25 होटल-रेस्टोरेंट पूरी तरह से असुरक्षित हैं। कई होटल और रेस्टोरेंट ऐसे हैं, जहां पर न निकास द्वार है न सीढ़ी तक ठीक से नहीं है।
विज्ञापन
आग लगी तो बाहर निकलना मुश्किल होगा और अंदर बचाव के कोई साधन उपलब्ध नहीं हैं। यह हाल तब है, जब जिले में हर दिन चार से पांच जगहों पर छोटी-बड़ी आगजनी की घटनाएं हो रही हैं।
हैरान कर देने वाली बात यह है कि आए दिन आग की होने वाली घटनाओं से दमकल विभाग कोई सीख नहीं ले रहा है। ऐसे स्कूल और कॉलेज जहां रोज हजारों की संख्या बच्चे स्कूल पढ़ने के लिए आते हैं, उनके साथ खिलवाड़ हो रहा है।
यह जानते हुए भी अग्निशमन विभाग ने स्कूल के अलावा किसी इत्र कारखाने, कोल्ड स्टोर, होटल, रेस्टोरेंट और अस्पतालों को अब तक कोई नोटिस नहीं जारी किया है। इस भीषण गर्मी में कोई हादसा होता है तो ऐसे में जिम्मेदारी किसकी होगी।
कहीं पर आग से बचाव का साधन न होना बहुत ही संवेदनशील मामला है। क्योंकि, कन्नौज के शिक्षण संस्थानों में हमारे 80 हजार से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। इसलिए, जरूरी हो जाता है कि आग से बचाव की व्यवस्था की जाए।
- रेजिडेंशियल एरिया में कॉमर्शियल गतिविधि की अनुमति ली या नहीं।
- बिल्डिंग में स्टूडेंट्स के बैठने की पर्याप्त जगह है या नहीं।
- सीढ़ी-रैंप का निर्माण नियमों के तहत हुआ है या नहीं।
- कंप्लीशन सर्टिफिकेट है या नहीं।
- बिल्डिंग पास नक्शे के मुताबिक बनाई गई है या नहीं।
- ट्रेड लाइसेंस लिया है या नहीं।
- बिल्डिंग में एयर वेंटिलेशन या ड्रेनेज सिस्टम है या नहीं।
- बिल्डिंग निर्माण चौड़ी या उचित सड़क किनारे हुआ है या नहीं।
- हाईटेंशन बिजली लाइन के नजदीक बिल्डिंग है या नहीं।
अभियान चलाकर स्कूलों के साथ ही बाजारों और अन्य भीड़भाड़ जगहों पर स्थित होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट पर अग्निशमन यंत्र लगाने का काम किया जाएगा।
- एमपी सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
विज्ञापन
जिले में 2500 से अधिक पब्लिक और सरकारी स्कूल हैं, इनमें सिर्फ 15 स्कूलों में अग्निशमन उपकरण हैं। शहर में छोटी- बड़े 300 इत्र के कारखाने हैं, जिनमें 280 कारखाने के पास फायर की एनओसी नहीं है। यहां करीब 140 कोल्ड स्टोर हैं, जिसमें केवल 10 के पास एनओसी है।
विज्ञापन
30 एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, कोचिंग सेंटर हैं, जिसमें एक के पास भी है अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है। शहर के 25 होटल-रेस्टोरेंट पूरी तरह से असुरक्षित हैं। कई होटल और रेस्टोरेंट ऐसे हैं, जहां पर न निकास द्वार है न सीढ़ी तक ठीक से नहीं है।
विज्ञापन
आग लगी तो बाहर निकलना मुश्किल होगा और अंदर बचाव के कोई साधन उपलब्ध नहीं हैं। यह हाल तब है, जब जिले में हर दिन चार से पांच जगहों पर छोटी-बड़ी आगजनी की घटनाएं हो रही हैं।
हैरान कर देने वाली बात यह है कि आए दिन आग की होने वाली घटनाओं से दमकल विभाग कोई सीख नहीं ले रहा है। ऐसे स्कूल और कॉलेज जहां रोज हजारों की संख्या बच्चे स्कूल पढ़ने के लिए आते हैं, उनके साथ खिलवाड़ हो रहा है।
यह जानते हुए भी अग्निशमन विभाग ने स्कूल के अलावा किसी इत्र कारखाने, कोल्ड स्टोर, होटल, रेस्टोरेंट और अस्पतालों को अब तक कोई नोटिस नहीं जारी किया है। इस भीषण गर्मी में कोई हादसा होता है तो ऐसे में जिम्मेदारी किसकी होगी।
कहीं पर आग से बचाव का साधन न होना बहुत ही संवेदनशील मामला है। क्योंकि, कन्नौज के शिक्षण संस्थानों में हमारे 80 हजार से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। इसलिए, जरूरी हो जाता है कि आग से बचाव की व्यवस्था की जाए।
- रेजिडेंशियल एरिया में कॉमर्शियल गतिविधि की अनुमति ली या नहीं।
- बिल्डिंग में स्टूडेंट्स के बैठने की पर्याप्त जगह है या नहीं।
- सीढ़ी-रैंप का निर्माण नियमों के तहत हुआ है या नहीं।
- कंप्लीशन सर्टिफिकेट है या नहीं।
- बिल्डिंग पास नक्शे के मुताबिक बनाई गई है या नहीं।
- ट्रेड लाइसेंस लिया है या नहीं।
- बिल्डिंग में एयर वेंटिलेशन या ड्रेनेज सिस्टम है या नहीं।
- बिल्डिंग निर्माण चौड़ी या उचित सड़क किनारे हुआ है या नहीं।
- हाईटेंशन बिजली लाइन के नजदीक बिल्डिंग है या नहीं।
अभियान चलाकर स्कूलों के साथ ही बाजारों और अन्य भीड़भाड़ जगहों पर स्थित होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट पर अग्निशमन यंत्र लगाने का काम किया जाएगा।
- एमपी सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी