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आवंटन 240 का, रहते मिले 176
Kannauj
Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
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कन्नौज। जरा कांशीराम कालोनी अकबरपुर सरायघाघ पश्चिमी से रूबरू हो लीजिए। इस कालोनी में 240 आवासों का आवंटन है। अपर जिलाधिकारी ने जिला पिछड़ा वर्ग विभाग से जांच कराई तो 176 लोग रहते हुए पाए गए। 9 कालोनियों में संबंधितों के रिश्तेदार व अन्य लोग रह रहे हैं। आधा दर्जन कालोनियों में ताला लटका पाया गया। विभाग ने जांच रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी को सौंप दी है। आवासों में न रहने वाले व दूसरे को अपने आवास की चाबी सौंपने वालों के खिलाफ कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
जिला मुख्यालय पर पूर्व सरकार ने लगभग आधा दर्जन स्थानों पर कांशीराम कालोनियों का निर्माण कराया। नगर पालिका के माध्यम से गरीब लोगों को इनका आवंटन कराया गया। इस दौरान कांशीराम कालोनियों का आवंटन तमाम ऐसे लोगों के नाम हो गया है, जिनके खुद के मकान हैं। इन कालोनियों में उनके द्वारा रिश्तेदारों व मिलने वालों को रख दिया गया। वहीं कुछ कालोनियां आवंटन के बाद से बंद हैं। प्रशासन को जब इसकी भनक लगी तो अपर जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित करके इनकी जांच कराई। कांशीराम कालोनी अकबरपुर सरायघाघ पश्चिमी की जांच जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी यश कुमार वर्मा ने की। इसमें पाया गया कि 176 लोग कालोनियों में रह रहे हैं। 9 कालोनियों में दूसरे लोग रहते है। आधा दर्जन में ताले लटके पाए गए। कांशीराम कालोनियों में नियमित सफाई न होने से गंदगी का भी साम्राज्य व्याप्त है। तमाम खामियों को अब तक नहीं सुधारा जा सका। मामले की रिपोर्ट एडीएम को सौंपी गई है।
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जिला मुख्यालय पर पूर्व सरकार ने लगभग आधा दर्जन स्थानों पर कांशीराम कालोनियों का निर्माण कराया। नगर पालिका के माध्यम से गरीब लोगों को इनका आवंटन कराया गया। इस दौरान कांशीराम कालोनियों का आवंटन तमाम ऐसे लोगों के नाम हो गया है, जिनके खुद के मकान हैं। इन कालोनियों में उनके द्वारा रिश्तेदारों व मिलने वालों को रख दिया गया। वहीं कुछ कालोनियां आवंटन के बाद से बंद हैं। प्रशासन को जब इसकी भनक लगी तो अपर जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित करके इनकी जांच कराई। कांशीराम कालोनी अकबरपुर सरायघाघ पश्चिमी की जांच जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी यश कुमार वर्मा ने की। इसमें पाया गया कि 176 लोग कालोनियों में रह रहे हैं। 9 कालोनियों में दूसरे लोग रहते है। आधा दर्जन में ताले लटके पाए गए। कांशीराम कालोनियों में नियमित सफाई न होने से गंदगी का भी साम्राज्य व्याप्त है। तमाम खामियों को अब तक नहीं सुधारा जा सका। मामले की रिपोर्ट एडीएम को सौंपी गई है।
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