{"_id":"75423","slug":"Kannauj-75423-35","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकायतों की अनदेखी पर भड़कीं डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकायतों की अनदेखी पर भड़कीं डीएम
Kannauj
Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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कन्नौज। सरकारी महकमों की कार्यशैली का बुरा हाल है। तब और आश्चर्य होता है जब मातहत अपने शीर्ष अधिकारी (जिलाधिकारी) के आदेशों को ही झटके में नजरअंदाज कर अपने में मशगूल हो जाते हैं। अफसरों की काहिली की पोल तब खुली जब जिलाधिकारी ने देखा कि उनके पास आए प्रार्थनापत्र संबंधित विभागों को प्रेषित करने के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिए गए।
उल्लेखनीय है कि रोजाना सुबह 10 से 12 बजे के बीच जिलाधिकारी के समक्ष पेश होकर गुहार लगाने वालों को न्याय समय से नहीं मिल रहा है। जब डीएम ने लंबित शिकायतों का हाल जानने के लिए समीक्षा की तो अफसरों की इस हीलाहवाली की पोल खुली। जनता की अनदेखी पर भड़कीं कलेक्टर सेल्वा कुमारी जे ने हाकिमों को कड़ी चिट्ठी भेजकर जवाब-तलब किया है। चेतावनी दी है कि कामकाज का ढर्रा सुधार लें या फिर कठोर कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें।
डीएम की तरफ से जारी पत्र के अनुसार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, तहसीलदार तिर्वा, जिला प्रोवेशन अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, खंड विकास अधिकारी गुगरापुर, छिबरामऊ व हसेरन, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जनभेंट के दौरान आने वाली शिकायतों को निस्तारित नहीं किया है। कई शिकायतें अरसे से इन अफसरों के पास लंबित हैं।
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इस संबंध में डीएम की तरफ से कई बार निर्देश देकर सचेत भी किया गया। इसके बावजूद सभी शिकायतों को हल करके निस्तारण आख्या कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई गई। अफसरों को पर्याप्त समय दिए जाने के बाद भी इन अधिकारियों ने जन शिकायतों का समाधान कराने में कोई रुचि नहीं ली गई, जबकि सभी को पता है कि जन समस्याओं का त्वरित गति से निर्धारित समय अवधि में शत-प्रतिशत समाधान करना शासन की प्राथमिकता है। डीएम ने अब तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि तीन दिन में सभी लंबित शिकायतों को हल कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। जो ऐसा नहीं करेगा उसके रवैये को गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रतिकूल कार्रवाई कर दी जाएगी। चिट्ठी की प्रति एसपी, सीडीओ, एसडीएम को भेजकर शिकायतों की सूची भी भेजी गई है। इस मुद्दे पर व्यक्तिगत ध्यान देने को कहा गया है।
शिकायतों में विकास, घूसखोरी के मामले
कन्नौज। सुनील गुप्ता जिला संयोजक वैश्य समाज की मिडडेमील, प्रधानाध्यापक आदर्श जनता विद्यालय अंतपुर पूराराय की छात्रवृत्ति वितरण की जांच कराने, काजीपुरवा रितुकाला के लोगों की नाली व खड़ंजा बनाने, बरौली सिरखनेपुर की प्रधान रमाकांती दिवाकर की फरजी शिक्षा मित्र की जांच कराने, महसैंया उमर्दा के रोजगार सेवक प्रमाद कुमार की सचिव द्वारा बरती गईं अनियमितताओं की जांच कराने, किसनपुर बसंतपुर के सदन गोपाल की स्मार्ट कार्ड गलत बनाने, आनंद प्रकाश निवासी महसैंया की क्रेडिट कार्ड में कमीशन मांगने, रघुनाथ सिंह वर्मा निवासी रानी अवंतीबाई नगर की किसान इंटर कालेज में गलत नियुक्ति, राजेश कुमार की बाबी जेपी भदौरिया द्वारा प्रताड़ित करने, उदय प्रताप ब्लाक प्रमुख हसेरन की बनगवां में आंगनबाड़ी केंद्र अपूर्ण होने, सर्वेश कुमार निवासी माधौनगर विशुनगढ़ की कालोनी देने में रुपये मांगने, सोनकली निवासी गनेशपुर उमर्दा की जेई द्वारा ऊसर सुधार में पैसा लेने की जांच कराने की मांग को लेकर की गई शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई है। कई शिकायतें तो एक साल से ज्यादा (18 मार्च 2011 से लेकर अब तक) वक्त बीतने के बाद भी लंबित हैं।
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उल्लेखनीय है कि रोजाना सुबह 10 से 12 बजे के बीच जिलाधिकारी के समक्ष पेश होकर गुहार लगाने वालों को न्याय समय से नहीं मिल रहा है। जब डीएम ने लंबित शिकायतों का हाल जानने के लिए समीक्षा की तो अफसरों की इस हीलाहवाली की पोल खुली। जनता की अनदेखी पर भड़कीं कलेक्टर सेल्वा कुमारी जे ने हाकिमों को कड़ी चिट्ठी भेजकर जवाब-तलब किया है। चेतावनी दी है कि कामकाज का ढर्रा सुधार लें या फिर कठोर कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें।
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डीएम की तरफ से जारी पत्र के अनुसार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, तहसीलदार तिर्वा, जिला प्रोवेशन अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, खंड विकास अधिकारी गुगरापुर, छिबरामऊ व हसेरन, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जनभेंट के दौरान आने वाली शिकायतों को निस्तारित नहीं किया है। कई शिकायतें अरसे से इन अफसरों के पास लंबित हैं।
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इस संबंध में डीएम की तरफ से कई बार निर्देश देकर सचेत भी किया गया। इसके बावजूद सभी शिकायतों को हल करके निस्तारण आख्या कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई गई। अफसरों को पर्याप्त समय दिए जाने के बाद भी इन अधिकारियों ने जन शिकायतों का समाधान कराने में कोई रुचि नहीं ली गई, जबकि सभी को पता है कि जन समस्याओं का त्वरित गति से निर्धारित समय अवधि में शत-प्रतिशत समाधान करना शासन की प्राथमिकता है। डीएम ने अब तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि तीन दिन में सभी लंबित शिकायतों को हल कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। जो ऐसा नहीं करेगा उसके रवैये को गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रतिकूल कार्रवाई कर दी जाएगी। चिट्ठी की प्रति एसपी, सीडीओ, एसडीएम को भेजकर शिकायतों की सूची भी भेजी गई है। इस मुद्दे पर व्यक्तिगत ध्यान देने को कहा गया है।
शिकायतों में विकास, घूसखोरी के मामले
कन्नौज। सुनील गुप्ता जिला संयोजक वैश्य समाज की मिडडेमील, प्रधानाध्यापक आदर्श जनता विद्यालय अंतपुर पूराराय की छात्रवृत्ति वितरण की जांच कराने, काजीपुरवा रितुकाला के लोगों की नाली व खड़ंजा बनाने, बरौली सिरखनेपुर की प्रधान रमाकांती दिवाकर की फरजी शिक्षा मित्र की जांच कराने, महसैंया उमर्दा के रोजगार सेवक प्रमाद कुमार की सचिव द्वारा बरती गईं अनियमितताओं की जांच कराने, किसनपुर बसंतपुर के सदन गोपाल की स्मार्ट कार्ड गलत बनाने, आनंद प्रकाश निवासी महसैंया की क्रेडिट कार्ड में कमीशन मांगने, रघुनाथ सिंह वर्मा निवासी रानी अवंतीबाई नगर की किसान इंटर कालेज में गलत नियुक्ति, राजेश कुमार की बाबी जेपी भदौरिया द्वारा प्रताड़ित करने, उदय प्रताप ब्लाक प्रमुख हसेरन की बनगवां में आंगनबाड़ी केंद्र अपूर्ण होने, सर्वेश कुमार निवासी माधौनगर विशुनगढ़ की कालोनी देने में रुपये मांगने, सोनकली निवासी गनेशपुर उमर्दा की जेई द्वारा ऊसर सुधार में पैसा लेने की जांच कराने की मांग को लेकर की गई शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई है। कई शिकायतें तो एक साल से ज्यादा (18 मार्च 2011 से लेकर अब तक) वक्त बीतने के बाद भी लंबित हैं।