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एबीआरसी न हटाने पर जताई नाराजगी
Kannauj
Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
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कन्नौज। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने ब्लाक संसाधन केंद्रों व न्याय पंचायत संसाधन केंद्रों के पुनर्गठन के संबंध में फरवरी महीने में जारी पत्र को निरस्त कर दिया है। इस आशय का पत्र जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजा है। शिक्षक संघ ने इसका पालन न होने व एबीआरसी को हटाने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदय नरायन सिंह यादव ने बताया कि 10 फरवरी 2011 को पत्र भेजकर राज्य परियोजना कार्यालय ने बीआरसी, एनपीआरसी के पुनर्गठन के निर्देश भेजे थे। इसी आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग ने बीआरसी स्तर पर पांच-पांच एबीआरसी का चयन कर लिया। मनमाने तरीके से किए गए चयन के इस मुद्दे पर सुनील दत्त ने रिट याचिका दायर की। इसमें उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने शासनादेश को निरस्त कर दिया। इसी के बाद राज्य परियोजना निदेशक पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बीएसए को पत्र भेजकर पुनर्गठन की कार्रवाई को निरस्त कर दिया है।
उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों का तत्काल पालन किया जाए। मौजूदा समय में जो एबीआरसी हैं उनका काम करने का कोई औचित्य नहीं है। बीएसए के स्तर से स्थिति स्पष्ट कर उचित कदम उठाए जाएं। यदि अब भी एबीआरसी को न हटाया गया तो यह नियम विरुद्ध होगा।
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उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदय नरायन सिंह यादव ने बताया कि 10 फरवरी 2011 को पत्र भेजकर राज्य परियोजना कार्यालय ने बीआरसी, एनपीआरसी के पुनर्गठन के निर्देश भेजे थे। इसी आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग ने बीआरसी स्तर पर पांच-पांच एबीआरसी का चयन कर लिया। मनमाने तरीके से किए गए चयन के इस मुद्दे पर सुनील दत्त ने रिट याचिका दायर की। इसमें उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने शासनादेश को निरस्त कर दिया। इसी के बाद राज्य परियोजना निदेशक पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बीएसए को पत्र भेजकर पुनर्गठन की कार्रवाई को निरस्त कर दिया है।
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उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों का तत्काल पालन किया जाए। मौजूदा समय में जो एबीआरसी हैं उनका काम करने का कोई औचित्य नहीं है। बीएसए के स्तर से स्थिति स्पष्ट कर उचित कदम उठाए जाएं। यदि अब भी एबीआरसी को न हटाया गया तो यह नियम विरुद्ध होगा।
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