{"_id":"35-201872","slug":"Kannauj-201872-35","type":"story","status":"publish","title_hn":"..अगर डूब गए तो किधर जाएंगे!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
..अगर डूब गए तो किधर जाएंगे!
Kannauj
Updated Wed, 15 Oct 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
अमोलर/तालग्राम (कन्नौज)। कस्बे के चौखटा चौराहा स्थित हजरत कालन शहीद रहतुल्लाह अलैह के 31वें सालाना उर्स में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर देर रात तक चली जवाबी नातिया कव्वाली का अकीदतमंदों ने जमकर लुत्फ उठाया।
हिंदू-मुस्लिम एकता इंतजामिया कमेटी के तत्वावधान में सोमवार रात महफिले समां का आयोजन किया गया। दिल्ली से आए कव्वाल नौशाद साबरी ने मनकवत ‘मै हू वारिस का कलंदर..’ सुनाकर लोगों को वाहवाही करने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद गजल ‘न जाने वह किस हाल में होगी’ को भी काफी पसंद किया गया। इसके अलावा ‘बहते दरिया में उतर जाएंगे, डूब गए तो किधर जाएंगे’ गजल सुनकर सामईन की भीड़ ने नोटों की बारिश की। बरेली से आयी कव्वाला निकहत परवीन ने ‘मै तो ख्वाजा की जोगन हूं’ मनकवत पेश कर तारीफ बटोरी। उनकी ‘तुम किसी को अपना लेना, हम भी किसी को अपना लेंगे’ गजल को भी खूब सराहा गया। कानपुर से आए कव्वाल रऊफ चिश्ती ने मेरी नस-नस बोले नबी, नबी.. नात को सुनकर भीड़ झूम उठी। नगर पंचायत चेयरमैन दिनेश सिंह यादव ने महफिले समा का आगाज कराया। मंगलवार सुबह 4 बजे कुल शरीफ का आयोजन हुआ। इसमें हजारों अकीदतमंदों ने दरगाह पहुंचकर फातिहा पढ़ी और अमन-चैन की दुआ मांगी। परिसर में लगे मेले में महिलाओं व बच्चों ने जमकर खरीददारी की। रिजवान खां की निगरानी में लंगर बांटा गया। इसमें बाहर से आए जायरीनों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर निकवां के ग्रामप्रधान सतेंद्र यादव, एसजीआर महाविद्यालय के बाबू जितेंद्र, कुसुम चौहान, अशरफ मैनेजर, इखलाक वारसी, सदर तनवीर वारसी के अलावा कमेटी पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
हिंदू-मुस्लिम एकता इंतजामिया कमेटी के तत्वावधान में सोमवार रात महफिले समां का आयोजन किया गया। दिल्ली से आए कव्वाल नौशाद साबरी ने मनकवत ‘मै हू वारिस का कलंदर..’ सुनाकर लोगों को वाहवाही करने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद गजल ‘न जाने वह किस हाल में होगी’ को भी काफी पसंद किया गया। इसके अलावा ‘बहते दरिया में उतर जाएंगे, डूब गए तो किधर जाएंगे’ गजल सुनकर सामईन की भीड़ ने नोटों की बारिश की। बरेली से आयी कव्वाला निकहत परवीन ने ‘मै तो ख्वाजा की जोगन हूं’ मनकवत पेश कर तारीफ बटोरी। उनकी ‘तुम किसी को अपना लेना, हम भी किसी को अपना लेंगे’ गजल को भी खूब सराहा गया। कानपुर से आए कव्वाल रऊफ चिश्ती ने मेरी नस-नस बोले नबी, नबी.. नात को सुनकर भीड़ झूम उठी। नगर पंचायत चेयरमैन दिनेश सिंह यादव ने महफिले समा का आगाज कराया। मंगलवार सुबह 4 बजे कुल शरीफ का आयोजन हुआ। इसमें हजारों अकीदतमंदों ने दरगाह पहुंचकर फातिहा पढ़ी और अमन-चैन की दुआ मांगी। परिसर में लगे मेले में महिलाओं व बच्चों ने जमकर खरीददारी की। रिजवान खां की निगरानी में लंगर बांटा गया। इसमें बाहर से आए जायरीनों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर निकवां के ग्रामप्रधान सतेंद्र यादव, एसजीआर महाविद्यालय के बाबू जितेंद्र, कुसुम चौहान, अशरफ मैनेजर, इखलाक वारसी, सदर तनवीर वारसी के अलावा कमेटी पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन