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घर पर भी कर सकते हैं अनुष्ठान
Kannauj
Updated Mon, 15 Sep 2014 05:31 AM IST
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श्राद्ध पक्ष पर विशेष
श्राद्ध पक्ष के चलते 24 सितंबर तक रहेगी शुभ कार्य प्रतिबंधित
आचार्य बोले, पूर्वजों का तर्पण के जरिए सुदृढ़ होगा आत्मबल
शाहदीन कुरैशी
कन्नौज। श्राद्ध पक्ष का आगाज हो चुका है। इसमें लोग अपने पूर्वजों का तर्पण करेंगे। इस दौरान मांगलिक और शुभ समझे जाने वाले कार्यो पर 24 सितंबर तक रोक रहेगी।
मोहल्ला फर्श निवासी आचार्य पंडित करुणा शंकर पांडेय की मानें तो श्राद्ध पक्ष में कोई भी शुभ कार्य, विवाह नहीं होते हैं। यहां तक की नया कपड़ा भी नहीं खरीदा जाता है। वहीं दुकानों या प्रतिष्ठानों के शुभारंभ से भी परहेज किया जाता है। प्रतिदिन श्रद्धा पूर्वक पूर्वजों का तर्पण करें। जलदान व पिंडदान करें। इससे आत्मबल सुदृढ़ होता है। श्राद्ध पक्ष के अलावा भी अपने दैनिक नित्य कर्म में पूर्वजों द्वारा सुझाए गए रास्ते पर चलने की कोशिश करें। मोहल्ला चौहट्टा निवासी शशिशंकर तिवारी पप्पू पंडित का कहना है कि श्राद्ध पक्ष में यदि किसी तीर्थ स्थल, पवित्र नदी किनारे या संगम नहीं जा पा रहे हैं तो घर पर ही अनुष्ठान कर लाभ उठा सकते हैं। इसका लाभ भी बराबर मिलेगा। पितरों का तर्पण करना, पिंड दान करे व ब्राह्मण को भोजन कराएं। मोहल्ला सिपाही ठाकुर निवासी आचार्य राधाकृष्ण अग्निहोत्री की मानें तो श्राद्ध में देवताओं के लिए चावल, ऋषियों के लिए जौ व पितरों के लिए तिल का दान किया जाता है। देवताओं के लिए पूर्व, ऋषियों को उत्तर व पितरों को दक्षिण दिशा में जलदान किया जाता है। यह जल गमले में भी डाल सकते हैं। श्राद्ध पक्ष में सूर्य की किरणें पितर लोक में जाती हैं। इसलिए यह घर पर भी अनुष्ठान के जरिये पितरों का खुश किया जा सकता है।
इस प्रकार करें घर पर अनुष्ठान
-प्रतिदिन खीर बनाकर तैयार कर लें। इसमें मेवा मिलाएं।
-गाय के गोबर से बने कंडों को पूरी तरह जला लें।
-शुद्ध स्थान पर शुद्ध बर्तन में उस कंडे को रखकर खीर के साथ तीन आहुतियां दें।
-पास ही लोटा, गिलास या किसी पात्र में जल रखें।
-अगले दिन किसी वृक्ष की जड़ में सभी को डाल दें।
-भोजन में सर्वप्रथम गाय, काले कुत्ते, कौवे के लिए ग्रास अलग से निकाल लें। ब्राह्मण को भोजन कराकर स्वयं भोजन ग्रहण करें।
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श्राद्ध पक्ष के चलते 24 सितंबर तक रहेगी शुभ कार्य प्रतिबंधित
आचार्य बोले, पूर्वजों का तर्पण के जरिए सुदृढ़ होगा आत्मबल
शाहदीन कुरैशी
कन्नौज। श्राद्ध पक्ष का आगाज हो चुका है। इसमें लोग अपने पूर्वजों का तर्पण करेंगे। इस दौरान मांगलिक और शुभ समझे जाने वाले कार्यो पर 24 सितंबर तक रोक रहेगी।
मोहल्ला फर्श निवासी आचार्य पंडित करुणा शंकर पांडेय की मानें तो श्राद्ध पक्ष में कोई भी शुभ कार्य, विवाह नहीं होते हैं। यहां तक की नया कपड़ा भी नहीं खरीदा जाता है। वहीं दुकानों या प्रतिष्ठानों के शुभारंभ से भी परहेज किया जाता है। प्रतिदिन श्रद्धा पूर्वक पूर्वजों का तर्पण करें। जलदान व पिंडदान करें। इससे आत्मबल सुदृढ़ होता है। श्राद्ध पक्ष के अलावा भी अपने दैनिक नित्य कर्म में पूर्वजों द्वारा सुझाए गए रास्ते पर चलने की कोशिश करें। मोहल्ला चौहट्टा निवासी शशिशंकर तिवारी पप्पू पंडित का कहना है कि श्राद्ध पक्ष में यदि किसी तीर्थ स्थल, पवित्र नदी किनारे या संगम नहीं जा पा रहे हैं तो घर पर ही अनुष्ठान कर लाभ उठा सकते हैं। इसका लाभ भी बराबर मिलेगा। पितरों का तर्पण करना, पिंड दान करे व ब्राह्मण को भोजन कराएं। मोहल्ला सिपाही ठाकुर निवासी आचार्य राधाकृष्ण अग्निहोत्री की मानें तो श्राद्ध में देवताओं के लिए चावल, ऋषियों के लिए जौ व पितरों के लिए तिल का दान किया जाता है। देवताओं के लिए पूर्व, ऋषियों को उत्तर व पितरों को दक्षिण दिशा में जलदान किया जाता है। यह जल गमले में भी डाल सकते हैं। श्राद्ध पक्ष में सूर्य की किरणें पितर लोक में जाती हैं। इसलिए यह घर पर भी अनुष्ठान के जरिये पितरों का खुश किया जा सकता है।
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इस प्रकार करें घर पर अनुष्ठान
-प्रतिदिन खीर बनाकर तैयार कर लें। इसमें मेवा मिलाएं।
-गाय के गोबर से बने कंडों को पूरी तरह जला लें।
-शुद्ध स्थान पर शुद्ध बर्तन में उस कंडे को रखकर खीर के साथ तीन आहुतियां दें।
-पास ही लोटा, गिलास या किसी पात्र में जल रखें।
-अगले दिन किसी वृक्ष की जड़ में सभी को डाल दें।
-भोजन में सर्वप्रथम गाय, काले कुत्ते, कौवे के लिए ग्रास अलग से निकाल लें। ब्राह्मण को भोजन कराकर स्वयं भोजन ग्रहण करें।