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मिड-डे मील की गुणवत्ता चेक करे टास्क फोर्स
Kannauj
Updated Sun, 28 Jul 2013 05:33 AM IST
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कन्नौज। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एके यादव ने टास्क फोर्स में शामिल अधिकारियों को पत्र भेजकर मिड-डे मील की गुणवत्ता चेक करने का आह्वान किया है।
बीएसए ने भेजे पत्र में कहा है कि तीनों तहसीलों के नायब तहसीलदार, आठों विकास खंडों के खंड शिक्षा अधिकारी, तीनों तहसीलों के एसडीएम, समस्त सहायक विकास अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक और समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे महीने में कम से कम पांच स्कूल अवश्य चेक करें। इस दौरान वहां मिली कमियों का उल्लेख कर जांच आख्या भेजें, ताकि मिड-डे मील की गुणवत्ता में कोई कमी न रहने पाए।
बीएसए ने बताया कि जिले के सारे विकास खंडों के बीईओ को भी निर्देश दे दिए गए हैं कि वे टास्क फोर्स के सदस्य सचिव हैं। इसलिए वे टास्क फोर्स के सदस्यों की तरफ से भेजी गई निरीक्षण आख्या को संकलित करें। एसडीएम की अध्यक्षता में हर महीने बैठक बुलाएं। यह भी सुनिश्चित करें कि किसी भी स्कूल में तीन दिन से अधिक दिन तक मिड-डे मील व्यवस्था बाधित न रहने पाए। एसडीएम से अनुरोध किया गया है कि वे टास्क फोर्स के अध्यक्ष हैं, इसलिए अपने तहसील क्षेत्र के स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता की समीक्षा करा सुधार कराएं।
इसके अलावा सीएमओ, डीआईओएस, जिला कार्यक्रम अधिकारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी को भी मिड-डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए छापेमारी करने का आह्वान किया गया है।
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बीएसए ने भेजे पत्र में कहा है कि तीनों तहसीलों के नायब तहसीलदार, आठों विकास खंडों के खंड शिक्षा अधिकारी, तीनों तहसीलों के एसडीएम, समस्त सहायक विकास अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक और समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे महीने में कम से कम पांच स्कूल अवश्य चेक करें। इस दौरान वहां मिली कमियों का उल्लेख कर जांच आख्या भेजें, ताकि मिड-डे मील की गुणवत्ता में कोई कमी न रहने पाए।
बीएसए ने बताया कि जिले के सारे विकास खंडों के बीईओ को भी निर्देश दे दिए गए हैं कि वे टास्क फोर्स के सदस्य सचिव हैं। इसलिए वे टास्क फोर्स के सदस्यों की तरफ से भेजी गई निरीक्षण आख्या को संकलित करें। एसडीएम की अध्यक्षता में हर महीने बैठक बुलाएं। यह भी सुनिश्चित करें कि किसी भी स्कूल में तीन दिन से अधिक दिन तक मिड-डे मील व्यवस्था बाधित न रहने पाए। एसडीएम से अनुरोध किया गया है कि वे टास्क फोर्स के अध्यक्ष हैं, इसलिए अपने तहसील क्षेत्र के स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता की समीक्षा करा सुधार कराएं।
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इसके अलावा सीएमओ, डीआईओएस, जिला कार्यक्रम अधिकारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी को भी मिड-डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए छापेमारी करने का आह्वान किया गया है।
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