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Kannauj News: कथा का प्रसाद खाने से 62 लोग बीमार
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कन्नौज। ठठिया थाना क्षेत्र के ग्राम सिमुआपुर में शुक्रवार की देर रात धार्मिक आयोजन के दौरान प्रसाद को खाने से 62 लोग बीमार हो गए। देखते ही देखते पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सभी बीमार लोगों को जिला अस्पताल और मेडिकल काॅलेज में में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनका इलाज कर रही है।
सिमुआपुर गांव निवासी मन्नालाल कश्यप के घर पर सत्यनारायण कथा का आयोजन था। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार शामिल हुए थे। देर रात कथा के समापन के बाद वहां मौजूद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। अस्पताल में भर्ती ग्रामीणों ने बताया कि प्रसाद खाने के एक से दो घंटे बाद लोगों को पेट में दर्द, जी मिचलाने और तेज उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। शुरुआत में एक-दो बच्चों को उल्टी हुई।इसके बाद देखते ही देखते बीमारों की संख्या बढ़ने लगी और घरों में चीख-पुकार मच गई। 50 से 55 लोगों को अपनी चपेट में लेता देख ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना एंबुलेंस और स्थानीय प्रशासन को दी। निजी वाहनों और सरकारी एंबुलेंस की मदद से सभी मरीजों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
चिकित्सकों के अनुसार, शुरुआती जांच और लक्षणों को देखते हुए मामला पूरी तरह फूड प्वाइजनिंग का लग रहा है। फिलहाल सभी मरीजों को ड्रिप और आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अधिकांश मरीजों की हालत स्थिर है। वहीं दूसरी ओर, स्थानीय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है कि प्रसाद बनाने में किस दूषित सामग्री का उपयोग हुआ था।
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डॉक्टरों की अतिरिक्त टीम तैनात
आपातकालीन स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने तुरंत अतिरिक्त डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को काम पर लगा दिया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों में बच्चों और महिलाओं की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है।
वर्जन
फूड पॉइजनिंग के कारण लोग बीमार हुए हैं। सभी का इलाज किया जा रहा है। कोई गंभीर नहीं है।
- डॉ. अशोक प्रियदर्शी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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सिमुआपुर गांव निवासी मन्नालाल कश्यप के घर पर सत्यनारायण कथा का आयोजन था। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार शामिल हुए थे। देर रात कथा के समापन के बाद वहां मौजूद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। अस्पताल में भर्ती ग्रामीणों ने बताया कि प्रसाद खाने के एक से दो घंटे बाद लोगों को पेट में दर्द, जी मिचलाने और तेज उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। शुरुआत में एक-दो बच्चों को उल्टी हुई।इसके बाद देखते ही देखते बीमारों की संख्या बढ़ने लगी और घरों में चीख-पुकार मच गई। 50 से 55 लोगों को अपनी चपेट में लेता देख ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना एंबुलेंस और स्थानीय प्रशासन को दी। निजी वाहनों और सरकारी एंबुलेंस की मदद से सभी मरीजों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
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चिकित्सकों के अनुसार, शुरुआती जांच और लक्षणों को देखते हुए मामला पूरी तरह फूड प्वाइजनिंग का लग रहा है। फिलहाल सभी मरीजों को ड्रिप और आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अधिकांश मरीजों की हालत स्थिर है। वहीं दूसरी ओर, स्थानीय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है कि प्रसाद बनाने में किस दूषित सामग्री का उपयोग हुआ था।
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डॉक्टरों की अतिरिक्त टीम तैनात
आपातकालीन स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने तुरंत अतिरिक्त डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को काम पर लगा दिया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों में बच्चों और महिलाओं की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है।
वर्जन
फूड पॉइजनिंग के कारण लोग बीमार हुए हैं। सभी का इलाज किया जा रहा है। कोई गंभीर नहीं है।
- डॉ. अशोक प्रियदर्शी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक