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गड़बड़झाला: 202 गांवों के 7182 घरों तक नहीं पहुंची बिजली
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कन्नौज। जिले में सौभाग्य योजना में बड़ी लापरवाही सामने आई है। 202 गांवों के 7182 घरों में मीटर लगा दिए, कनेक्शन नहीं जोड़े गए। गोपनीय जांच में गड़बड़झाला सामने आने के बाद चीफ इंजीनियर ने नाराजगी जताई है। चीफ इंजीनियर के निर्देश पर एक्सईएन ने कार्यदायी संस्था को चेतावनी जारी की है। निर्देश दिए हैं कि 20 फरवरी तक इन घरों तक बिजली नहीं पहुंचती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिले के करीब 75 हजार लोगों को सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना के तहत गांवों के प्रत्येक घर में बिजली पहुंचाने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए अशोका विल्डकॉन कंपनी को ठेका दिया गया था। कार्यदायी संस्था ने काम को कई-कई छोटी-छोटी संस्थाओं को बांट दिया। बिजली विभाग ने कनेक्शन के लिए जो आवेदन मिले, उन्हें कार्यदायी संस्था को दे दिया। इससे कि आवेदकों को योजना का लाभ मिल सके। संस्था ने यहीं पर बड़ी लापरवाही कर दी। कंपनी के लोगों ने यह जांचने की जहमत नहीं उठाई कि आवेदक के घर में कनेक्शन हो रहा है या नहीं।
एक्सईएन के पास सौभाग्य योजना के तहत हो रहे काम की शिकायतें पहुंचने लगीं तो अधिकारी सतर्क हुए। अधिकारियों ने कंपनी के जिम्मेदारों को इससे अवगत कराया और नाराजगी भी जताई। कंपनी के लोगों ने अफसरों की नाराजगी को भी नजरअंदाज कर दिया। नतीजा यह रहा कि 202 गांवों के 7182 घरों में कनेक्शन देने का काम खानापूरी में निपट गया। कर्मचारियों ने घरों में मीटर तो टांग दिए, कनेक्शन नहीं जोड़े। चीफ इंजीनियर ने गोपनीय तरीके से जांच कराई तो मामला पकड़ में आ गया। 202 गांवों के 7182 घरों में बिजली नहीं पहुंची। जांच रिपोर्ट आने के बाद चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन शादाब अहमद को पत्र भेजकर 20 फरवरी तक हर हाल में संबंधित गांवों के घरों तक बिजली पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट भी मांगी है। तय तिथि तक कार्य पूर्ण न होने पर संस्था के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एक्सईएन ने कार्यदायी संस्था को चीफ इंजीनियर के निर्देशों से अवगत करा दिया है।
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दूर दराज के गांवों में हुआ खेल
सौभाग्य योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन देने के लक्ष्य की पूर्ति करने के लिए कर्मचारियों ने खूब मनमानी की। गांवों की जनता को गुमराह कर कागजों पर कनेक्शन जोड़ दिया। मीटर समेत अन्य उपकरण भी लगा दिए, लेकिन केबल को पोल से नहीं जोड़ा।
पोल से केबल बांधने के लिए लाइनमैन मांगते रुपये
सौभाग्य योजना के तहत नि:शुल्क बिजली कनेक्शन पाने वालों ने जांच के दौरान बताया है कि उन्होंने जब केबल को पोल से जुड़वाने के लिए लाइनमैन से संपर्क किया तो उन्होंने पैसों की मांग रखी। कुछ लोगों ने मजबूरी में दो सौ रुपये देकर केबल जुड़वाया।
बोले जिम्मेदार
कार्यदायी संस्था ने सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन देने में कई गांवों में लापरवाही बरती है। 7182 घर ऐसे मिले हैं जिनके घरों में मीटर लगाने के बाद केबल तो बांधा गया, पोल से कनेक्शन नहीं जोड़ा। चीफ इंजीनियर ने 202 गांवों के कनेक्शन धारकों की सूची पत्र के साथ भेजी है। 20 फरवरी तक सभी घरों में केबल न बांधा गया तो संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- शादाब अहमद, एक्सईएन कन्नौज।
गड़बड़झाला: 202 गांवों के 7182 घरों में नहीं पहुंची बिजली
चीफ इंजीनियर की गोपनीय जांच में सामने आई लापरवाही, मीटर टांगने के बाद नहीं जोड़ा केबल, योजना में लापरवाही पर चीफ इंजीनियर ने जताई नाराजगी, एक्सईएन ने कार्यदायी संस्था को दी चेतावनी, 20 फरवरी तक सभी कनेक्शन धारकों के यहां बिजली पहुंचाने के दिए निर्देश
प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना के तहत गांवों के प्रत्येक घर में बिजली पहुंचाने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए अशोका विल्डकॉन कंपनी को ठेका दिया गया था। कार्यदायी संस्था ने काम को कई-कई छोटी-छोटी संस्थाओं को बांट दिया। बिजली विभाग ने कनेक्शन के लिए जो आवेदन मिले, उन्हें कार्यदायी संस्था को दे दिया। इससे कि आवेदकों को योजना का लाभ मिल सके। संस्था ने यहीं पर बड़ी लापरवाही कर दी। कंपनी के लोगों ने यह जांचने की जहमत नहीं उठाई कि आवेदक के घर में कनेक्शन हो रहा है या नहीं।
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एक्सईएन के पास सौभाग्य योजना के तहत हो रहे काम की शिकायतें पहुंचने लगीं तो अधिकारी सतर्क हुए। अधिकारियों ने कंपनी के जिम्मेदारों को इससे अवगत कराया और नाराजगी भी जताई। कंपनी के लोगों ने अफसरों की नाराजगी को भी नजरअंदाज कर दिया। नतीजा यह रहा कि 202 गांवों के 7182 घरों में कनेक्शन देने का काम खानापूरी में निपट गया। कर्मचारियों ने घरों में मीटर तो टांग दिए, कनेक्शन नहीं जोड़े। चीफ इंजीनियर ने गोपनीय तरीके से जांच कराई तो मामला पकड़ में आ गया। 202 गांवों के 7182 घरों में बिजली नहीं पहुंची। जांच रिपोर्ट आने के बाद चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन शादाब अहमद को पत्र भेजकर 20 फरवरी तक हर हाल में संबंधित गांवों के घरों तक बिजली पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट भी मांगी है। तय तिथि तक कार्य पूर्ण न होने पर संस्था के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एक्सईएन ने कार्यदायी संस्था को चीफ इंजीनियर के निर्देशों से अवगत करा दिया है।
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दूर दराज के गांवों में हुआ खेल
सौभाग्य योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन देने के लक्ष्य की पूर्ति करने के लिए कर्मचारियों ने खूब मनमानी की। गांवों की जनता को गुमराह कर कागजों पर कनेक्शन जोड़ दिया। मीटर समेत अन्य उपकरण भी लगा दिए, लेकिन केबल को पोल से नहीं जोड़ा।
पोल से केबल बांधने के लिए लाइनमैन मांगते रुपये
सौभाग्य योजना के तहत नि:शुल्क बिजली कनेक्शन पाने वालों ने जांच के दौरान बताया है कि उन्होंने जब केबल को पोल से जुड़वाने के लिए लाइनमैन से संपर्क किया तो उन्होंने पैसों की मांग रखी। कुछ लोगों ने मजबूरी में दो सौ रुपये देकर केबल जुड़वाया।
बोले जिम्मेदार
कार्यदायी संस्था ने सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन देने में कई गांवों में लापरवाही बरती है। 7182 घर ऐसे मिले हैं जिनके घरों में मीटर लगाने के बाद केबल तो बांधा गया, पोल से कनेक्शन नहीं जोड़ा। चीफ इंजीनियर ने 202 गांवों के कनेक्शन धारकों की सूची पत्र के साथ भेजी है। 20 फरवरी तक सभी घरों में केबल न बांधा गया तो संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- शादाब अहमद, एक्सईएन कन्नौज।
गड़बड़झाला: 202 गांवों के 7182 घरों में नहीं पहुंची बिजली
चीफ इंजीनियर की गोपनीय जांच में सामने आई लापरवाही, मीटर टांगने के बाद नहीं जोड़ा केबल, योजना में लापरवाही पर चीफ इंजीनियर ने जताई नाराजगी, एक्सईएन ने कार्यदायी संस्था को दी चेतावनी, 20 फरवरी तक सभी कनेक्शन धारकों के यहां बिजली पहुंचाने के दिए निर्देश