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2737 सर्विस वोटर करेंगे ऑनलाइन वोटिंग
Sat, 13 Apr 2019 11:57 PM IST
प्रतीक दुबे
kannauj
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Published by: प्रतीक दुबे
Updated Sat, 13 Apr 2019 11:57 PM IST
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मतदान
- फोटो : पीटीआई
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लोकसभा चुनाव में वोटिंग प्रतिशत बढ़ाए जाने के लिए आयोग कोई कसर नहीं रख रहा है। जिले में ही नौकरी करने वाले मतदाताओं के अलावा सर्विस वोटरों पर इस बार आयोग बेहद मेहरबान है। इन सभी के मताधिकार के लिए जिला प्रशासन ने चकबंदी, कृषि विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। लोकसभा चुनाव में सर्विस वोटरों को ईटीपीसीवीएस (इलेक्ट्रानिक पोस्टल वोटिंग सिस्टम) के तहत ऑनलाइन वोटिंग कराई जा रही है। आयोग ने यह व्यवस्था पहली बार लागू की है। यह सुविधा सर्विस मतदाताओं के साथ ही सैन्य कर्मियों को भी मिलेगी। ऐसे 2737 सर्विस वोटरों को ई-मेल के जरिए मतदान करने का मौका मिलेगा।
जिला कृषि अधिकारी राममिलन सिंह परिहार ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत निर्वाचन कार्यालय के जरिए सर्विस मतदाता के बैलेट पर एक क्यूआर कोड जनरेट किया गया है। इसे ऑनलाइन मतदाता को भेज दिया गया है। इसे मतदाता ई-मेल के जरिए निकालेगा। इसे डाक के माध्यम से भेजेगा। उधर, करीब 1200 मतदाताओं के आवेदन भरवाए गए जो जिले में ही रहकर नौकरी करते हैं। मतदान ड्यूटी के लिए जाने के दौरान इनको ईडीसी (इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट) जारी किया जाएगा। यह मतदाता जिन बूथों पर मतदान कराने जाएंगे, वहीं मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। हालांकि दूसरे चरण के प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया जाएगा कि जिन्हें ईडीसी जारी की जा रही है, वह बूथ पर मॉक पोल के बाद अपने मताधिकार का प्रयोग कर लें। मतदान के बीच में मत नहीं डालें। कई बार ईडीसी के तहत मतदान करने पर विवाद की स्थित बन जाती है। पोलिंग बूथ पर एजेंटों को लगता है कि कर्मचारी फर्जी वोटिंग कर रहे हैं। 205 ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित किया गया, जो जिले में नौकरी कर रहे हैं, लेकिन उनका लोकसभा क्षेत्र दूसरा है। ऐसे लोगों को पोस्टल बैलेट की सुविधा प्रदान की जाएगी। इनका मत डाक के माध्यम से उन लोकसभा क्षेत्रों में भेजा जाएगा।
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जिला कृषि अधिकारी राममिलन सिंह परिहार ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत निर्वाचन कार्यालय के जरिए सर्विस मतदाता के बैलेट पर एक क्यूआर कोड जनरेट किया गया है। इसे ऑनलाइन मतदाता को भेज दिया गया है। इसे मतदाता ई-मेल के जरिए निकालेगा। इसे डाक के माध्यम से भेजेगा। उधर, करीब 1200 मतदाताओं के आवेदन भरवाए गए जो जिले में ही रहकर नौकरी करते हैं। मतदान ड्यूटी के लिए जाने के दौरान इनको ईडीसी (इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट) जारी किया जाएगा। यह मतदाता जिन बूथों पर मतदान कराने जाएंगे, वहीं मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। हालांकि दूसरे चरण के प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया जाएगा कि जिन्हें ईडीसी जारी की जा रही है, वह बूथ पर मॉक पोल के बाद अपने मताधिकार का प्रयोग कर लें। मतदान के बीच में मत नहीं डालें। कई बार ईडीसी के तहत मतदान करने पर विवाद की स्थित बन जाती है। पोलिंग बूथ पर एजेंटों को लगता है कि कर्मचारी फर्जी वोटिंग कर रहे हैं। 205 ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित किया गया, जो जिले में नौकरी कर रहे हैं, लेकिन उनका लोकसभा क्षेत्र दूसरा है। ऐसे लोगों को पोस्टल बैलेट की सुविधा प्रदान की जाएगी। इनका मत डाक के माध्यम से उन लोकसभा क्षेत्रों में भेजा जाएगा।
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