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Kannauj News: 254 पद खाली... 52 ऑपरेटरों के भरोसे 306 सरकारी नलकूप

Thu, 28 May 2026 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2026 11:51 PM IST
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254 posts vacant... 306 government tube wells dependent on 52 operators
कन्नौज। जिले की सरकारी सिंचाई व्यवस्था स्टाफ की भारी कमी से चरमरा गई है। हालात इतने खराब हैं कि जहां 306 नलकूप ऑपरेटरों की जरूरत है, वहां सिर्फ 52 कर्मचारी ही सरकारी नलकूप संभाल रहे हैं। नतीजा यह है कि कई गांवों में समय पर सिंचाई नहीं हो पा रही और किसान फसलों को बचाने के लिए निजी ट्यूबवेलाें का सहारा लेने को मजबूर हैं।
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नलकूप विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 254 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। एक ऑपरेटर को कई-कई गांवों के नलकूपों की जिम्मेदारी दी गई है। नियमों के अनुसार एक कर्मचारी अधिकतम एक या दो नलकूप संभाल सकता है। यहां एक कर्मचारी के हिस्से में छह से सात नलकूप आ रहे हैं। ऐसे में किसी एक नलकूप में खराबी आने पर दूसरे क्षेत्रों की सिंचाई भी प्रभावित हो जाती है। ग्रामीण इलाकों में किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। कई जगह बिजली आने के बाद भी नलकूप चालू नहीं हो पाते क्योंकि ऑपरेटर समय से नहीं पहुंच पाते। कुछ गांवों में किसान घंटों इंतजार करते रहते हैं, जबकि खेतों में पानी न मिलने से फसलें सूखने लगती हैं। इससे खेती की लागत भी लगातार बढ़ रही है। मजबूरी में किसान डीजल पंप और निजी ट्यूबवेल से महंगे दाम पर पानी खरीद रहे हैं। स्थिति यह है कि कई सरकारी नलकूप तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े हैं। कर्मचारियों की कमी से मरम्मत कार्य भी समय पर नहीं हो पा रहा।
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निजी ट्यूबवेल बने किसानों का सहारा
सरकारी नलकूप समय पर न चलने से किसानों का खर्च बढ़ गया है। कई किसान निजी ट्यूबवेल और डीजल पंपसेट से सिंचाई करा रहे हैं। किसानों का कहना है कि एक ओर खाद-बीज महंगे हैं, ऊपर से सिंचाई का अतिरिक्त बोझ खेती को घाटे का सौदा बना रहा है।
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बोले किसान---
फोटो :51: पवन जाटव। संवाद
जलालाबाद निवासी पवन जाटव ने बताया कि 10 साल से नलकूप रिबोर न होने के कारण खराब है। किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई करने के लिए निजी नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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फोटो :52: कल्लू दुबे। संवाद
जलालाबाद के रहने वाले कल्लू दुबे ने बताया कि सरकारी नलकूप किसानों की सहूलियत के लिए बनाए गए थे पर 10 साल से इनकी स्थिति दयनीय होती जा रही है। यह सिर्फ कागजों में ही चल रहे है, हकीकत बहुत ही दयनीय है।

वर्जन
नलकूप विभाग में रिक्त पदों की जानकारी शासन को भेजी जा चुकी है। लगातार रिटायरमेंट और नई भर्ती न होने से संकट गहराया है। फिलहाल अस्थायी व्यवस्थाओं के सहारे काम चलाया जा रहा है, लेकिन स्थायी समाधान भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही संभव होगा।
-शशांक कुमार, अधिशासी अभियंता, नलकूप खंड
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