{"_id":"69efa5b2b1831e567303b038","slug":"19652-farmers-out-of-pm-kisan-nidhi-kannauj-news-c-214-1-knj1006-148258-2026-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: 19,652 किसान पीएम किसान निधि से बाहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: 19,652 किसान पीएम किसान निधि से बाहर
विज्ञापन
कन्नौज। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में जिले में एक बड़ा मामला सामने आया है। विभागीय जांच और आंकड़े मिलान के बाद 19,652 किसानों को अपात्र घोषित किया गया है। इनकी आगामी किस्तों के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। कुल 14,104 किसान भूमि परिवर्तन, दान या बैनामा के कारण अपात्र हुए हैं। फरवरी 2019 के बाद सीधी प्रविष्टि से पंजीकरण कराने वाले 4326 लाभार्थी भी अपात्र पाए गए। 314 नाबालिग निधि का लाभ ले रहे थे, जबकि 980 अन्य कारणों से अपात्र हैं।
कृषि विभाग के अनुसार, पिता की मृत्यु के बाद भी सम्मान निधि लेने वालों की निधि रोकी गई है। मृत्यु के बाद मिली सभी किस्तें वापस करनी होंगी। एक परिवार से एक ही व्यक्ति निधि का लाभ ले सकता है। उप निदेशक कृषि संतोष कुमार यादव ने बताया कि शासन से प्राप्त आंकड़ों का सत्यापन हो रहा है। 440 मृतकों के स्वजन से 31.10 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। अन्य अपात्र लोग भी निधि वापस कर रहे हैं।
जायद की फसल का सर्वेक्षण कृषि डिजिटल फसल सर्वेक्षण एप्लीकेशन से होगा। कृषि विभाग और जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू की है। जनपद में एक मई से 6,55,057 खसरों का सर्वेक्षण किया जाएगा। यह कार्य 31 मई तक पूरा करने का दावा है। उप निदेशक कृषि संतोष कुमार यादव ने बताया कि 636 गांवों में सर्वेक्षण शुरू होगा।
विज्ञापन
उधर, उप कृषि निदेशक संतोष कुमार यादव और जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने थोक खाद विक्रेताओं के साथ बैठक की। इसका उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना है। अधिकारियों ने यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की बिक्री निर्धारित दरों पर करने के निर्देश दिए। शिकायत मिलने पर लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई होगी। विभाग ने फार्मर पहचान पत्र बनवाने पर जोर दिया है ताकि खाद वितरण पारदर्शी हो सके।
विज्ञापन
कृषि विभाग के अनुसार, पिता की मृत्यु के बाद भी सम्मान निधि लेने वालों की निधि रोकी गई है। मृत्यु के बाद मिली सभी किस्तें वापस करनी होंगी। एक परिवार से एक ही व्यक्ति निधि का लाभ ले सकता है। उप निदेशक कृषि संतोष कुमार यादव ने बताया कि शासन से प्राप्त आंकड़ों का सत्यापन हो रहा है। 440 मृतकों के स्वजन से 31.10 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। अन्य अपात्र लोग भी निधि वापस कर रहे हैं।
विज्ञापन
जायद की फसल का सर्वेक्षण कृषि डिजिटल फसल सर्वेक्षण एप्लीकेशन से होगा। कृषि विभाग और जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू की है। जनपद में एक मई से 6,55,057 खसरों का सर्वेक्षण किया जाएगा। यह कार्य 31 मई तक पूरा करने का दावा है। उप निदेशक कृषि संतोष कुमार यादव ने बताया कि 636 गांवों में सर्वेक्षण शुरू होगा।
विज्ञापन
उधर, उप कृषि निदेशक संतोष कुमार यादव और जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने थोक खाद विक्रेताओं के साथ बैठक की। इसका उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना है। अधिकारियों ने यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की बिक्री निर्धारित दरों पर करने के निर्देश दिए। शिकायत मिलने पर लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई होगी। विभाग ने फार्मर पहचान पत्र बनवाने पर जोर दिया है ताकि खाद वितरण पारदर्शी हो सके।