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पुजारी की हत्या में आजीवन कारावास की सजा
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कन्नौज। छह मई 2015 को मंदिर में पुजारी की हत्या के मामले में कोर्ट ने शुक्रवार को मुख्य अभियुक्त को आजीवन कारावास और सहयोगी को दो साल की सजा सुनाई। 20 हजार का जुर्माना भी लगाया।
थाना छिबरामऊ क्षेत्र के मोहल्ला सराफान निवासी राजेश कुमार पांडेय पुत्र रामदुलारे ने छह मार्च 2015 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें बताया कि बड़े भाई रघुवीर कस्बे के ही जीटी रोड किनारे सलेमपुर के मंदिर में पुजारी थे। चार मई 2015 को सलेमपुर निवासी भूरा पुत्र ज्वाला प्रसाद ने रघुवीर को मंदिर छोड़ने के लिए धमकाया था। कहा था कि मंदिर उसके परिवार का है। भूरा ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। छह मई को रघुवीर, मां सावित्री देवी के अलावा छिबरामऊ निवासी शिवमोहन मिश्रा सो रहे थे। रात करीब नौ बजे भूरा साथी मदन के साथ आया और भाग जाने की धमकी देने लगा। भाई रघुवीर ने जब मना किया तो गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले की विवेचना कर रहे विवेचक खलील अहमद को मदन के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले। भूरा को घटना का मुख्य आरोपी और तमंचे की बरामदगी छिबरामऊ के ही राजकिशोर शाक्य के पास दिखाते हुए कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। एफटीसी द्वितीय कोर्ट जज हितेंद्र हरि ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों को दोषी पाया। भूरा को आजीवन कारावास और राजकिशोर शाक्य को दो वर्ष की सजा सुनाई। इसके अलावा 20 हजार रुपये जुर्माना भरने का भी आदेश दिया।
पुजारी की हत्या में उम्रकैद
एक अन्य सहयोगी को दो वर्ष की सजा, 20 हजार जुर्माना भी
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थाना छिबरामऊ क्षेत्र के मोहल्ला सराफान निवासी राजेश कुमार पांडेय पुत्र रामदुलारे ने छह मार्च 2015 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें बताया कि बड़े भाई रघुवीर कस्बे के ही जीटी रोड किनारे सलेमपुर के मंदिर में पुजारी थे। चार मई 2015 को सलेमपुर निवासी भूरा पुत्र ज्वाला प्रसाद ने रघुवीर को मंदिर छोड़ने के लिए धमकाया था। कहा था कि मंदिर उसके परिवार का है। भूरा ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। छह मई को रघुवीर, मां सावित्री देवी के अलावा छिबरामऊ निवासी शिवमोहन मिश्रा सो रहे थे। रात करीब नौ बजे भूरा साथी मदन के साथ आया और भाग जाने की धमकी देने लगा। भाई रघुवीर ने जब मना किया तो गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले की विवेचना कर रहे विवेचक खलील अहमद को मदन के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले। भूरा को घटना का मुख्य आरोपी और तमंचे की बरामदगी छिबरामऊ के ही राजकिशोर शाक्य के पास दिखाते हुए कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। एफटीसी द्वितीय कोर्ट जज हितेंद्र हरि ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों को दोषी पाया। भूरा को आजीवन कारावास और राजकिशोर शाक्य को दो वर्ष की सजा सुनाई। इसके अलावा 20 हजार रुपये जुर्माना भरने का भी आदेश दिया।
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पुजारी की हत्या में उम्रकैद
एक अन्य सहयोगी को दो वर्ष की सजा, 20 हजार जुर्माना भी