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Kannauj News: आंधी के बाद 12 घंटे बत्ती गुल, 130 गांवों में पेयजल संकट
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कन्नौज। गुगरापुर बिजलीघर से जुड़ी बिजली आपूर्ति गुरुवार की देर रात आंधी और बारिश से पूरी तरह चरमरा गई। कन्नौज से आने वाली 33 हजार वोल्ट लाइन में फॉल्ट आने से गुगरापुर उपकेंद्र से जुड़े 130 गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। रातभर बिजली गुल रहने से हजारों उपभोक्ताओं को अंधेरे में रहना पड़ा। वहीं अगले दिन शुक्रवार सुबह पेयजल संकट ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। उधर, दोपहर 12 बजे के बाद आपूर्ति शुरू होने के बाद लोगों को राहत मिली।
ग्रामीणों के अनुसार देररात मौसम खराब होने के बाद बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। इसके बाद पूरी रात आपूर्ति बाधित रही। उमस भरी गर्मी के बीच लोगों को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी। सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हुई। सुबह जब लोगों को दैनिक कार्यों के लिए पानी की जरूरत पड़ी तो सबमर्सिबल और पानी की मोटरें बंद होने के कारण संकट खड़ा हो गया। कई गांवों में लोगों को हैंडपंप और अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरेलू कामकाज के साथ-साथ पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गुगरापुर फीडर की स्थिति लंबे समय से खराब है। हल्की आंधी या बारिश आते ही आपूर्ति बंद हो जाती है। लाइन में फॉल्ट आने के बाद उसे ठीक करने में भी जरूरत से ज्यादा समय लग जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते लाइन की मरम्मत और रखरखाव का काम कराया जाए तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश और आंधी के बाद बिजली संकट अब आम बात बन गई है। इस संबंध में एसडीओ पंकज चौधरी ने बताया कि देर रात तेज आंधी और बारिश से कई जगह फाल्ट आ गए थे, जिन्हें सुबह विद्युत कर्मियों को भेजकर फाल्ट को सही कराया गया।
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ग्रामीणों के अनुसार देररात मौसम खराब होने के बाद बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। इसके बाद पूरी रात आपूर्ति बाधित रही। उमस भरी गर्मी के बीच लोगों को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी। सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हुई। सुबह जब लोगों को दैनिक कार्यों के लिए पानी की जरूरत पड़ी तो सबमर्सिबल और पानी की मोटरें बंद होने के कारण संकट खड़ा हो गया। कई गांवों में लोगों को हैंडपंप और अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।
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ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरेलू कामकाज के साथ-साथ पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गुगरापुर फीडर की स्थिति लंबे समय से खराब है। हल्की आंधी या बारिश आते ही आपूर्ति बंद हो जाती है। लाइन में फॉल्ट आने के बाद उसे ठीक करने में भी जरूरत से ज्यादा समय लग जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते लाइन की मरम्मत और रखरखाव का काम कराया जाए तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश और आंधी के बाद बिजली संकट अब आम बात बन गई है। इस संबंध में एसडीओ पंकज चौधरी ने बताया कि देर रात तेज आंधी और बारिश से कई जगह फाल्ट आ गए थे, जिन्हें सुबह विद्युत कर्मियों को भेजकर फाल्ट को सही कराया गया।
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