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25 लाख खर्च करने के बाद भी संकट में अस्थायी गोशाला

Sun, 31 Mar 2019 12:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 31 Mar 2019 12:21 AM IST
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25 लाख खर्च करने के बाद भी संकट में अस्थायी गोशाला
कन्नौज। मवेशियों से फसलों को बचाने के लिए जिले में बनी अस्थायी गोशालाएं कारगर साबित नहीं हो रही हैं। अस्थायी गोशालाओं में अव्यवस्थाएं हैं। चारे, पानी के अभाव में मवेशी आसपास के खेतों में पहुंचकर फसलों को नष्ट कर रहे हैं। अधिकांश गोशालाओं में चारे-पानी की व्यवस्था न होने से मवेशी दम तोड़ रहे हैं। यह हाल तब है, जब जिले की 53 गोशालाओं के लिए शासन से 25 लाख से ज्यादा की धनराशि जारी की जा चुकी है।
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सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद गो तस्करी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इससे गांवों में मवेशियों की बाढ़ सी आ गई। नीलगाय से अधिक किसानों का नुकसान छुट्टा मवेशी करने लगे। ऐसे में शासन ने अस्थायी गोशालाएं बनाकर इनमें मवेशियों को रखने के निर्देश दिए। गोशालाओं में तमाम अव्यवस्थाएं हैं। कुछ अराजकतत्वों ने खंभों और कंटीले तारों को तोड़ दिया तो कुछ जगह इन्हें मवेशियों ने ही उखाड़ दिया। इससे फसलों पर संकट गहरा गया। यहां से मवेशी को पशु तस्कर भी ले जा सकते हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी विनोद त्रिवेदी ने बताया कि जिले की 53 अस्थायी गोशालाओं में 25 लाख 32 हजार 600 रुपये भेज दिए गए हैं। पैसे की कोई समस्या नहीं है। यदि कोई लापरवाही करता है तो मामला डीएम के संज्ञान में लाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीणों ने काटा हंगामा
तालग्राम। शनिवार सुबह आठ बजे के करीब गांव के अनिल सिंह की अगुवाई में अभय प्रताप सिंह, रमेशचंद्र, रामनाथ, शिवकुमार, हरपाल, लल्ला सक्सेना, दीपू, बड़े सिंह ठाकुर, अनूप, देवेंद्र प्रजापति, रंजीत, मूलचंद्र, देशराज, महुआ, बदन सिंह दिगंबर आदि ने गोशाला से गए मवेशियों को दोबारा बंद कर दिया। प्रधान व देखरेख करने वाले योगराज ने विरोध किया तो ग्रामीणों ने हाट बाजार गोशाला में हंगामा शुरू कर दिया। काफी देर तक लोग प्रधान के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। प्रधान व सचिव पर कार्रवाई की मांग भी की। लोगों का कहना है कि प्रधान के खाते में पैसा आ गया है। इसके बाद भी व्यवस्था नहीं कर रहे हैं। छह गोवंश मर चुके हैं। शिकायत के बावजूद अभी भी कंकाल पड़े हैं।
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अस्थायी गोशाला का हैंडपंप खराब
तालग्राम। ग्रामीणों का कहना है कि हाट बाजार में बनी गोशाला का हैंडपंप खराब है। सबमर्सिबल के मोटर को चोर खो ले गए। इन्होंने हैंडपंप सही कराने की मांग विकास खंड अधिकारी से की है।

प्रधान को बचा रहे सीवीओ
तालग्राम। ग्रामीणों ने बताया कि सीवीओ ने प्रधान के चहेतों से बयान लिखवा लिए हैं। वह प्रधान को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जांच में लीपापोती की जा रही है। शनिवार सुबह ही कंकाल हटवाए गए हैं। कुछ को दफन करा दिया गया था।

अधिकारियों ने जांच कर लिए ग्रामीणों के बयान
तालग्राम। गोवंशों की मौत के प्रशासन जागा है। रोहली सरस हाट में बनी अस्थायी गोशाला का परियोजना निर्देशक, सीवीओ, बीडीओ ने निरीक्षण किया। मौके पर पशुओं के कंकाल पड़े मिले। रखरखाव रजिस्टर न मिलने पर प्रधान की क्लास लगाई गई। ग्रामीणों के बयान लिए गए। ग्रामीणों ने प्रधान पर आरोप लगाए हैं।

शनिवार को पीडी रामचंद्र शर्मा, सीवीओ बीके त्रिवेदी, कार्यवाहक बीडीओ मुनेश कुमार, पशु चिकित्साधिकारी डा. विकराल सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। यहां ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। गोशाला का रजिस्टर न मिले पर प्रधान आत्माराम को फटकार लगा दी। प्रधान ने सचिव के पास रजिस्टर बताया। सचिव का फोन बंद मिला। ग्रामीणों ने मवेशियों की मौत की बात कही है। प्रधान काफी पहले मरने की बात स्वीकार कर चुके हैं। पीडी रामचंद्र शर्मा ने बताया कि जांच की जा रही है। रजिस्टर तलब किया गया है। दो जानवर मरने की पुष्टि हो रही है। यह सात दिन पहले मरे थे।



25 लाख खर्च करने के बाद भी संकट में अस्थायी गोशालाएं
अस्थायी गोशालाओं में मवेशियों को नहीं मिल रहा चारा-पानी,देखरेख के अभाव में मवेशी तोड़ रहे दम
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