फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   दो गांवों में पहुंचा गंगा की बढ़ का पानी

दो गांवों में पहुंचा गंगा की बढ़ का पानी

Wed, 01 Aug 2018 12:52 AM IST
Updated Wed, 01 Aug 2018 12:52 AM IST
विज्ञापन
दो गांवों में पहुंचा गंगा की बढ़ का पानी

विज्ञापन

कन्नौज/मानीमऊ। लगातार बारिश और नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब तक पहुंच गया है। कटरी क्षेत्र के कासिमपुर और बख्शीपुर्वा गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं जबकि अलियापुर गांव के किनारे तक पानी पहुंच गया है। मेहंदीपुर गांव में भी खेतों तक पानी पहुंचा गया है। किसान मूलचंद्र मंगलवार को नाव से अपना पंपिग सेट ले गए। मंगलवार को फिर नरौरा बांध से एक लाख 68 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे कटरी क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। हाई अलर्ट पर रखे गए 18 गांवों के लोगों ने सामान समेटकर सुरक्षित ठिकानों पर पलायन शुरू कर दिया है। गंगा का जलस्तर चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। मंगलवार को जलस्तर 124.500 मीटर पहुंच गया है। अब पानी चेतावनी बिंदु से सिर्फ 0.470 मीटर दूर है। केंद्रीय जल चौकी प्रभारी के अनुसार जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो मंगलवार की देर रात तक पानी चेतावनी बिंदु को पार कर जाएगा। डीएम रवींद्र कुमार ने मंगलवार को अधिकारियों को नजर रखने और पीड़ितों को सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए।



निचला क्षेत्र होने से खड़ी होती ये समस्या
कन्नौज। गंगा नदी में आई बाढ़ का असर ढाई दर्जन कटरी के गांव में साफ देखने को मिल रहा है। इसके लिए देखा जाए तो भौगोलिक परिस्थितियां भी जवाबदेह है। मसलन जिन गांव पर बाढ़ का खतरा मंडराया हुआ है वो सभी निचले हिस्से में बसे हैं। गंगा नदी के सबसे करीब बख्शीपुर्वा, कासिमपुर, अलियापुर और जुकईया बसा हुआ है। यह गांव सबसे पहले बाढ़ की चपेट में आते हैं।
विज्ञापन




हर साल बर्बाद हो रहे ग्रामीण
कन्नौज। गंगा किनारे कटरी में बसे अलियापुर, जुकईया, कासिमपुर, बख्शीपुर्वा समेत करीब एक दर्जन ऐसे गांव है। कि यहां के लोगों का दुर्भाग्य है कि हर साल बाढ़ की विभीषिका को उन्हें भुगतना पड़ रहा है। हजारों लोग इस दैवीय प्रकोप से बर्वाद हो चुके हैं। गांवों के लोगों की विपदा के मारे लोगों की जीवन स्तर को सुधारने के लिए भी किसी भी तरह से मदद नहीं मिल पा रही है। हर साल उन्हें बाढ़ के एक माह में अस्थायी रुप से गांव के बाहर बसा दिया जाता है। उसके बाद बाढ़ का पानी उतरने के बाद वह वापस गांव पहुंचकर अपनी उजड़ी गृहस्थी को बसाने में जुट जाते है।
विज्ञापन
विज्ञापन





दो गांवों में पहुंचा गंगा की बढ़ का पानी
चेतावनी बिंदु तक पहुंचा जलस्तर, नरौरा से एक लाख 68 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो 31केएनजेपी 10- नाव से पंपिग सेट ले जाते किसान।
फोटो 31केएनजेपी 11- चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचा जलस्तर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed