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वीरभूमि में उमड़ा विराग श्रद्धा का सागर
jhansi
Updated Mon, 15 May 2017 12:52 AM IST
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झांसी।
करगुंवा जी में युग प्रतिक्रमण यति सम्मेलन महा महोत्सव में भाग लेने के लिए आए राष्ट्र संत गणाचार्य विराग सागर महाराज ने रविवार को कार्यक्रम स्थल की ओर प्रस्थान किया। उनकी अगवानी में श्रद्धा का सागर उमड़ पड़ा। जगह-जगह उनका स्वागत सभी धर्मों के लोगों ने श्रद्धा भाव से किया। बीकेडी चौराहे से शुरू हुई शोभायात्रा इलाइट चौराहा, बस स्टैंड होती हुई रिसाला चुंगी पहुंची जहां आचार्य विनम्र सागर महाराज की अगुवाई में विराग सागर जी के शिष्यों ने उनका स्वागत किया। गुरु-शिष्य के इस ऐतिहासिक मिलन को देख श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
शोभायात्रा में आचार्य श्री के साथ लगभग 70 पिच्छी धारी साधू, ससंघ आर्यिका माताजी, ब्रह्मचारी रहे। जिनका जगह-जगह जैन एवं अन्य धर्मों के श्रद्धालुओं ने स्वागत किया और आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन कर उनके दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। शोभायात्रा में 21 बाइकों पर सवार युवाओं का टीम, 21 घोडे़ पर बैठेे बालक-बालिकाएं और 21 बग्गियों पर महिलाएं व पुरुष धर्मध्वज लेकर चल रहे थे।
आकर्षण का केंद्र पांच रंगों के वस्त्र पहने महिलाएं रहीं, जिन्होंने बैंड वादन और चाचर नृत्य किया। जीवन शाह तिराहा, इलाइट चौराहा, कचहरी चौराहा, रिसाला चुंगी से होती हुई शोभायात्रा करगुवां जी मंदिर में पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने 108 थाल सजाकर आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया।
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मंदिर के प्रवेश के बाद आचार्य श्री ने ससंघ बडे़ बाबा के दर्शन किए। इसके बाद उत्तरांचल दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष शैलेंद्र जैन ने ध्वजारोहण किया। अमित कुमार ने गुरुदेव के चित्र का अनावरण और धर्मेंद्र जैन ने दीप प्रज्वलित किया। अजीत शास्त्री व भगचंद्र शास्त्री ने विधिविधान से पंडाल का पूजन किया।
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करगुंवा जी में युग प्रतिक्रमण यति सम्मेलन महा महोत्सव में भाग लेने के लिए आए राष्ट्र संत गणाचार्य विराग सागर महाराज ने रविवार को कार्यक्रम स्थल की ओर प्रस्थान किया। उनकी अगवानी में श्रद्धा का सागर उमड़ पड़ा। जगह-जगह उनका स्वागत सभी धर्मों के लोगों ने श्रद्धा भाव से किया। बीकेडी चौराहे से शुरू हुई शोभायात्रा इलाइट चौराहा, बस स्टैंड होती हुई रिसाला चुंगी पहुंची जहां आचार्य विनम्र सागर महाराज की अगुवाई में विराग सागर जी के शिष्यों ने उनका स्वागत किया। गुरु-शिष्य के इस ऐतिहासिक मिलन को देख श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
शोभायात्रा में आचार्य श्री के साथ लगभग 70 पिच्छी धारी साधू, ससंघ आर्यिका माताजी, ब्रह्मचारी रहे। जिनका जगह-जगह जैन एवं अन्य धर्मों के श्रद्धालुओं ने स्वागत किया और आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन कर उनके दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। शोभायात्रा में 21 बाइकों पर सवार युवाओं का टीम, 21 घोडे़ पर बैठेे बालक-बालिकाएं और 21 बग्गियों पर महिलाएं व पुरुष धर्मध्वज लेकर चल रहे थे।
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आकर्षण का केंद्र पांच रंगों के वस्त्र पहने महिलाएं रहीं, जिन्होंने बैंड वादन और चाचर नृत्य किया। जीवन शाह तिराहा, इलाइट चौराहा, कचहरी चौराहा, रिसाला चुंगी से होती हुई शोभायात्रा करगुवां जी मंदिर में पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने 108 थाल सजाकर आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया।
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मंदिर के प्रवेश के बाद आचार्य श्री ने ससंघ बडे़ बाबा के दर्शन किए। इसके बाद उत्तरांचल दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष शैलेंद्र जैन ने ध्वजारोहण किया। अमित कुमार ने गुरुदेव के चित्र का अनावरण और धर्मेंद्र जैन ने दीप प्रज्वलित किया। अजीत शास्त्री व भगचंद्र शास्त्री ने विधिविधान से पंडाल का पूजन किया।