{"_id":"612945a18ebc3e79da56828a","slug":"xen-returned-to-work-as-soon-as-the-medical-board-was-formed-jhansi-news-jhs2029189187","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल बोर्ड गठित होते ही काम पर लौटे एक्सईएन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल बोर्ड गठित होते ही काम पर लौटे एक्सईएन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। पिछले करीब तीन माह से अवकाश पर चल रहे सिंचाई विभाग के एक्सईएन एसएन सिंह आखिरकार काम पर वापस लौट आए। स्वास्थ्य को आधार बनाकर एक्सईएन लंबी छुट्टी पर चले गए थे। इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने उनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया। मेडिकल बोर्ड गठित होने की सूचना मिलते ही एक्सईएन अपनी छुट्टी रद कराकर वापस काम पर लौट आए।
सिंचाई निर्माण खंड पंचम के एक्सईएन सिद्घार्थ कुमार सिंह मई माह से अवकाश पर हैं हालांकि इस दौरान उनकी मां की मृत्यु हुई। वह खुद भी कोरोना से पीड़ित हुए लेकिन, तीन माह बीत जाने के बाद भी वह काम पर नहीं लौटे। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अवकाश आगे बढ़ा दिया। एक्सईएन के पास ही चौधरी चरण सिंह लखेरी बांध के पुर्नवास का काम भी है। इसी मानसूनी सीजन में उसे भरा जाना है लेकिन, अभी वहां तमाम कार्य अधूरे पड़े हैं। किसानों के पुनर्वास का मामला भी उलझा हुआ है। इसको लेकर किसान काफी दिनों से आंदोलित हैं। इतना संवेदनशील मामला होने के बावजूद एक्सईएन के लंबे समय से अवकाश पर होने की जानकारी जब जिलाधिकारी आंद्रा वामसी को हुई तो उन्होंने 14 अगस्त को मेडिकल बोर्ड गठित करके एक्सईएन के स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आदेश दे दिया। इसके तुरंत बाद एक्सईएन अपनी छुट्टी निरस्त कराकर काम पर लौट आए। उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है। वहीं, एक्सईएन एसके सिंह का कहना है उन्होंने मेडिकल बोर्ड गठित होने से पहले ही चार्ज ले लिया था।
ग्रामीणों को डूब की जमीन खाली करने का अल्टीमेटम
सिंचाई निर्माण खंड पंचम की ओर से लखेरी बांध के डूब इलाके में आने वाले गांव को खाली कर देने का अल्टीमेटम दिया गया है। एक्सईएन सिद्घार्थ सिंह की ओर से जारी सूचना के मुताबिक इस बार बांध को 182.30 मीटर तक भरा जा चुका है। मानसून अवधि में इसके जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी। उन्होेंने कहा कि प्रभावित 150 काश्तकारों को विस्थापन एवं प्लाट का लाभ दिया जा चुका। उन्होंने कहाकि पानी बढ़ने पर नुकसान की जिम्मेदारी ग्रामीणों की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिंचाई निर्माण खंड पंचम के एक्सईएन सिद्घार्थ कुमार सिंह मई माह से अवकाश पर हैं हालांकि इस दौरान उनकी मां की मृत्यु हुई। वह खुद भी कोरोना से पीड़ित हुए लेकिन, तीन माह बीत जाने के बाद भी वह काम पर नहीं लौटे। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अवकाश आगे बढ़ा दिया। एक्सईएन के पास ही चौधरी चरण सिंह लखेरी बांध के पुर्नवास का काम भी है। इसी मानसूनी सीजन में उसे भरा जाना है लेकिन, अभी वहां तमाम कार्य अधूरे पड़े हैं। किसानों के पुनर्वास का मामला भी उलझा हुआ है। इसको लेकर किसान काफी दिनों से आंदोलित हैं। इतना संवेदनशील मामला होने के बावजूद एक्सईएन के लंबे समय से अवकाश पर होने की जानकारी जब जिलाधिकारी आंद्रा वामसी को हुई तो उन्होंने 14 अगस्त को मेडिकल बोर्ड गठित करके एक्सईएन के स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आदेश दे दिया। इसके तुरंत बाद एक्सईएन अपनी छुट्टी निरस्त कराकर काम पर लौट आए। उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है। वहीं, एक्सईएन एसके सिंह का कहना है उन्होंने मेडिकल बोर्ड गठित होने से पहले ही चार्ज ले लिया था।
विज्ञापन
ग्रामीणों को डूब की जमीन खाली करने का अल्टीमेटम
सिंचाई निर्माण खंड पंचम की ओर से लखेरी बांध के डूब इलाके में आने वाले गांव को खाली कर देने का अल्टीमेटम दिया गया है। एक्सईएन सिद्घार्थ सिंह की ओर से जारी सूचना के मुताबिक इस बार बांध को 182.30 मीटर तक भरा जा चुका है। मानसून अवधि में इसके जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी। उन्होेंने कहा कि प्रभावित 150 काश्तकारों को विस्थापन एवं प्लाट का लाभ दिया जा चुका। उन्होंने कहाकि पानी बढ़ने पर नुकसान की जिम्मेदारी ग्रामीणों की होगी।
विज्ञापन