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अवैध निर्माण पर टूट पड़ा बुलडोजर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Aug 2016 12:13 AM IST
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avaidh nirman , jhansi news
- फोटो : amar ujala, jhansi news
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झांसी। आखिरकार, चंद्रशेखर आजाद प्रतिमा से स्टेशन मार्ग पर अवैध रूप से बनाई गईं पक्की दुकानों पर नगर निगम का बुलडोजर चल ही गया। देखते ही देखते ग्यारह दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा और इसी कारण विरोध की हिम्मत कोई नहीं जुटा सका।
चंद्रशेखर आजाद प्रतिमा के पास बनी अवैध दुकानों की तमाम शिकायतों के बाद भी नगर निगम कोई एक्शन नहीं ले रहा था। मामला कमिश्नर तक पहुंचा तो पूरी जमीन की नाप कराई गई, जिसमें दुकानें अवैध पाई गईं। राजस्व विभाग की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने अवैध दुकानों के ध्वस्तीकरण के लिए तीन अगस्त तिथि निर्धारित की थी। बुधवार सुबह से ही दुकानें ध्वस्त करने की तैयारियां शुरू हो गई थीं। नगर निगम ने दो जेसीबी, दो ट्रैक्टर और दो कचरा ट्रक मौके पर जाने के लिए रिजर्व कर दिए। पुलिस बल भी तैयार हो गया।
शाम को लगभग चार बजे से हलचल शुरू हुई और पुलिस के जवान बाइकों ने मौके पर पहुंचे। उन्होंने दुकानों के आसपास अवैध तरीके रखी गुमटियों को हटवाया और चंद्रशेखर आजाद तिराहा से लेकर स्टेशन रोड तिराहा तक रास्ता को कवर कर लिया। वहां से आने-जाने वालों को रोक दिया गया। साढ़े चार बजे नगर निगम का अमला पहुंचा और दुकानों पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया।
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पहले अलग से बनी दो दुकानों को गिराया गया, इसके बाद लाइन से बनी आठ दुकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया गया और अंत में तीन दुकानों के बगल में बनाई गई एक दुकान को तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी ने विरोध नहीं किया, शांतिपूर्वक कार्रवाई चलती रही। करीब एक घंटे में दुकानों का ध्वस्तीकरण कर दिया गया।
नहीं माना किसी का दबाव
नगर निगम ने अवैध दुकानों के ध्वस्तीकरण को लेकर नगर निगम अफसरों ने किसी का भी दबाव नहीं माना। ज्यादातर अधिकारी बुधवार की सुबह कार्यालय में ही नहीं बैठे। इतना ही नहीं, अधीनस्थों को भी किसी को उनके बारे में बताने के बारे में मना कर दिया गया। और तो और किसी अधिकारी का फोन नहीं लगा।
इन कब्जों पर भी ध्यान दीजिए
नटराज मोबाइल के पास बने नाले पर स्लैब डालकर कब्जा कर लिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि नगर निगम आजाद प्रतिमा के पास दुकानें तोड़ रहा था, दूसरी तरफ यहां स्लैब डाली जा रही थी। वहीं, ऋषि कुंज स्कूल के पास से निकले नाले पर नगर निगम के एक कर्मचारी ने मकान का निर्माण कर लिया है। यह निर्माण ऐसे हैं, जो विभाग के संज्ञान में हैं। लेकिन, इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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चंद्रशेखर आजाद प्रतिमा के पास बनी अवैध दुकानों की तमाम शिकायतों के बाद भी नगर निगम कोई एक्शन नहीं ले रहा था। मामला कमिश्नर तक पहुंचा तो पूरी जमीन की नाप कराई गई, जिसमें दुकानें अवैध पाई गईं। राजस्व विभाग की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने अवैध दुकानों के ध्वस्तीकरण के लिए तीन अगस्त तिथि निर्धारित की थी। बुधवार सुबह से ही दुकानें ध्वस्त करने की तैयारियां शुरू हो गई थीं। नगर निगम ने दो जेसीबी, दो ट्रैक्टर और दो कचरा ट्रक मौके पर जाने के लिए रिजर्व कर दिए। पुलिस बल भी तैयार हो गया।
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शाम को लगभग चार बजे से हलचल शुरू हुई और पुलिस के जवान बाइकों ने मौके पर पहुंचे। उन्होंने दुकानों के आसपास अवैध तरीके रखी गुमटियों को हटवाया और चंद्रशेखर आजाद तिराहा से लेकर स्टेशन रोड तिराहा तक रास्ता को कवर कर लिया। वहां से आने-जाने वालों को रोक दिया गया। साढ़े चार बजे नगर निगम का अमला पहुंचा और दुकानों पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया।
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पहले अलग से बनी दो दुकानों को गिराया गया, इसके बाद लाइन से बनी आठ दुकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया गया और अंत में तीन दुकानों के बगल में बनाई गई एक दुकान को तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी ने विरोध नहीं किया, शांतिपूर्वक कार्रवाई चलती रही। करीब एक घंटे में दुकानों का ध्वस्तीकरण कर दिया गया।
नहीं माना किसी का दबाव
नगर निगम ने अवैध दुकानों के ध्वस्तीकरण को लेकर नगर निगम अफसरों ने किसी का भी दबाव नहीं माना। ज्यादातर अधिकारी बुधवार की सुबह कार्यालय में ही नहीं बैठे। इतना ही नहीं, अधीनस्थों को भी किसी को उनके बारे में बताने के बारे में मना कर दिया गया। और तो और किसी अधिकारी का फोन नहीं लगा।
इन कब्जों पर भी ध्यान दीजिए
नटराज मोबाइल के पास बने नाले पर स्लैब डालकर कब्जा कर लिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि नगर निगम आजाद प्रतिमा के पास दुकानें तोड़ रहा था, दूसरी तरफ यहां स्लैब डाली जा रही थी। वहीं, ऋषि कुंज स्कूल के पास से निकले नाले पर नगर निगम के एक कर्मचारी ने मकान का निर्माण कर लिया है। यह निर्माण ऐसे हैं, जो विभाग के संज्ञान में हैं। लेकिन, इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।