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संक्रमित महिला के प्रसव के दौरान डॉक्टर आई कोरोना की चपेट में
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कोरोना
- फोटो : ??????
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झांसी। कोरोना वायरस संक्रमित महिला की प्रसूति के दौरान महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की जूनियर डॉक्टर इस महामारी की चपेट में आ गई। एहतियातन प्रसूति के दौरान मौजूद अन्य चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ की अब जांच कराई जाएगी।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में 11 जून को कोरोना संक्रमित महिला का प्रसव कराया गया था। हालांकि, महिला के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी पहले से थी। इस लिहाज से डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ ने पूरी सावधानी बरती थी। बावजूद, कोरोना वायरस के संक्रमण ने प्रसव कराने वाली गायनी विभाग की 30 वर्षीय जूनियर डॉक्टर को अपनी चपेट में ले लिया। प्रसव कराने के अगले ही दिन से जूनियर डॉक्टर को बुखार आना शुरू हो गया था।
सावधानी बरतते हुए तत्काल डॉक्टर की कोरोना जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को आई। डॉक्टर को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है। रिपोर्ट में कोरोना वायरस की पुष्टि होने पर मेडिकल के चिकित्सकों में हड़कंप मच गया। अब संक्रमित प्रसूता के संपर्क में आने वाले अन्य डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ की भी जांच कराई जाएगी। मेडिकल कॉलेज के किसी डाक्टर में कोरोना वायरस के संक्रमण का ये पहला मामला है।
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कर्तव्य पथ से नहीं डिगे कदम
झांसी। जहां लोग सामान्य मरीजों के पास जाने से भी कतरा रहे हैं, वहीं डॉक्टर लगातार अपने कर्तव्य पथ पर बगैर डिगे आगे बढ़ते जा रहे हैं। प्रसूता कोरोना वायरस से संक्रमित है, इसकी जानकारी पहले से ही चिकित्सीय स्टाफ को थी। पूरा एहतियात बरतते हुए महिला डॉक्टर ने प्रसव कराया। बावजूद, वो अपने आप को संक्रमण की चपेट में आने से रोक न सकी। चिकित्सक की कर्तव्यनिष्ठा की सभी सराहना और जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में 11 जून को कोरोना संक्रमित महिला का प्रसव कराया गया था। हालांकि, महिला के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी पहले से थी। इस लिहाज से डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ ने पूरी सावधानी बरती थी। बावजूद, कोरोना वायरस के संक्रमण ने प्रसव कराने वाली गायनी विभाग की 30 वर्षीय जूनियर डॉक्टर को अपनी चपेट में ले लिया। प्रसव कराने के अगले ही दिन से जूनियर डॉक्टर को बुखार आना शुरू हो गया था।
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सावधानी बरतते हुए तत्काल डॉक्टर की कोरोना जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को आई। डॉक्टर को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है। रिपोर्ट में कोरोना वायरस की पुष्टि होने पर मेडिकल के चिकित्सकों में हड़कंप मच गया। अब संक्रमित प्रसूता के संपर्क में आने वाले अन्य डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ की भी जांच कराई जाएगी। मेडिकल कॉलेज के किसी डाक्टर में कोरोना वायरस के संक्रमण का ये पहला मामला है।
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कर्तव्य पथ से नहीं डिगे कदम
झांसी। जहां लोग सामान्य मरीजों के पास जाने से भी कतरा रहे हैं, वहीं डॉक्टर लगातार अपने कर्तव्य पथ पर बगैर डिगे आगे बढ़ते जा रहे हैं। प्रसूता कोरोना वायरस से संक्रमित है, इसकी जानकारी पहले से ही चिकित्सीय स्टाफ को थी। पूरा एहतियात बरतते हुए महिला डॉक्टर ने प्रसव कराया। बावजूद, वो अपने आप को संक्रमण की चपेट में आने से रोक न सकी। चिकित्सक की कर्तव्यनिष्ठा की सभी सराहना और जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।