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Jhansi News: सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनने की ओर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में 250 किलोवाट सोलर एनर्जी का उत्पादन प्रारंभ हो गया है। विश्वविद्यालय के विभिन्न भवनों की छतों पर सोलर प्लांट के पैनल लगाए गए हैं, जिससे सोलर एनर्जी का उत्पादन भी होगा और छत पर सीधी धूप नहीं पड़ने से ऊपरी तल पर स्थित कमरों में गर्मी का प्रभाव कम होगा, जिससे कमरों में तापमान कम करने के लिए कूलर और एयर कंडीशनर की कम आवश्यकता होगी।
कुलपति प्रो. मुकेश पांडे ने आने वाले समय में यह क्षमता और अधिक बढ़ाकर विश्वविद्यालय को सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनाए जाने की रणनीति पर कार्य करने के लिए कहा। सोलर प्लांट को मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं के लिए प्रयोगशाला के रूप में प्रयोग करने के निर्देश दिए ताकि छात्र-छात्राओं को इस उभरते हुए क्षेत्र में प्रैक्टिकल ज्ञान प्राप्त हो सके और सोलर प्लांट का संरक्षण भी विद्यार्थियों और विभाग के शिक्षकों द्वारा किया जाए। कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने परिसर के पूरी रात सोलर स्ट्रीट लाइट से प्रकाशमान होने पर हर्ष व्यक्त किया और पर्यावरण संरक्षण में विश्वविद्यालय के योगदान को और बढ़ाने पर जोर दिया।
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में 250 किलोवाट सोलर एनर्जी का उत्पादन प्रारंभ हो गया है। विश्वविद्यालय के विभिन्न भवनों की छतों पर सोलर प्लांट के पैनल लगाए गए हैं, जिससे सोलर एनर्जी का उत्पादन भी होगा और छत पर सीधी धूप नहीं पड़ने से ऊपरी तल पर स्थित कमरों में गर्मी का प्रभाव कम होगा, जिससे कमरों में तापमान कम करने के लिए कूलर और एयर कंडीशनर की कम आवश्यकता होगी।
कुलपति प्रो. मुकेश पांडे ने आने वाले समय में यह क्षमता और अधिक बढ़ाकर विश्वविद्यालय को सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनाए जाने की रणनीति पर कार्य करने के लिए कहा। सोलर प्लांट को मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं के लिए प्रयोगशाला के रूप में प्रयोग करने के निर्देश दिए ताकि छात्र-छात्राओं को इस उभरते हुए क्षेत्र में प्रैक्टिकल ज्ञान प्राप्त हो सके और सोलर प्लांट का संरक्षण भी विद्यार्थियों और विभाग के शिक्षकों द्वारा किया जाए। कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने परिसर के पूरी रात सोलर स्ट्रीट लाइट से प्रकाशमान होने पर हर्ष व्यक्त किया और पर्यावरण संरक्षण में विश्वविद्यालय के योगदान को और बढ़ाने पर जोर दिया।
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