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सर्दी ने घटाई बिजली की मांग, पारीछा की दो इकाइयां बंद

Tue, 15 Dec 2020 01:47 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Tue, 15 Dec 2020 01:47 PM IST
सार

  • - स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के आदेश पर ही चालू होगा उत्पादन
  • - वर्तमान में दो इकाइयों से उत्पादित हो रहा 500 मेगावाट करंट

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Winter reduced electricity demand, two units of Paricha closed
बिजली घर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बार-बार मौसम परिवर्तन और बढ़ी ठंड के कारण प्रदेश में बिजली की मांग 20 हजार मेगावाट से घटकर 14 हजार मेगावाट पर आ गई है। बिजली की मांग घटने पर पारीछा थर्मल पावर प्लांट की 210 मेगावाट की दो इकाइयों को बंद (थर्मल ब्रेकिंग) कर दिया गया है। वर्तमान में 250 मेगावाट की दो इकाइयों से उत्पादन किया जा रहा है। उनको भी पूर्ण क्षमता के साथ नहीं चलाया जा रहा है। अब स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर से आदेश मिलने के बाद ही उत्पादन शुरू होगा। जबकि अनुबंध के कारण बजाज पावर प्लांट से आपूर्ति सुचारु रूप से ली जा रही है।

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पारीछा थर्मल पावर प्लांट में वर्तमान में 210 मेगावाट की दो व 250 मेगावाट की दो इकाइयां हैं। सालों पुरानी 110 मेगावाट की दोनों इकाइयों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस कारण प्लांट की अब 920 मेगावाट क्षमता ही बची है। इन दिनों प्रदेश में बार मौसम बदलने से हो रही ठंड के कारण बिजली की डिमांड (मांग) कम चल रही है, इस कारण स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के आदेश पर पारीछा थर्मल पावर प्लांट की 210 मेगावाट की दोनों इकाइयों को बंद कर दिया गया है। 
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प्लांट के मुख्य महाप्रबंधक आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि स्टेट लोड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के आदेश पर ही उत्पादन इकाइयों को चालू किया जाएगा। वहीं, ललितपुर स्थित बजाज पावर प्लांट की 660 मेगावाट की तीनों इकाइयों से उत्पादन चालू है। चूंकि, प्रदेश सरकार ने बजाज पावर प्लांट से अनुबंध कर रखा है, इस कारण बिजली लेना मजबूरी है।
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इसलिए बंद होती हैं इकाइयां
बिजली की खपत के हिसाब से उपलब्धता अधिक होने पर फ्रीक्वेंसी बढ़ जाती है। इससे मशीनें ट्रिप हो जाती हैं। सिस्टम को बचाने के लिए ऐसा करना पड़ता है। बिजली खपत के हिसाब से उपलब्धता कम होने पर वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो जाती है। बिजली को स्टोर नहीं किया जा सकता। इस कारण उतना ही उत्पादन किया जाता है, जितनी जरूरत होती है।

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