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पत्नी की हत्या के बाद फांसी के फंदे पर झूला
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खिलारा (झांसी)। मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र के खिलारा गांव में शनिवार को एक ग्रामीण ने लोहे के सरिया से हमला करके पहले पत्नी की हत्या की तथा बाद में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। आरोपी ने वारदात को सुबह करीब ग्यारह बजे उस समय अंजाम दिया जब घर के अन्य सदस्य नहीं थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी सनकी किस्म का था, इसके दो माह पहले भी अपनी पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमला कर चुका था, उस समय वह बच गई थी।
शनिवार को खिलारा निवासी लखन (40) अपनी पत्नी रामकुमारी (38) क े साथ घर पर ही था, इसी दौरान लखन का पिता घनश्याम अपनी नातिनों को लेकर खेत पर चला गया तथा मां कली पूजा करने मंदिर चली गई। इसी दौरान लखन कुशवाहा (40) ने अपनी पत्नी राम कुमारी (38) पर लोहे के सरिया से ताबड़तोड़ तरीके से हमला करके उसकी हत्या कर दी तथा बाद में छत के कुंदे में रस्सी बांधकर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसकी मां कली घर आई तो देखा कि बहू चारपाई पर खून से लथपथ पड़ी थी। इसकी सूचना उसने गांववालों को दी। इसके बाद कमरे की तरफ गई तो कमरा बंद था। आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। उसने पति को खेत से बुलाया। घनश्याम ने आकर देखा तो बेटा भी फांसी के फंदे पर झूल रहा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मऊरानीपुर अस्पताल भेजा गया।
खिलारा निवासी लखन कुशवाहा मजदूरी करता था। कुछ दिनों से उसका पत्नी राम कुमारी (38) से विवाद चल रहा था। इस पर दोनों में अक्सर लड़ाई होती रहती थी। लखन के पिता घनश्याम कुशवाहा ने बताया कि शनिवार को दिन में 11 बजे उनका बेटा और बहू घर पर काम कर रहे थे। सभी नातिने खेत पर गईं थीं। सास कली ने बताया कि सुबह उठने के बाद सभी ने नाश्ता किया। इसके बाद लखन की सभी बेटियां खेत पर दादा के साथ चली गईं। लखन और उसकी पत्नी रामकुमारी काम करने लगीं। कली भी पूजा करने के लिए मंदिर चली गई। लौटकर घर आई तो रामकुमारी आंगन में चारपाई पर खून से लथपथ पड़ी थी। इसके बाद कली ने गांववालों को सूचना दी। लोगों ने आकर देखा तो रामकुमारी की मौत हो चुकी थी। लखन के कमरे में जाकर देखा तो अंदर से बंद था। कमरे में झांककर देखा लखन भी अंदर फांसी पर लटका था। इस पर कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को उतारा गया।
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इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह, कोतवाली प्रभारी सत्येंद्र सिंह, उपनिरीक्षक नयन सिंह, राजकुमार पांडे, सत्यनारायण तिवारी, भूपेंद्र सिंह परमार ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि लखन की छह बेटियां हैं। सबसे बड़ी बेटी 13 साल की है और सबसे छोटी बेटी छह माह की है। इस घटना को लेकर गांव में शोक है। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है अब इन छह बच्चियों की परवरिश कैसे होगी।
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शनिवार को खिलारा निवासी लखन (40) अपनी पत्नी रामकुमारी (38) क े साथ घर पर ही था, इसी दौरान लखन का पिता घनश्याम अपनी नातिनों को लेकर खेत पर चला गया तथा मां कली पूजा करने मंदिर चली गई। इसी दौरान लखन कुशवाहा (40) ने अपनी पत्नी राम कुमारी (38) पर लोहे के सरिया से ताबड़तोड़ तरीके से हमला करके उसकी हत्या कर दी तथा बाद में छत के कुंदे में रस्सी बांधकर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसकी मां कली घर आई तो देखा कि बहू चारपाई पर खून से लथपथ पड़ी थी। इसकी सूचना उसने गांववालों को दी। इसके बाद कमरे की तरफ गई तो कमरा बंद था। आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। उसने पति को खेत से बुलाया। घनश्याम ने आकर देखा तो बेटा भी फांसी के फंदे पर झूल रहा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मऊरानीपुर अस्पताल भेजा गया।
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खिलारा निवासी लखन कुशवाहा मजदूरी करता था। कुछ दिनों से उसका पत्नी राम कुमारी (38) से विवाद चल रहा था। इस पर दोनों में अक्सर लड़ाई होती रहती थी। लखन के पिता घनश्याम कुशवाहा ने बताया कि शनिवार को दिन में 11 बजे उनका बेटा और बहू घर पर काम कर रहे थे। सभी नातिने खेत पर गईं थीं। सास कली ने बताया कि सुबह उठने के बाद सभी ने नाश्ता किया। इसके बाद लखन की सभी बेटियां खेत पर दादा के साथ चली गईं। लखन और उसकी पत्नी रामकुमारी काम करने लगीं। कली भी पूजा करने के लिए मंदिर चली गई। लौटकर घर आई तो रामकुमारी आंगन में चारपाई पर खून से लथपथ पड़ी थी। इसके बाद कली ने गांववालों को सूचना दी। लोगों ने आकर देखा तो रामकुमारी की मौत हो चुकी थी। लखन के कमरे में जाकर देखा तो अंदर से बंद था। कमरे में झांककर देखा लखन भी अंदर फांसी पर लटका था। इस पर कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को उतारा गया।
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इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह, कोतवाली प्रभारी सत्येंद्र सिंह, उपनिरीक्षक नयन सिंह, राजकुमार पांडे, सत्यनारायण तिवारी, भूपेंद्र सिंह परमार ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि लखन की छह बेटियां हैं। सबसे बड़ी बेटी 13 साल की है और सबसे छोटी बेटी छह माह की है। इस घटना को लेकर गांव में शोक है। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है अब इन छह बच्चियों की परवरिश कैसे होगी।