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कोरोना संक्रमित की मौत के बाद पत्नी ने दी मुखाग्नि, पुत्रों को गांव में ही रखा, नहीं आने दिया संपर्क में
Thu, 04 Jun 2020 03:01 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jun 2020 03:01 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना संक्रमित पति की मौत के बाद उसकी पत्नी ने शव का अंतिम संस्कार किया। हालांकि, मृतक के नौ और सात साल के दो पुत्र भी हैं, परंतु पत्नी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी। ऐसे में वो बच्चों को गांव से ही लेकर नहीं आई और पति को खुद मुखाग्नि दी। अंतिम क्रिया के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मरीज की पत्नी, पिता व रिश्तेदार को क्वारंटीन कर दिया है।
जालौन के माधौगढ़ के बोहन गांव निवासी एक 30 वर्षीय किसान को बुखार आने के बाद परिजनों ने 31 मई को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। तेज बुखार होने की वजह से यहां उसे कोविड अस्पताल में दाखिल किया गया था। सोमवार को उसकी मौत हो गई। मृतक की कोरोना रिपोर्ट मंगलवार की शाम पॉजिटिव आई।
बुधवार को शव मृतक की पत्नी और उसके साथ आए परिजनों को सौंप दिया गया। शव का अंतिम संस्कार मेडिकल कॉलेज से पास के बड़ागांव गेट बाहर मुक्तिधाम पर किया गया। हालांकि, इस दौरान परिजनों ने सलाह दी कि मुखाग्नि के लिए गांव से मृतक के बड़े पुत्र को बुला लिया जाए, परंतु पत्नी ने साफ मना कर दिया।
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जालौन के माधौगढ़ के बोहन गांव निवासी एक 30 वर्षीय किसान को बुखार आने के बाद परिजनों ने 31 मई को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। तेज बुखार होने की वजह से यहां उसे कोविड अस्पताल में दाखिल किया गया था। सोमवार को उसकी मौत हो गई। मृतक की कोरोना रिपोर्ट मंगलवार की शाम पॉजिटिव आई।
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बुधवार को शव मृतक की पत्नी और उसके साथ आए परिजनों को सौंप दिया गया। शव का अंतिम संस्कार मेडिकल कॉलेज से पास के बड़ागांव गेट बाहर मुक्तिधाम पर किया गया। हालांकि, इस दौरान परिजनों ने सलाह दी कि मुखाग्नि के लिए गांव से मृतक के बड़े पुत्र को बुला लिया जाए, परंतु पत्नी ने साफ मना कर दिया।
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उसका कहना था कि कोरोना संक्रमित के संपर्क में जितने कम से कम लोग आएं, उतना ही सभी के लिए बेहतर है। इसके बाद पत्नी ने आगे बढ़कर अपने पति के शव को मुखाग्नि दी। अंतिम क्रिया के दौरान पत्नी की आंखों से लगातार आंसू बहते रहे। ये देखकर वहां मौजूद अन्य लोग भी अपनी आंखें नम होने से नहीं रोक सके।