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जब सब कुछ खुल गया तो खिलाड़ियों को भी खेलने दो साहब
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झांसी। कोरोना कर्फ्यू के कारण सभी खेल गतिविधियों पर भी पाबंदी लगाई गई थी। कोरोना कर्फ्यू हटने के बाद बाजारों को खोलने की अनुमति दे दी गई है। लेकिन अभी तक खेल की गतिविधियों शुरू नहीं की गईं हैं। जिसके चलते कोचों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोचों द्वारा गाइड लाइन के तहत खेल की गतिविधियों को शुरू करने की मांग की गई है।
झांसी शहर ने देश को कई नामी खिलाड़ी दिए है। दुनिया भर में हॉकी का लोहा मनवाने वाले हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की कर्मस्थली भी झांसी थी। सीपरी स्थित हीरोज ग्राउंड पर ही वह नवोदित खिलाड़ियों को हॉकी की बारीकियों से रूबरू कराते थे, जिसके चलते खेल की दुनिया में झांसी की एक विशेष पहचान है। खेल के दम पर ही कई खिलाड़ी सरकारी महकमों में अहम ओहदों पर काबिज होकर खास भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन पहले लॉकडाउन और अब कोरोना कर्फ्यू की वजह से खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे है। साथ ही कोचों को भी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोरोना संक्रमण के चलते कोरोना कर्फ्यू लगाया गया था। लेकिन अब कर्फ्यू को हटा लिया गया है। शहर के सभी बाजार भी खोल दिए गए हैं। खेलों को भी अब शुरू कर देना चाहिए। पिंकी, कराटे कोच
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संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी होते ही कर्फ्यू को हटा लिया गया है। अब सरकार को खेलों को भी सशर्त अनुमति प्रदान करना चाहिए। कोच आर्थिक परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं। मेवालाल, राजपूत
पहले लॉकडाउन और अब कोरोना कर्फ्यू के चलते खिलाड़ियों को प्रैक्टिस नहीं करा सके हैं। इसके अलावा कोई दूसरी आमदनी भी नहीं है। कोचों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कामनी कुशवाहा, मल्लखंभ कोच
जब से संक्रमण ने दस्तक दी है तब से कोचों की आर्थिक हालत काफी खराब हो गई है। जब खिलाड़ी सीखने को ही नहीं आ रहे हैं तो फीस कौन अदा करेगा। देवी प्रसाद, जिम्नास्टिक कोच
सरकार को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ स्टेडियम, अकादमी और मैदानों पर खेलने की अनुमति को प्रदान कर देना चाहिए। जिससे खिलाड़ियों के साथ ही कोचों का भी कुछ भला हो सके। शैलेंद्र कुमार, एथलेटिक्स कोच
सरकार द्वारा बाजारों के साथ ही कई प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दी गई है। खिलाड़ियों को भी गाइड लाइन के तहत खेलने व अभ्यास करने की अनुमति देना चाहिए। योगेश अग्रवाल, फुटबाल कोच
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झांसी शहर ने देश को कई नामी खिलाड़ी दिए है। दुनिया भर में हॉकी का लोहा मनवाने वाले हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की कर्मस्थली भी झांसी थी। सीपरी स्थित हीरोज ग्राउंड पर ही वह नवोदित खिलाड़ियों को हॉकी की बारीकियों से रूबरू कराते थे, जिसके चलते खेल की दुनिया में झांसी की एक विशेष पहचान है। खेल के दम पर ही कई खिलाड़ी सरकारी महकमों में अहम ओहदों पर काबिज होकर खास भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन पहले लॉकडाउन और अब कोरोना कर्फ्यू की वजह से खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे है। साथ ही कोचों को भी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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कोरोना संक्रमण के चलते कोरोना कर्फ्यू लगाया गया था। लेकिन अब कर्फ्यू को हटा लिया गया है। शहर के सभी बाजार भी खोल दिए गए हैं। खेलों को भी अब शुरू कर देना चाहिए। पिंकी, कराटे कोच
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संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी होते ही कर्फ्यू को हटा लिया गया है। अब सरकार को खेलों को भी सशर्त अनुमति प्रदान करना चाहिए। कोच आर्थिक परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं। मेवालाल, राजपूत
पहले लॉकडाउन और अब कोरोना कर्फ्यू के चलते खिलाड़ियों को प्रैक्टिस नहीं करा सके हैं। इसके अलावा कोई दूसरी आमदनी भी नहीं है। कोचों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कामनी कुशवाहा, मल्लखंभ कोच
जब से संक्रमण ने दस्तक दी है तब से कोचों की आर्थिक हालत काफी खराब हो गई है। जब खिलाड़ी सीखने को ही नहीं आ रहे हैं तो फीस कौन अदा करेगा। देवी प्रसाद, जिम्नास्टिक कोच
सरकार को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ स्टेडियम, अकादमी और मैदानों पर खेलने की अनुमति को प्रदान कर देना चाहिए। जिससे खिलाड़ियों के साथ ही कोचों का भी कुछ भला हो सके। शैलेंद्र कुमार, एथलेटिक्स कोच
सरकार द्वारा बाजारों के साथ ही कई प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दी गई है। खिलाड़ियों को भी गाइड लाइन के तहत खेलने व अभ्यास करने की अनुमति देना चाहिए। योगेश अग्रवाल, फुटबाल कोच