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आगे टोंटी, पीछे दीवार, खत्म हो गए प्याऊ
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इलाइट चौराहा के पास झूलेलाल पार्क में बनी प्याऊ का पंप खराब पड़ा है।
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झांसी। गर्मियों में राहगीरों की सहूलियत के लिए बने स्थाई प्याऊ गायब हो चुके हैं। कुछ गिने-चुने जगहों पर प्याऊ बचे हैं लेकिन, उनका भी रखरखाव नहीं हो रहा। ऐसे में गर्मियों में राहगीरों को पानी के लिए परेशान होना पड़ेगा।
कोतवाली के पास दशकों पुराना प्याऊ था लेकिन, कुछ वर्ष पहले कोतवाली के सुंदरीकरण के दौरान सबसे पहला निशाना यह प्याऊ बना। प्याऊ की टंकी तोड़ दी गई। टंकी की जगह का इस्तेमाल कोतवाली परिसर के लिए कर लिया गया। अब प्याऊ के नामों-निशां के तौर पर बाहर लगी टोंटियां ही शेष हैं। अभी भी नए लोग पानी की तलाश में इन टोंटियों को खोल बैठते हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि करीब तीस साल पुरानी टंकी थी। कुछ समय पहले इस टंकी को तोड़ दिया गया।
यही हालत बड़ा बाजार तिराहे के पास बने प्याऊ की है। यह प्याऊ करीब 25 साल पहले बनाया गया था लेकिन, देखरेख न होने की वजह से अब पूरी तरह खराब हो चुका है। टंकी के भीतर भी कचरा भरा हुआ है। सबसे व्यस्ततम इलाके इलाइट चौराहे पर भी प्याऊ है लेकिन यह निगम अफसरों की उपेक्षा का शिकार होकर बंद हो चुका। स्थानीय व्यापारी कई बार इसकी मरम्मत कराने की मांग कर चुके लेकिन, निगम प्रशासन ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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प्याऊ की जरूरत सबसे ज्यादा है। बाहर से आने पर कहीं पानी नहीं मिलता। प्यास लगने पर होटल खोजना पड़ता है
हेमंत सिंह
सभी महत्वपूर्ण जगहों पर पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। कोतवाली, इलाइट चौराहा, जीवनशाह, जेल चौराहा कहीं भी पानी नहीं मिलता।
नफीस
गर्मियों में पानी की बहुत दिक्कत होती है। मौसम को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ लगाए जाने चाहिए
रवि साहू
यहां दूर-दराज से लोग आते हैं लेकिन, पानी के लिए उनको जगह-जगह भटकना पड़ता है। नगर निगम को अस्थाई प्याऊ भी आरंभ करने चाहिए
शंकर पटेरिया
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कोतवाली के पास दशकों पुराना प्याऊ था लेकिन, कुछ वर्ष पहले कोतवाली के सुंदरीकरण के दौरान सबसे पहला निशाना यह प्याऊ बना। प्याऊ की टंकी तोड़ दी गई। टंकी की जगह का इस्तेमाल कोतवाली परिसर के लिए कर लिया गया। अब प्याऊ के नामों-निशां के तौर पर बाहर लगी टोंटियां ही शेष हैं। अभी भी नए लोग पानी की तलाश में इन टोंटियों को खोल बैठते हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि करीब तीस साल पुरानी टंकी थी। कुछ समय पहले इस टंकी को तोड़ दिया गया।
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यही हालत बड़ा बाजार तिराहे के पास बने प्याऊ की है। यह प्याऊ करीब 25 साल पहले बनाया गया था लेकिन, देखरेख न होने की वजह से अब पूरी तरह खराब हो चुका है। टंकी के भीतर भी कचरा भरा हुआ है। सबसे व्यस्ततम इलाके इलाइट चौराहे पर भी प्याऊ है लेकिन यह निगम अफसरों की उपेक्षा का शिकार होकर बंद हो चुका। स्थानीय व्यापारी कई बार इसकी मरम्मत कराने की मांग कर चुके लेकिन, निगम प्रशासन ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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प्याऊ की जरूरत सबसे ज्यादा है। बाहर से आने पर कहीं पानी नहीं मिलता। प्यास लगने पर होटल खोजना पड़ता है
हेमंत सिंह
सभी महत्वपूर्ण जगहों पर पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। कोतवाली, इलाइट चौराहा, जीवनशाह, जेल चौराहा कहीं भी पानी नहीं मिलता।
नफीस
गर्मियों में पानी की बहुत दिक्कत होती है। मौसम को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ लगाए जाने चाहिए
रवि साहू
यहां दूर-दराज से लोग आते हैं लेकिन, पानी के लिए उनको जगह-जगह भटकना पड़ता है। नगर निगम को अस्थाई प्याऊ भी आरंभ करने चाहिए
शंकर पटेरिया