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Jhansi News: घरों तक पहुंचने लगा पानी लेकिन दुरुपयोग रोकना चुनौती
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जल जीवन मिशन योजना की ‘हर घर नल हर घर जल’ परियोजना में घर-घर कनेक्शन लग गए हैं। अब चुनौती इसका दुरुपयोग रोकने की है। लोगों को जागरूक करना होगा क्योंकि कोई भैंस को नहला रहा है तो कोई सड़क धो रहा है। खास बात है कि इस परियोजना से भूजल दोहन में कमी आई है और जल स्तर में भी मामूली सुधार हुआ है। ये बातें बुंदेलखंड विवि के प्रो. डॉ यतींद्र मिश्र की ओर से किए गए सर्वे में सामने आईं।
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘हर घर नल हर घर जल’ का बीयू के समाज कार्य विभाग ने अध्ययन किया है। एसोसिएट प्रो. डॉ. यतींद्र मिश्र ने बताया कि सर्वे के लिए बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, झांसी, जालौन, महोबा व ललितपुर के 10-10 गांवों को चुना गया। सर्वे में स्वास्थ्य, शिक्षा, आर्थिक मानकों व सामाजिक दृष्टिकोण में आए सकारात्मक पहलुओं को उजागर करते हुए कई सुझाव दिए हैं। उन्होंने बताया कि गांव के प्रत्येक परिवारों को साफ पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे जलजनित बीमारियों से राहत मिली है। पाचन क्रिया में सुधार हुआ। पानी की पहुंच से जातिगत भेदभाव खत्म हुए हैं। गांव में स्वरोजगार बढ़े हैं और कृषि जमीन उपजाऊ हुई है।
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डॉ. यतींद्र मिश्र ने बताया कि सर्वे में यह तो साफ हो गया है कि घरों में नल के कनेक्शन हो गए हैं मगर इन्हें बनाए रखने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है अन्यथा योजना की मंशा पूरी नहीं होगी। उन्होंने रिपोर्ट में बताया है कि यह बात सही है कि जिन गांवों के घरों में नल लग गए हैं, वहां भू-जल दोहन कम हुआ है। गर्मी के समय सूखने वाली बावड़ी व तालाबों में पानी भरा है। इससे भू-जल स्तर में मामूली वृद्धि देखने मिली है। ढाई महीने में सात जिलों के 70 गांवों में अध्ययन किया गया है। टीम में शोधार्थी और चार फैकल्टी सदस्य शामिल रहे।
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