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न बिजली समय से आती है न पानी...बड़ी परेशानियों भरी है यहां के लोगों की जिंदगानी

Fri, 11 Jun 2021 01:22 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jun 2021 01:22 AM IST
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Water and light problem in jhansi
-सिद्धेश्वर नगर पानी की किल्लत के चलते टैंकर से पानी भरने के लिए लगी लोगों की भीड़l संवाद न्यूज़ एजे?
झांसी। नगर निगम सीमा में करीब बीस साल पहले शामिल हुए सिमरहा, सिर्गारा, भगवंतपुरा, भट्टागांव, नैनागढ़, गढ़ियागांव जैसे इलाकों की तस्वीर आज तक नहीं बदली। यहां न पीने का पानी मिलता है, न ही बिजली आने-जाने का कोई समय है। यहां के मोहल्लों में घरों से कूड़ा उठना भी शुरू नहीं हुआ है। सड़क के किनारे बनाए गए अस्थाई कूड़ा घरों में ही कूड़ा डंप किया जाता है। सफाई की व्यवस्था न होने से इन इलाकों में मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियां नियमित तौर पर लोगों को अपना शिकार बनाती रहती हैं।
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नगर महापालिका का विस्तार होने के बाद इसमें 18 गांव भी शामिल किए गए। उस दौरान गढ़िया गांव, सिमरहा, सिर्गारा, भगवंतपुरा जैसे इलाके भी शामिल हुए। निगम सीमा में शामिल होने से यहां के लोगों में जीवन स्तर बेहतर होने की उम्मीद जगी लेकिन, करीब बीस साल बाद भी यहां के हालत में बहुत सुधार नहीं हुआ। इन इलाकों में करीब 30 हजार आबादी निवास करती है लेकिन, मूलभूत सुविधाएं भी यहां तक नहीं पहुंच सकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है सबसे अधिक समस्या बिजली-पानी की है। शहरी इलाका घोषित होने के बावजूद विद्युत आपूर्ति ग्रामीण इलाके के हिसाब से ही होती है। इन दिनों बिजली आने-जाने का कोई भी समय तय नहीं है। स्थानीय लोगों में इसको लेकर बेहद आक्रोश है। कई बार शिकायत की गई लेकिन, व्यवस्था नहीं सुधरी। इसी तरह सालिड वेस्ट के तहत जहां पूरे शहर में घरों से कूड़ा उठाए जाने के साथ ही सड़कों पर कूड़ा अड्डे खत्म किए जा रहे लेकिन, इन इलाकों तक यह व्यवस्था अब तक पहुंची ही नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राइवेट सफाईकर्मियों से ही कूड़ा उठवाया जाता है। नालियां बजबजाती रहती हैं। सफाई के लिए नगर निगम से कोई कर्मचारी नहीं आता। गंदगी की वजह से यहां मच्छरजनित बीमारियां भी हर सीजन में फैल जाती हैं। पीने के पानी के लिए भी इंतजाम नहीं हुआ। सार्वजनिक पेयजल के लिए करीब आधा दर्जन हैंडपंप लगाए गए हैं लेकिन, कोई भी हैंडपंप काम नहीं करता है। गर्मियों में अधिकांश लोग पानी के लिए टैंकर पर निर्भर करते हैं।
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- बिजली की समस्या से हम सभी लोग परेशान हैं। बिजली समय पर नहीं आती। सफाई भी नहीं होती। शिकायतों की कोई सुनवाई नहीं होती
आयुष यादव
नगर निगम से सफाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नालियां पूरी तरह भरी हुई हैं। नाली बैक फ्लो होकर उसका गंदा पानी घर में भर जाता है।
विवेक
घरों से कूड़ा उठाने कोई नहीं आता। कूड़ा सड़क के किनारे ही पड़ा रहता है। गंदगी की वजह से आसपास बीमारियां भी फैल जाती हैं।
भागचंद
- पीने के पानी रोजाना दूर से भरकर लाना पड़ता है। हैंडपंप मोहल्ले में लगा है लेकिन, उसे भी ठीक नहीं कराया गया।
पवन
- पानी की समस्या है। पीने के पानी के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ती है। गर्मियों में यह समस्या बढ़ जाती है।
दीपक
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