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लॉकर में कैद अस्थियों को विसर्जन का इंतजार

Fri, 17 Apr 2020 11:57 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 17 Apr 2020 11:57 PM IST
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Waiting asthiya provided in river in lock locker
बड़ागांव गेट बाहर मुक्तिधाम पर बने लॉकर में रखीं अस्थियां 2
झांसी। मोक्ष यानी दुनिया से मुक्ति, लेकिन आज मोक्ष भी लॉकडाउन में फंस गया है। जिन लोगों की मृत्यु हाल मेें ही हुई है। परिजनों ने अंतिम संस्कार के बाद उनकी अस्थियों को शमशान घाट स्थित लॉकरों में रखवा दिया है। अब सभी लॉकडाउन खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
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कोरोना के चलते पूरे देश में लागू किए गए लॉकडाउन का असर सभी वर्गों पर पड़ा है। हाल फिलहाल जिनकी भी मौत हुई है। अंतिम संस्कार के बाद परिजनों ने उनकी अस्थियां शमशान घाट में बने लॉकरों में रखवा दी हैं। वे चाहकर भी उनकी अस्थियों को नदियों में प्रवाहित नहीं कर पा रहे हैं। लॉकडाउन ने परिस्थितियां ही ऐसी बना दी हैं कि अधिकतम दस दिन में विसर्जित होने वाली अस्थियां भी दो-तीन सप्ताह से लॉकरों में कैद हैं। परिजन विवश हैं कि वे कब श्राद्घ पूरा करें। महानगर के चार मुक्तिधामों में कई मृतकों की अस्थियां रखी गई हैं। बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने अस्थियां किसी तालाब या मुक्तिधाम के पास स्थित पेड़ों पर टांग रखा है।
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