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ब्रह्मा, विष्णु, महेश के दर्शन एक साथ
Updated Mon, 24 Jul 2017 01:03 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी।
नई बस्ती के नागेश्वर पंचमुखी महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के साथ, क्षीरसागर में विराजमान विष्णु और उनकी नाभि से प्रकट ब्रह्मा के दर्शन एक साथ करें। गोसाइयों द्वारा निर्मित इस मंदिर का शिखर भी अन्य मंदिरों से अलग आकर्षित करने वाला है।
पठला हनुमान मंदिर के समीप इस मंदिर परिसर का नगर निगम और स्थानीय श्रद्धालुओं ने कायाकल्प किया है। यहां दुर्लभ शमी वृक्ष के पत्ते भगवान भोले की पूजा में काम आ रहे हैं। श्रद्धालुओं में राम जीवन दास, नीलम यादव, उमा, रंजीत यादव, नितिन यादव का दावा है कि आरती के दौरान यहां अक्सर छोटे-छोटे सर्प दिखते हैं। रात में उल्लू का जोड़ा मंदिर के शिखर पर दिखता है। पीपल पर नीलकंठ के दर्शन होते हैं। मंदिर के गर्भगृह में दुर्गा, गणेश, पार्वती की प्रतिमाएं हैं, तो बाहर नौ देवियों क े दिव्य दर्शन होते हैं।
प्रकृति के पंचतत्व देख रहे महादेव
झांसी।
मान्यता है कि फूटा चौपड़ा स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर के भोलेनाथ श्रद्धालुओं की सभी मुरादें पूरी करते हैं। मंदिर में भगवान भोले नाथ की प्रकृति के पंच तत्व जल, वायु, आकाश, अग्नि, पृथ्वी को देखती पंचमुखी प्रतिमा हैं। गर्भगृह में भगवान कृष्ण की सुंदर प्रतिमा भी है। विष्णु रूप में क्षीरसागर में शेषनाग की शैया पर विराजमान इस प्रतिमा में क ान्हा की पहचान कमर में बंधी मुरली और मोरपंख से होता हैं। मंदिर के शिखर पर कई लघु प्रतिमाएं है, जो पौराणिक कथाओं से जुड़ी है। गर्भगृह के बाहर लघु प्रतिमा भगवान नरसिंह की है।
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नई बस्ती के नागेश्वर पंचमुखी महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के साथ, क्षीरसागर में विराजमान विष्णु और उनकी नाभि से प्रकट ब्रह्मा के दर्शन एक साथ करें। गोसाइयों द्वारा निर्मित इस मंदिर का शिखर भी अन्य मंदिरों से अलग आकर्षित करने वाला है।
पठला हनुमान मंदिर के समीप इस मंदिर परिसर का नगर निगम और स्थानीय श्रद्धालुओं ने कायाकल्प किया है। यहां दुर्लभ शमी वृक्ष के पत्ते भगवान भोले की पूजा में काम आ रहे हैं। श्रद्धालुओं में राम जीवन दास, नीलम यादव, उमा, रंजीत यादव, नितिन यादव का दावा है कि आरती के दौरान यहां अक्सर छोटे-छोटे सर्प दिखते हैं। रात में उल्लू का जोड़ा मंदिर के शिखर पर दिखता है। पीपल पर नीलकंठ के दर्शन होते हैं। मंदिर के गर्भगृह में दुर्गा, गणेश, पार्वती की प्रतिमाएं हैं, तो बाहर नौ देवियों क े दिव्य दर्शन होते हैं।
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प्रकृति के पंचतत्व देख रहे महादेव
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मान्यता है कि फूटा चौपड़ा स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर के भोलेनाथ श्रद्धालुओं की सभी मुरादें पूरी करते हैं। मंदिर में भगवान भोले नाथ की प्रकृति के पंच तत्व जल, वायु, आकाश, अग्नि, पृथ्वी को देखती पंचमुखी प्रतिमा हैं। गर्भगृह में भगवान कृष्ण की सुंदर प्रतिमा भी है। विष्णु रूप में क्षीरसागर में शेषनाग की शैया पर विराजमान इस प्रतिमा में क ान्हा की पहचान कमर में बंधी मुरली और मोरपंख से होता हैं। मंदिर के शिखर पर कई लघु प्रतिमाएं है, जो पौराणिक कथाओं से जुड़ी है। गर्भगृह के बाहर लघु प्रतिमा भगवान नरसिंह की है।
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