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पुरा धरोहरों को देखने जाएं, नुकसान न पहुंचाएं
Jhansi
Updated Sun, 12 Feb 2017 12:59 AM IST
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पुरा धरोहरों को देखने जाएं, नुकसान न पहुंचाएं
- फोटो : demo
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
यदि आप अपने साथी के साथ ऐतिहासिक स्थलों पर घूमने जा रहे हैं तो इमारतों, दीवारों पर अपना नाम या प्रेम का इजहार करने वाले चिह्न न बनाएं। यह गैरकानूनी है। ऐसा करने पर आपको दो वर्ष की सजा और एक लाख रुपये जुर्माना हो सकता है। इन दिनों वेलेंटाइन वीक के चलते बड़ी संख्या में लोग जनपद के प्राचीन स्थलों पर घूमने जा रहे हैं। जिले की पुरा धरोहरों क ी निगरानी के लिए पुरातत्व विभाग ने शासन से सिक्योरिटी गार्डों की मांग की है।
ये वेलेंटाइन वीक चल रहा है। अपने प्यार का इजहार करने के लिए प्रेमी जोड़े सुरक्षित जगह तलाशते हैं। बड़ी संख्या में वह झांसी के किले में समय बिताने पहुंचते हैं। इसके अलावा वह रानी महल, महाराजा गंगाधर राव की समाधि स्थल, राजकीय संग्रहालय, रानी लक्ष्मीबाई पार्क, पंचतंत्र पार्क घूमने पहुंचते हैं। इन स्थलों पर घूमने के दौरान वह अपना और साथी का नाम दीवारों लिख देते हैं। कई बार पुरा धरोहरों को नुकीली वस्तु से खरोंचकर प्रेम का इजहार करने वाले चिह्न भी बना देते हैं। इससे इन प्राचीन स्मारकों का स्वरूप बिगड़ता जाता है। किला, रानीमहल की दीवारें लोगों के नामों से गुदी हुई हैं। पुरातत्व विभाग ने किले की खिड़कियों पर जाली लगवाई है, जिसे लोगों ने तोड़ दिया है। कई जगह विभाग ने नामों को मिटवाने के लिए पुताई भी करवाई, लेकिन वहां फिर से लोगों ने अपने नाम लिख दिए।
झांसी दुर्ग के इंचार्ज और भारतीय पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ सहायक पीके रेड्डी ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण पूरी तरह निगरानी कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है। लोगों को खुद ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए। निगरानी के लिए सरकार से एसआईएस सिक्योरिटी गार्डों की मांग की है।
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पुरा धरोहर से छेड़छाड़ पर दो साल की सजा
प्राचीन संस्मारक एवं पुरातात्विक स्थल व अवशेष अधिनियम 1958 और संशोधित अधिनियम 2010 के अनुसार स्मारक को क्षति पहुंचाना, नष्ट करना, स्वरूप परिवर्तित करना या दुरुपयोग करते पाए जाने पर एक लाख रुपये का जुर्माना या दो वर्ष की सजा हो सकती है या फिर दोनो हो सकता है।
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झांसी।
यदि आप अपने साथी के साथ ऐतिहासिक स्थलों पर घूमने जा रहे हैं तो इमारतों, दीवारों पर अपना नाम या प्रेम का इजहार करने वाले चिह्न न बनाएं। यह गैरकानूनी है। ऐसा करने पर आपको दो वर्ष की सजा और एक लाख रुपये जुर्माना हो सकता है। इन दिनों वेलेंटाइन वीक के चलते बड़ी संख्या में लोग जनपद के प्राचीन स्थलों पर घूमने जा रहे हैं। जिले की पुरा धरोहरों क ी निगरानी के लिए पुरातत्व विभाग ने शासन से सिक्योरिटी गार्डों की मांग की है।
ये वेलेंटाइन वीक चल रहा है। अपने प्यार का इजहार करने के लिए प्रेमी जोड़े सुरक्षित जगह तलाशते हैं। बड़ी संख्या में वह झांसी के किले में समय बिताने पहुंचते हैं। इसके अलावा वह रानी महल, महाराजा गंगाधर राव की समाधि स्थल, राजकीय संग्रहालय, रानी लक्ष्मीबाई पार्क, पंचतंत्र पार्क घूमने पहुंचते हैं। इन स्थलों पर घूमने के दौरान वह अपना और साथी का नाम दीवारों लिख देते हैं। कई बार पुरा धरोहरों को नुकीली वस्तु से खरोंचकर प्रेम का इजहार करने वाले चिह्न भी बना देते हैं। इससे इन प्राचीन स्मारकों का स्वरूप बिगड़ता जाता है। किला, रानीमहल की दीवारें लोगों के नामों से गुदी हुई हैं। पुरातत्व विभाग ने किले की खिड़कियों पर जाली लगवाई है, जिसे लोगों ने तोड़ दिया है। कई जगह विभाग ने नामों को मिटवाने के लिए पुताई भी करवाई, लेकिन वहां फिर से लोगों ने अपने नाम लिख दिए।
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झांसी दुर्ग के इंचार्ज और भारतीय पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ सहायक पीके रेड्डी ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण पूरी तरह निगरानी कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है। लोगों को खुद ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए। निगरानी के लिए सरकार से एसआईएस सिक्योरिटी गार्डों की मांग की है।
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पुरा धरोहर से छेड़छाड़ पर दो साल की सजा
प्राचीन संस्मारक एवं पुरातात्विक स्थल व अवशेष अधिनियम 1958 और संशोधित अधिनियम 2010 के अनुसार स्मारक को क्षति पहुंचाना, नष्ट करना, स्वरूप परिवर्तित करना या दुरुपयोग करते पाए जाने पर एक लाख रुपये का जुर्माना या दो वर्ष की सजा हो सकती है या फिर दोनो हो सकता है।