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साहब! गांव में पुश्तैनी मकान, फिर भी प्रधानजी ने नाम हटवा दिया
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केस एक - ब्लॉक बंगरा के शिवरतन के घर पांच बालिग मतदाता हैं लेकिन, मतदाता सूची से सबका नाम गायब हो गया। उनका कहना है चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे लेकिन, निवर्तमान ग्राम प्रधान ने नाम ही बाहर करा दिया। नाम जुड़वाने के लिए उन्होंने तहसील में आपत्ति दर्ज कराई है।
केस दो- कस्बा मोंठ निवासी सुखलाल अहिरवार पिछले एक वर्ष से गुजरात में रह रहे हैं लेकिन, उनके पूरे परिवार का नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है। उन लोगों ने नाम बाहर किए जाने को लेकर आपत्ति जताई है।
केस तीन- ब्लॉक मऊरानीपुर में सिद्धार्थ सोनी ने शिकायत दर्ज कराई कि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में ऐसे नाम जोड़ दिए गए हैं, जो नाम दूसरे ब्लॉक की मतदाता सूची में भी दर्ज हैं। निवर्तमान ग्राम प्रधान ने गलत तरीके से अपने समर्थकों के नाम दर्ज कराए हैं।
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केस चार- ब्लॉक बबीना निवासी रामअवतार ने एक ही परिवार के लोगों के अलग-अलग जगहों पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने को लेकर आपत्ति जताई है।
झांसी। यह आपत्तियां महज बानगी हैं। पंचायत चुनावों को लेकर तैयार हो रही मतदाता सूची में जोड़े गए नए नामों के साथ हटाए गए नामों पर करीब बीस हजार आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इसको लेकर ग्रामीण राजनीति में घमासान छिड़ा है। कहीं, निवर्तमान ग्राम प्रधान आरोपों के घेरे में हैं तो कहीं, क्षेत्रीय विधायक घिरे हुए हैं। इन आपत्तियों को 11 जनवरी तक निस्तारित किया जाएगा।
पंचायत चुनावों में विजयी पताका फहराने को राजनीतिक खेल शुरू हो चुका है। मतदाता सूची भी इसी खेल का हिस्सा बन रही। इसका खुलासा आपत्तियों के निपटारे के दौरान हो रहा है। सामान्यता बीएलओ पर स्थानीय दौरा करके मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने अथवा हटाने की जिम्मेदारी होती है। इनमें जो छूट अथवा बढ़ जाते हैं, आपत्तियों के जरिए उनको ही घटाया - बढ़ाया जाता है लेकिन, इन दिनों जिस तरह की आपत्तियां आई हैं उनमें बड़ी संख्या में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दिखाई पड़ रही है। कई जगहों से ऐसी आपत्तियां आई, जिनमें चुनाव की तैयारियों में जुटे व्यक्ति को परिवार समेत ही मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया। अब वह नाम शामिल कराने को जतन कर रहा है। इसी तरह कई ने अपने उम्मीदवारों की मजबूत करने के लिए परिवार के लोगों को दूसरे गांवों से भी मतदाता बनवा दिया। प्रतिद्वंद्वी इसका विरोध जता रहे हैं। सीट आरक्षित हो जाने पर चुनाव लड़ने का मौका हाथ से न निकल जाए इसलिए भी जतन किए जा रहे। इन सबमें कहीं निवर्तमान प्रधान का हाथ बताया जा रहा है तो कहीं, विधायकों के हस्तक्षेप की बात सामने आ रही है। दबाव में निवर्तमान प्रधान तक को मतदाता सूची से बाहर कर दिए जाने का आरोप लग रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय आपत्तियों की सुनवाई के बाद ही होगा। 11 जनवरी तक आपत्तियां निपटाई जाएंगी।
सबसे अधिक मोंठ में दर्ज हुईं आपत्तियां
मतदाता सूची में सबसे अधिक आपत्तियां मोंठ तहसील में दर्ज कराई गई हैं। यहां 5,766 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इसी तरह झांसी सदर में 1,794, गरौठा में 4,359, टहरौली में 3,457 एवं मऊरानीपुर में 3,400 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इन आपत्तियों को 11 जनवरी तक निस्तारित किया जाएगा। इसके बाद 12 से 21 जनवरी तक जनसामान्य इनको देख सकेंगे। 22 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा, हालांकि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया नामांकन से एक दिन पहले तक की जारी रहेगी।
ब्लॉक स्तर पर होगी मतगणना
पंचायत चुनावों के लिए इस बार भी ब्लॉक स्तर पर मतगणना कराई जाएगी। इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन से मतगणना केंद्रों का ब्योरा तलब किया है। आयोग ने पिछली बार बनाए गए केंद्रों की सूची के साथ वहां मौजूद स्थितियों की रिपोर्ट जल्द भेजने को कहा है। पिछली बार श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज बड़ागांव, आदर्श इंटर कॉलेज मोंठ, सरदार पटेल इंटर कॉलेज चिरगांव, राजकीय इंटर कॉलेज (सकरार) बंगरा, अग्रसेन महाविद्यालय मऊरानीपुर, नवीन मंडी स्थल गुरसरांय एवं नवीन मंडी स्थल बामौर में मतगणना केंद्र बनाए गए थे। आयोग ने एसडीएम, बीडीओ एवं तहसीदार को सभी केंद्रों का मौका-मुआयना करके जल्द रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
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केस दो- कस्बा मोंठ निवासी सुखलाल अहिरवार पिछले एक वर्ष से गुजरात में रह रहे हैं लेकिन, उनके पूरे परिवार का नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है। उन लोगों ने नाम बाहर किए जाने को लेकर आपत्ति जताई है।
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केस तीन- ब्लॉक मऊरानीपुर में सिद्धार्थ सोनी ने शिकायत दर्ज कराई कि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में ऐसे नाम जोड़ दिए गए हैं, जो नाम दूसरे ब्लॉक की मतदाता सूची में भी दर्ज हैं। निवर्तमान ग्राम प्रधान ने गलत तरीके से अपने समर्थकों के नाम दर्ज कराए हैं।
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केस चार- ब्लॉक बबीना निवासी रामअवतार ने एक ही परिवार के लोगों के अलग-अलग जगहों पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने को लेकर आपत्ति जताई है।
झांसी। यह आपत्तियां महज बानगी हैं। पंचायत चुनावों को लेकर तैयार हो रही मतदाता सूची में जोड़े गए नए नामों के साथ हटाए गए नामों पर करीब बीस हजार आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इसको लेकर ग्रामीण राजनीति में घमासान छिड़ा है। कहीं, निवर्तमान ग्राम प्रधान आरोपों के घेरे में हैं तो कहीं, क्षेत्रीय विधायक घिरे हुए हैं। इन आपत्तियों को 11 जनवरी तक निस्तारित किया जाएगा।
पंचायत चुनावों में विजयी पताका फहराने को राजनीतिक खेल शुरू हो चुका है। मतदाता सूची भी इसी खेल का हिस्सा बन रही। इसका खुलासा आपत्तियों के निपटारे के दौरान हो रहा है। सामान्यता बीएलओ पर स्थानीय दौरा करके मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने अथवा हटाने की जिम्मेदारी होती है। इनमें जो छूट अथवा बढ़ जाते हैं, आपत्तियों के जरिए उनको ही घटाया - बढ़ाया जाता है लेकिन, इन दिनों जिस तरह की आपत्तियां आई हैं उनमें बड़ी संख्या में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दिखाई पड़ रही है। कई जगहों से ऐसी आपत्तियां आई, जिनमें चुनाव की तैयारियों में जुटे व्यक्ति को परिवार समेत ही मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया। अब वह नाम शामिल कराने को जतन कर रहा है। इसी तरह कई ने अपने उम्मीदवारों की मजबूत करने के लिए परिवार के लोगों को दूसरे गांवों से भी मतदाता बनवा दिया। प्रतिद्वंद्वी इसका विरोध जता रहे हैं। सीट आरक्षित हो जाने पर चुनाव लड़ने का मौका हाथ से न निकल जाए इसलिए भी जतन किए जा रहे। इन सबमें कहीं निवर्तमान प्रधान का हाथ बताया जा रहा है तो कहीं, विधायकों के हस्तक्षेप की बात सामने आ रही है। दबाव में निवर्तमान प्रधान तक को मतदाता सूची से बाहर कर दिए जाने का आरोप लग रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय आपत्तियों की सुनवाई के बाद ही होगा। 11 जनवरी तक आपत्तियां निपटाई जाएंगी।
सबसे अधिक मोंठ में दर्ज हुईं आपत्तियां
मतदाता सूची में सबसे अधिक आपत्तियां मोंठ तहसील में दर्ज कराई गई हैं। यहां 5,766 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इसी तरह झांसी सदर में 1,794, गरौठा में 4,359, टहरौली में 3,457 एवं मऊरानीपुर में 3,400 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इन आपत्तियों को 11 जनवरी तक निस्तारित किया जाएगा। इसके बाद 12 से 21 जनवरी तक जनसामान्य इनको देख सकेंगे। 22 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा, हालांकि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया नामांकन से एक दिन पहले तक की जारी रहेगी।
ब्लॉक स्तर पर होगी मतगणना
पंचायत चुनावों के लिए इस बार भी ब्लॉक स्तर पर मतगणना कराई जाएगी। इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन से मतगणना केंद्रों का ब्योरा तलब किया है। आयोग ने पिछली बार बनाए गए केंद्रों की सूची के साथ वहां मौजूद स्थितियों की रिपोर्ट जल्द भेजने को कहा है। पिछली बार श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज बड़ागांव, आदर्श इंटर कॉलेज मोंठ, सरदार पटेल इंटर कॉलेज चिरगांव, राजकीय इंटर कॉलेज (सकरार) बंगरा, अग्रसेन महाविद्यालय मऊरानीपुर, नवीन मंडी स्थल गुरसरांय एवं नवीन मंडी स्थल बामौर में मतगणना केंद्र बनाए गए थे। आयोग ने एसडीएम, बीडीओ एवं तहसीदार को सभी केंद्रों का मौका-मुआयना करके जल्द रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।