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कार्यकारिणी बैठक के बीच सफाई कर्मियों का हंगामा, डेढ़ घंटे ठप रही बैठक

Wed, 22 Dec 2021 01:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 01:27 AM IST
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Uproar of sanitation workers amid executive meeting, meeting stalled for one and a half hours
झांसी। नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक के दौरान सफाई कर्मियों ने जमकर हंगामा किया। इस वजह से करीब डेढ़ घंटे तक बैठक बाधित रही। महापौर एवं नगर आयुक्त के समझाने के बाद सफाईकर्मी किसी तरह राजी हुए। इस वजह से कार्यकारिणी के सामने पुनरीक्षित बजट पेश नहीं हो सका। बजट के लिए अब बुधवार को बैठक बुलाई गई है।
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महापौर रामतीर्थ सिंघल की अध्यक्षता में बैठक आरंभ होने के कुछ देर बाद सैकड़ोें की संख्या में सफाई कर्मचारी कार्यकारिणी कक्ष के सामने पहुंच गए। सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। शोर-शराबा सुनकर गेट बंद कर दिए गए लेकिन, सफाई कर्मचारी शांत नहीं हुए। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम उनको शांत कराने पहुंचे। उसके बाद भी सफाईकर्मियों का हंगामा जारी रहा। हंगामा बढ़ता देख नवाबाद पुलिस को सूचना दी गई। थोड़ी देर में इंस्पेक्टर नवाबाद सुधाकर मिश्र भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। नगर आयुक्त अवनीश राय ने भी सफाई कर्मियों को समझाने की कोशिश की लेकिन, सफाई कर्मचारी वापस जाने को राजी नहीं हुए। करीब आधे घंटे तक कार्यकारिणी गेट पर नारेबाजी होती रही। बवाल के चलते बैठक बाधित हो गई। नगर आयुक्त ने सफाई यूनियन नेताओं से वार्ता की। यूनियन नेता एरियर भुगतान की मांग कर रहे थे लेकिन, नगर आयुक्त ने इससे साफ इंकार कर दिया। उन्होंने शासनादेश के मुताबिक ही भुगतान करने की बात कही। नगर आयुक्त ने अन्य मांग नियमों के मुताबिक पूरी करने की बात कही। इस हंगामे की वजह से बैठक करीब डेढ़ घंटे ठप रही।
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दुबारा बैठक शुरू होने पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला छाया रहा। पार्षद महेश गौतम, दिनेश कुमार, विमल किशोर, उमेश जोशी, विकास खत्री समेत अन्य ने सरकारी जमीन को खाली कराने में लापरवाही का आरोप लगाया। जनकार्य विभाग के भ्रष्टाचार का मामला भी गूंजा। पार्षद बंटी सोनी ने छह महीने के भीतर नई सड़क बनवाने का आरोप लगाया। कहा, कुछ महीने पहले बनी सड़कें दुबारा बन रहीं लेकिन, महारानी लक्ष्मीबाई से जुड़ा रानी महल के आसपास का इलाका बदहाल है। सड़कों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे। पार्षदों ने स्ट्रीट लाइटें चोरी होने की बात कही। शाम करीब छह बजे महापौर ने बैठक बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी।
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अफसरों की लापरवाही पर महापौर भड़के
पार्षदों के पूछे सवाल का जवाब तैयार न करने पर महापौर रामतीर्थ सिंघल भड़क उठे। उन्होंने अफसरों को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर जवाब देने की तैयारी में कोई अधिकारी नहीं है तो वह तुरंत कार्यकारिणी बैठक छोड़कर चला जाए। पार्षद पिछली बैठक में हुए निर्णय के बारे में जानना चाह रहे थे लेकिन, जनकार्य विभाग के अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। संपत्ति विभाग के पास भी कोई जवाब नहीं था। महापौर ने सभी को सख्त लहजे में चेतावनी दी है।
गुम हो गई जमीन से जुड़ी अहम फाइल
सरकारी भूमि की आराजी संख्या 751, 741 एवं 146 आदि पर चर्चा के दौरान जब पार्षदों ने इस जमीन पर काबिज लोगों को नोटिस दिए जाने के बारे में सवाल पूछा तब संपत्ति अधिकारी ने इससे संबंधित फाइल के खो जाने की बात कहकर सभी को चौंका दिया। खुद नगर आयुक्त अवनीश राय भी इस जवाब पर चौंक उठे। नगर आयुक्त ने इसे गंभीर लापरवाही बताया। पार्षदों ने कहाकि जमीन से जुड़ी फाइलों को जानबूझकर गायब कराया जा रहा है। पार्षदों ने मामले की जांच कराए जाने की मांग की है।
आबादी के हिसाब से बढ़ाए जाएंगे सफाई कर्मचारी
शहरी इलाकों की आबादी बढ़ने के अलावा जेडीए की कई आवासीय योजनाओं का रखरखाव भी नगर निगम को मिल गया। ऐसे में सफाई कर्मचारियों की कमी होने लगी है। इसको देखते हुए पार्षदों ने सफाई कर्मियों की संख्या में बढ़ोत्तरी की जरुरत बताई। नगर आयुक्त ने भी इस पर राजामंदी जाहिर की। नई जुड़ने वाली कॉलोनियों से हाउसटैक्स भी वसूलने की बात तय हुई है। नगर आयुक्त ने मातहतों को इस संबंध में कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

26 सफाई कर्मचारियों पर लटकी तलवार
मृतक आश्रित की आड़ में नियमों के विपरीत नौकरी हथियाने वाले 26 सफाई कर्मचारियों पर तलवार लटक गई। हंगामे के दौरान सफाई कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल इसी आधार पर हटाए गए एक कर्मचारी को बहाल करने पर अड़ा था लेकिन, नगर आयुक्त अवनीश राय राजी नहीं हुए। उन्होंने दो टूक ऐसा करने से मना कर दिया। इस पर सफाई यूनियन नेताओं ने अन्य 26 कर्मचारियों का भी हवाला दे डाला। नगर आयुक्त ने नियमों के अंतर्गत इनको भी हटाने की बात कही। यूनियन नेताओं के पास नगर आयुक्त के तर्क से सहमत होने के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा। इसी दौरान नगर आयुक्त ने तत्काल प्रभारी अधिकारी शादाब असलम को ऐसे सभी चिन्हित 26 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दे दिए। बता दें, नियमों के तहत सरकारी सेवा में पिता-माता में किसी एक के होने पर मृतक कोटे के तहत नौकरी नहीं दी जा सकती लेकिन, जांच में मालूम चलाकि नगर निगम के 26 सफाई कर्मचारियों ने नियमों को तोड़कर मृतक आश्रित कोटे में नौकरी हासिल कर ली। अब इन सभी कर्मचारियों की विदाई तय है।
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