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यूपीआई लेनदेन : प्रदेश में तीसरे स्थान पर झांसी के रेहड़ी-पटरी वाले
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जनपद में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऋण लेकर व्यापार करने वाले 83.59 फीसदी छोटे दुकानदार और रेहड़ी-पटरी वाले यूपीआई से पैसे का आदान-प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में योजना के तहत सर्वाधिक ऑनलाइन लेनदेन के मामले में झांसी प्रदेश में तीसरे स्थान पर है।
झांसी में पीएम स्वनिधि योजना के तहत 32,668 छोटे दुकानदारों को ऋण दिया गया है। राज्य नगरीय विकास अभिकरण यानी सूडा की ओर से जारी त्रैमासिक आंकड़ों के मुताबिक, अभी 27,307 दुकानदार यूपीआई से लेनदेन कर रहे हैं। हालांकि, अभी भी 5361 रेहड़ी पटरी वाले और छोटे दुकानदार ऐसे हैं, जो ऑनलाइन लेनदेन नहीं कर रहे हैं। पीएम स्वनिधि के तहत ऋण लेने वाले दुकानदारों में वाराणसी के 91.07 फीसदी और चित्रकूट के 87.85 फीसदी के बाद सबसे ज्यादा झांसी में 83.59 फीसदी दुकानदार यूपीआई से पैसे का आदान-प्रदान कर रहे हैं।
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डूडा की परियोजना अधिकारी रोली गुप्ता ने बताया कि योजना के तहत सबसे पहले 10 हजार रुपये का ऋण कम ब्याज दर पर दिया जाता है। एक साल में ऋण लौटाना होता है। उसके बाद 20 हजार और फिर 50 हजार का लोन दिया जाता है। ऋण की मासिक किस्त का ऑनलाइन भुगतान करने पर लाभार्थी को अनुदान भी मिलता है।
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कोरोनाकाल के दौरान लॉकडाउन में शुरू हुई थी योजना
पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम-स्वनिधि) रेहड़ी-पटरी वालों को किफायती ऋण प्रदान करने के लिए एक विशेष सुविधा है। ये योजना कोविड-19 के दौरान लॉकडाउन लगने से नुकसान झेलने वाले रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे दुकानदारों को अपना कारोबार फिर से शुरू करने में मदद के लिए शुरू की गई थी। बताया गया कि सड़क किनारे ठेले या स्टॉल चलाने वाले, फल, सब्जियां बेचने वाले, लॉन्ड्री सेवाएं देने वाले, सैलून चलाने वाले और पान की दुकान चलाने वाले पीएम स्वनिधि के तहत लोन ले सकते हैं। समय पर लोन चुकाने पर अतिरिक्त लाभ भी मिलते हैं।