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संघ परिवार के सदस्यों ने किया कदम ताल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2016 12:47 AM IST
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- फोटो : amarujala
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झांसी। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सदस्यों ने पूर्ण गणवेश में नव संवत्सर के उपलक्ष्य में रविवार को पथ संचलन किया। एलवीएम से शुरू हुए पथ संचलन का महानगर के विभिन्न मार्गों पर संघ के समर्थकों व व्यापारियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
लक्ष्मी व्यायाम मंदिर के मैदान में पथ संचलन का शुभारंभ संघ के सदस्यों ने ध्वज प्रणाम कर एवं भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इसके पश्चात प्रारंभ पथ संचलन में स्वयं सेवकों ने संघ के बैंड की धुनों पर कदम से कदम मिलाकर महानगर के विभिन्न क्षेत्रों कोतवाली, मिनर्वा चौराहा, इलाइट चौराहा, जीवन शाह तिराहा आदि में भ्रमण किया। वहीं, वाहनों पर सवार युवा स्वयं सेवकों के हाथों में केसरिया ध्वज लोगों में आकर्षण का केंद्र रहा।
भ्रमण पश्चात लक्ष्मी व्यायाम मंदिर में हुई संघ परिवार की सभा में मुख्य वक्ता अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री ओम पाल सिंह ने कहा कि संघ की दृष्टि में नव संवत्सर का महत्वपूर्ण स्थान है। युधिष्ठिर संवत, विक्रम संवत, शालिवाहन संवत चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा से प्रांरभ होता है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष के कार्य पर दृष्टि डालते हुए नए वर्ष के लिए योजना बनाएं तथा उसे पूरा करने का संकल्प लें। इस दौरान अध्यक्षता विभाग संघ चालक राजेश्वर दयाल खरे ने की। आभार महानगर कार्यवाहक सुरेश पुरोहित ने जताया।
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अफ्रीका महाद्वीप में मजबूत है संघ की शाखाएं
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ क ी गतिविधियों के उत्तर प्रदेश क्षेत्र के प्रमुख राम चंद्र पांडेय के मुताबिक अफ्रीका महाद्वीप के लगभग सभी देशों में संघ की शाखाएं संचालित हैं, जिनकी संख्या सौ से ज्यादा है और इनके नियमित सदस्य 80 हजार से ऊपर हैं। नव संवत्सर के उपलक्ष्य में पथ संचलन में प्रतिभाग को महानगर में आए राम चंद्र पांडेय ने संघ कार्यालय में अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उन्हें वर्ष 2002 में अफ्रीकी महाद्वीप में संघ कार्य के विस्तार को भेजा गया था तथा इसके पश्चात कई वर्षों तक उन्होंने अफ्रीकी देशों में कार्य किया है।
उनके मुताबिक संघ की शाखाओं में एनआरआई, ओवरसीज सिटीजन व पीपुल ऑफ इंडियन ओरिजन को संगठित किया जाता है, ताकि वह भारतीयता से जुडे़ रहें। इसके अलावा अफ्रीकी देशों के मूल नागरिकों को जो संघ की शाखाओं में आते हैं, उन्हें उनकी मूल प्राचीन सभ्यता से रूबरू कराया जाता है। उनके मुताबिक वर्तमान में जांबिया, नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया, जिबांबे, कीनिया, तंजानिया आदि अफ्रीकी देशों में संघ की शाखाएं मजबूत स्थिति में हैं।
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लक्ष्मी व्यायाम मंदिर के मैदान में पथ संचलन का शुभारंभ संघ के सदस्यों ने ध्वज प्रणाम कर एवं भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इसके पश्चात प्रारंभ पथ संचलन में स्वयं सेवकों ने संघ के बैंड की धुनों पर कदम से कदम मिलाकर महानगर के विभिन्न क्षेत्रों कोतवाली, मिनर्वा चौराहा, इलाइट चौराहा, जीवन शाह तिराहा आदि में भ्रमण किया। वहीं, वाहनों पर सवार युवा स्वयं सेवकों के हाथों में केसरिया ध्वज लोगों में आकर्षण का केंद्र रहा।
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भ्रमण पश्चात लक्ष्मी व्यायाम मंदिर में हुई संघ परिवार की सभा में मुख्य वक्ता अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री ओम पाल सिंह ने कहा कि संघ की दृष्टि में नव संवत्सर का महत्वपूर्ण स्थान है। युधिष्ठिर संवत, विक्रम संवत, शालिवाहन संवत चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा से प्रांरभ होता है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष के कार्य पर दृष्टि डालते हुए नए वर्ष के लिए योजना बनाएं तथा उसे पूरा करने का संकल्प लें। इस दौरान अध्यक्षता विभाग संघ चालक राजेश्वर दयाल खरे ने की। आभार महानगर कार्यवाहक सुरेश पुरोहित ने जताया।
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अफ्रीका महाद्वीप में मजबूत है संघ की शाखाएं
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ क ी गतिविधियों के उत्तर प्रदेश क्षेत्र के प्रमुख राम चंद्र पांडेय के मुताबिक अफ्रीका महाद्वीप के लगभग सभी देशों में संघ की शाखाएं संचालित हैं, जिनकी संख्या सौ से ज्यादा है और इनके नियमित सदस्य 80 हजार से ऊपर हैं। नव संवत्सर के उपलक्ष्य में पथ संचलन में प्रतिभाग को महानगर में आए राम चंद्र पांडेय ने संघ कार्यालय में अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उन्हें वर्ष 2002 में अफ्रीकी महाद्वीप में संघ कार्य के विस्तार को भेजा गया था तथा इसके पश्चात कई वर्षों तक उन्होंने अफ्रीकी देशों में कार्य किया है।
उनके मुताबिक संघ की शाखाओं में एनआरआई, ओवरसीज सिटीजन व पीपुल ऑफ इंडियन ओरिजन को संगठित किया जाता है, ताकि वह भारतीयता से जुडे़ रहें। इसके अलावा अफ्रीकी देशों के मूल नागरिकों को जो संघ की शाखाओं में आते हैं, उन्हें उनकी मूल प्राचीन सभ्यता से रूबरू कराया जाता है। उनके मुताबिक वर्तमान में जांबिया, नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया, जिबांबे, कीनिया, तंजानिया आदि अफ्रीकी देशों में संघ की शाखाएं मजबूत स्थिति में हैं।