फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Unhappy with the sultry heat, the newborn did not come to school even on the second day

उमस भरी गर्मी से बेहाल, दूसरे दिन भी स्कूल नहीं आए नौनिहाल

Sat, 18 Jun 2022 01:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jun 2022 01:30 AM IST
विज्ञापन
Unhappy with the sultry heat, the newborn did not come to school even on the second day
झांसी। भीषण गर्मी और उमस के बीच 16 जून से खुले परिषदीय स्कूलों में दूसरे दिन भी छात्र-छात्राओं की खासी उपस्थिति नहीं दिखी। ऐसे में जिन स्कूलों में जितने बच्चे पहुंचे, शिक्षकों ने उनकी ही कक्षाएं लगाईं। जबकि बच्चे पसीना पोंछते रहे।
विज्ञापन

परिषदीय स्कूलों का ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त हो चुका है। सभी स्कूल खुल गए हैं। हालांकि दो वर्षों से कोरोना काल में पढ़ाई न हो पाने के कारण परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थी शिक्षा की मुख्यधारा से दूर हो गए हैं। इसको ध्यान में रखते हुए परिषद द्वारा जूनम में स्कूल खोलने के आदेश दिए गए। लेकिन गर्मी के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने को राजी नहीं हैं। वहीं दूसरी तरफ स्कूल खोलना एक तरह से सिर्फ खानापूर्ति ही लग रही है तो क्योंकि सैकड़ों विद्यार्थियों के पास किताबें ही नहीं हैं।
विज्ञापन

प्राथमिक विद्यालय सैंयर गेट की शिक्षिका मुबीना बानो ने बताया कि छात्र-छात्राओं की संख्या 33 है लेकिन शुक्रवार को सिर्फ 9 विद्यार्थी ही उपस्थित रहे। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल का भवन किराए का है, जिसके कारण उसमें बिजली का कनेक्शन नहीं हो पाया। और ऐसी गर्मी में अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने के लिए राजी नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं बेसिक प्राइमरी पाठशाला ऋषिकुंज में विद्यार्थी बिना कॉपी-किताबों के ही पढ़ते मिले। शिक्षामित्र ने बताया कि कुछ विद्यार्थियों को पुरानी किताबें दिलवा दी गई थीं, लेकिन सभी को नहीं मिल पाईं। स्कूल में वर्तमान में छात्र संख्या 52 है लेकिन शुक्रवार को सिर्फ 15 ही विद्यार्थी आए हैं। एक दो दिनों में उपस्थिति सामान्य हो जाएगी। दतिया गेट स्कूल में बिजली का कनेक्शन नहीं था। इस कारण 33 में सिर्फ 12 बच्चे ही पहुंचे थे।

स्कूल खुलने पर शुरुआती दिनों में उपस्थिति कम होती ही है। दो-तीन दिन बाद उपस्थिति बढ़ने लगेगी। शिक्षक-अभिभावकों को फोन करके बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
-वेदराम, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed