Jhansi: अंधेरगर्दी का कारोबार, 3200 रुपये में पुलिस अफसर, 700 रुपये में बना रहे पत्रकार, जरूरी नहीं कोई प्रमाण
दूसरे शहरों की तरह झांसी में भी फर्जी पत्रकार बनने के लिए फर्जी आईकार्ड और फर्जी माइक आईडी आसानी से प्राप्त हो रही है। कई लोग गली-कूचों में इसका कारोबार कर रहे हैं।
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झांसी महानगर में अंधेरगर्दी का फर्जी कारोबार खूब चल रहा है। यहां महज 3200 रुपये खर्च कर कोई भी पुलिस की वर्दी, बैज-बिल्ले और टोपी हासिल कर सकता है। वहीं, कोई पत्रकार बनना चाहे तो मात्र 700 रुपये में किसी भी चैनल की फर्जी आईडी आसानी से बनवा सकते हैं। ऐसे ही किसी फर्जी कारोबार का फायदा उठाते हुए माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या के आरोपी युवक भी खुद को पत्रकार बताते हुए उनके नजदीक पहुंच गए थे।
आमतौर पर पुलिस और पत्रकारों को किसी भी जगह जाने में ज्यादा रोक-टोक का सामना नहीं करना पड़ता है। पुलिस की वर्दी या हाथ में किसी चैनल की आईडी माइक देखकर आसानी से प्रवेश मिल जाता है। इसी का नतीजा है कि इन दिनों पत्रकारों की बाढ़ सी आई हुई है। झांसी में सूचना विभाग में सिर्फ 64 पत्रकारों के ही नाम दर्ज हैं, जबकि किसी बड़े आयोजन में 500 से अधिक लोगों के हाथों में चैनलों की आईडी देखने को मिल जाती है।
असल में दूसरे शहरों की तरह झांसी में भी फर्जी पत्रकार बनने के लिए फर्जी आईकार्ड और फर्जी माइक आईडी आसानी से प्राप्त हो रही है। कई लोग गली-कूचों में इसका कारोबार कर रहे हैं। ये लोग 500 से 700 रुपये हासिल कर धंधा चला रहे हैं।
महानगर के गुसाईंपुरा मुहल्ले में महज 700 रुपये में किसी भी चैनल की माइक आईडी तैयार हो जाती है। आईडी बनवाने वालों से किसी तरह का प्रमाण नहीं लिया जाता है। तय कीमत अदा करने पर उन्हें दो दिन के भीतर आईडी थमा दी जाती है।
कमोबेश यही स्थिति पुलिस की वर्दी की भी है। इसके लिए 3200 रुपये अदा करने पड़ते हैं। महानगर में तीन टेलर पुलिस की वर्दी सिलने का काम करते हैं और चार दुकानों पर पुलिस की वर्दी से जुड़ा सामान टोपी, बेल्ट, सीटी आदि मिल जाती है। यहां भी कोई प्रमाण नहीं लिया जाता है। कोई भी व्यक्ति बेखटके आसानी से पुलिस की वर्दी हासिल कर सकता है। वहीं, पुलिस के बिल्ले, बैज और स्टीकर की दुकानें सदर बाजार में हैं।
1000 का कपड़ा और 1100 रुपये है पुलिस की वर्दी की सिलाई
झांसी। पुलिस की वर्दी सिलवाने का कपड़ा बाजार में 1000 रुपये में मिल जाता है। इसकी सिलाई 1100 रुपये लगती है। 300 रुपये में चमड़े का बेल्ट मिल रहा है। जबकि, निवाड़ वाला बेल्ट व बिल्ले इससे भी सस्ते हैं। ये महज 120 रुपये में आ जाता है। 120 रुपये में डोरी और सीटी मिल जाती है। 80 रुपये की टोपी बिक रही और 600 रुपये में भूरे रंग के जूते। 3200 रुपये में पुलिस वाला बनने का सारा सामान झांसी में मिल रहा।