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कुएं में गिरने से दो की मौत

Sun, 12 Apr 2020 12:21 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2020 12:21 AM IST
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two sister fell in well, died
ग्राम चितरा में दो बच्चियों की कुएं में डूबने से मौत - फोटो : LALITPUR
जखौरा /ललितपुर। शनिवार को जखौरा क्षेत्र के गांव चितरा में दो मासूम बहनों की कुएं में डूबकर मौत हो गई। हादसे के समय बच्चियों के परिजन खेत में गेहूं की कटाई में व्यस्त थे। बालिकाएं खेलते - खेलते पास के कुएं के पास पहुंच र्गई और हादसे का शिकार हो गई। इस हृदय विदारक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
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ग्राम चितरा निवासी अयोध्या प्रसाद पुत्र खेत सिंह राजपूत अपने परिजनों के साथ खेत पर गेहूं की फसल की कटाई कर रहे थे। दिन में तकरीबन दो बजे तीन बच्चियां रोशनी (3 ), यशोदा (10) और माया (6) पहले उनके पास ही खेल रही थीं। अयोध्या प्रसाद देख पाते इसके पहले ही बालिकाएं कुएं की तरफ चली गईं। अचानक रोशनी (3) का पैर फिसला और वह कुएं में गिर गई। बहन को कुएं में झांककर देख रही यशोदा (10) भी पानी में जा गिरी। यह देख तीसरी बच्ची माया दौड़कर परिजनों के पास गई और घटना की जानकारी दी। आननफानन में परिजन मौके पर पहुंचे और बच्चियों को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। जखौरा थानाध्यक्ष अवध नारायण पांडेय ने बताया कि परिजनों से पुलिस को सूचना नहीं दी है। बच्चियों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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कोरोना से बचाने को लाए थे खेत पर, कुएं ने निगला
जखौरा /ललितपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए परिजन बच्चियों को खेत पर अपने साथ ले गए थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यहां मौत उनका इंतजार कर रही है। कुएं से थोड़ी ही दूरी पर काम कर रहे पिता को भनक तक नहीं लगी और मौत ने उसकी दो बेटियों को आगोश में ले लिया।
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अयोध्या प्रसाद सुबह गेहूं की कटाई करने के लिए घर से खेत के लिए निकले थे। वह अपनी तीनों बच्चियों को भी अपने साथ खेत पर ले गए, ताकि बच्चियां उनके जाने के बाद घर के बाहर खेलने न निकल जाएं, इससे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा हो सकता था। खेत पर वह अपना काम भी करते रहेंगे और बच्चियां उनके नजर में भी रहेंगी। लेकिन, उन्हें क्या पता था कि बच्चियों की जिंदगी महफूज रखने के लिए वे उन्हें खेत पर लेकर जा रहे हैं, लेकिन मौत वहीं उनका इंतजार कर रही है। मृत बालिका के पिता ने बताया कि दोपहर डेढ़ बजे दोनों बालिकाओं रोशनी (3) व यशोदा (10) से खाना खाने के लिए भी कहा पर उन्होंने मना कर दिया तथा दोनों खेलने चलीं गईं, काम कर रहे सभी लोग दोपहर का खाना खाने लगे और इसी समय यह हादसा हो गया। तीन बेटियों में से अब सिर्फ एक बेटी है बची है। अयोध्या प्रसाद और उनकी पत्नी का रो - रोकर बुरा हाल रहा। परिजन और गांव के लोग दोनों को ढांढस बंधाते रहे, लेकिन आंखें सभी की नम थीं।
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