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घरेलू गैस उपभोक्ताओं को खूब लूटा जा रहा, सिलिंडरों में कम निकल रही दो-दो किलो गैस
Sun, 25 Oct 2020 01:21 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 25 Oct 2020 01:21 AM IST
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गोदाम में रखे सिलेंडर
- फोटो : अमर उजाला
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घरेलू गैस उपभोक्ताओं को खूब लूटा जा रहा है। सिलिंडरों में दो-दो किलो तक गैस कम निकल रही है। हॉकर भी सिलिंडरों की तौल करके नहीं दे रहे हैं। लगातार इसे लेकर शिकायतें विभाग को मिल रही हैं, लेकिन फिर भी पूर्ति और बाट माप विभाग ने चुप्पी साध रखी है। सिलिंडरों में चल रही घटतौली से साफ है कि गैस रिफिलिंग का खेल जमकर चल रहा है।
जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं से पूरे दाम लिए जा रहे हैं। सिलिंडर की डिलीवरी करने वाले हॉकरों के पास तौल करने के लिए कांटे तक नहीं हैं। गैस कंपनी के नियमों के मुताबिक डिलीवरी के वक्त हॉकर को उपभोक्ता को तौल कर सिलिंडर देना होता है। मगर जिले में हॉकर न तो सिलिंडर की तौल चेक करते हैं और न ही रिफिल को चेक किया जाता है। वहीं इसे लेकर गैस कंपनियां भी एजेेंसियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती हैं। इसके साथ ही पूर्ति और बाट माप विभाग भी कोई कार्रवाई नहीं करते।
सील तोड़कर निकालते हैं गैस
जिले में कई बार अवैध गैस रिफिलिंग के खेल का भंडाफोड़ हो चुका है। सामने आया है कि मशीन के जरिए सिलिंडर की सील तोड़कर गैस निकाली जाती है। इसके बाद फिर से सील को वैसे ही लगा दिया जाता है। इसमें गैस एजेंसियों के सेल्समैन ही शामिल होते हैं।
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गैस कंपनियां नहीं करतीं कार्रवाई
पूर्ति और बाटमाप विभाग की टीम ने कुछ महीनों पहले जिले की चार गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया था। इस दौरान तीन एजेंसियों पर सिलिंडरों में तीन-तीन किलो तक गैस कम पाई गई थी। इसे लेकर कार्रवाई के लिए विभाग ने गैस कंपनियों को पत्र लिखा था, लेकिन गैस कंपनी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इतना होता है सिलिंडर का वजन
गैस सिलिंडर में एक ओर वजन लिखा होता है। खाली गैस सिलिंडर का वजन 16 से 16.5 किलो तक होता है। इसमें गैस का वजन 14.2 किलो होता है। कुल मिलाकर सिलिंडर का वजन 30 से 30.500 किलो तक होता है। सिलिंडर को तौल करके ही लिया जाए।
महिलाएं कहती हैं
सिलिंडर की रिफिल कई बार टूटी निकली है। हॉकर को बदलने के बोलते हैं, लेकिन हॉकर जल्दी-जल्दी सिलिंडर रखकर भाग जाते हैं।- पल्लवी सहारिया
सिलिंडर का वजन करने के लिए हॉकर से कहते हैं, लेकिन उन पर वजन करने के लिए कांटा ही नहीं होता।- अंजू सिंह
सिलिंडर कई बार जल्दी खत्म हो जाता है। हॉकर सिलिंडर का वजन करके नहीं देते हैं। इससे दिक्कत होती है।- रिंकी साहू
हॉकर को कई बार सिलिंडर का वजन और रिफिल चेक करने के लिए कहा है, लेकिन मशीन न होने का बहाना बनाकर भाग जाते हैं।- विजया मिश्रा
जिले में गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी होती है। इसके चलते सिलिंडर में कई बार गैस कम निकलती है। शिकायत करने पर कार्रवाई नहीं होती।- संध्या
गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी को लेकर अभियान चलाया जाएगा। घटतौली के मामलों को लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नीरज कनौजिया, उपायुक्त खाद्य, झांसी
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जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं से पूरे दाम लिए जा रहे हैं। सिलिंडर की डिलीवरी करने वाले हॉकरों के पास तौल करने के लिए कांटे तक नहीं हैं। गैस कंपनी के नियमों के मुताबिक डिलीवरी के वक्त हॉकर को उपभोक्ता को तौल कर सिलिंडर देना होता है। मगर जिले में हॉकर न तो सिलिंडर की तौल चेक करते हैं और न ही रिफिल को चेक किया जाता है। वहीं इसे लेकर गैस कंपनियां भी एजेेंसियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती हैं। इसके साथ ही पूर्ति और बाट माप विभाग भी कोई कार्रवाई नहीं करते।
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सील तोड़कर निकालते हैं गैस
जिले में कई बार अवैध गैस रिफिलिंग के खेल का भंडाफोड़ हो चुका है। सामने आया है कि मशीन के जरिए सिलिंडर की सील तोड़कर गैस निकाली जाती है। इसके बाद फिर से सील को वैसे ही लगा दिया जाता है। इसमें गैस एजेंसियों के सेल्समैन ही शामिल होते हैं।
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गैस कंपनियां नहीं करतीं कार्रवाई
पूर्ति और बाटमाप विभाग की टीम ने कुछ महीनों पहले जिले की चार गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया था। इस दौरान तीन एजेंसियों पर सिलिंडरों में तीन-तीन किलो तक गैस कम पाई गई थी। इसे लेकर कार्रवाई के लिए विभाग ने गैस कंपनियों को पत्र लिखा था, लेकिन गैस कंपनी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इतना होता है सिलिंडर का वजन
गैस सिलिंडर में एक ओर वजन लिखा होता है। खाली गैस सिलिंडर का वजन 16 से 16.5 किलो तक होता है। इसमें गैस का वजन 14.2 किलो होता है। कुल मिलाकर सिलिंडर का वजन 30 से 30.500 किलो तक होता है। सिलिंडर को तौल करके ही लिया जाए।
महिलाएं कहती हैं
सिलिंडर की रिफिल कई बार टूटी निकली है। हॉकर को बदलने के बोलते हैं, लेकिन हॉकर जल्दी-जल्दी सिलिंडर रखकर भाग जाते हैं।- पल्लवी सहारिया
सिलिंडर का वजन करने के लिए हॉकर से कहते हैं, लेकिन उन पर वजन करने के लिए कांटा ही नहीं होता।- अंजू सिंह
सिलिंडर कई बार जल्दी खत्म हो जाता है। हॉकर सिलिंडर का वजन करके नहीं देते हैं। इससे दिक्कत होती है।- रिंकी साहू
हॉकर को कई बार सिलिंडर का वजन और रिफिल चेक करने के लिए कहा है, लेकिन मशीन न होने का बहाना बनाकर भाग जाते हैं।- विजया मिश्रा
जिले में गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी होती है। इसके चलते सिलिंडर में कई बार गैस कम निकलती है। शिकायत करने पर कार्रवाई नहीं होती।- संध्या
गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी को लेकर अभियान चलाया जाएगा। घटतौली के मामलों को लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नीरज कनौजिया, उपायुक्त खाद्य, झांसी