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नगर निगम को मिलने वाली रकम में दो करोड़ की कटौती
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झांसी। राज्य वित्त आयोग ने नगर निगम को दी जाने वाली रकम में दो करोड़ की कटौती की है। यह कटौती विद्युत बकाया, जल संस्थान के देय समेत अन्य बकाया के चलते हुई है। इस कटौती का असर नगर निगम के जनरल फंड पर पड़ रहा है। इसके चलते वेतन वितरित करने में जनरल फंड का भी इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
चतुर्थ वित्त आयोग के जरिए सरकार नगर निगम को वित्तीय मदद मुहैया कराती है लेकिन, पिछले काफी समय से इस रकम में तगड़ी कटौती हो रही है। उम्मीद जताई जा रही कि निगम की गिरती वित्तीय हालत को देखते हुए नए वित्तीय वर्ष से कटौती में कमी आएगी। लेकिन, नगर निगम की यह आस पूरी नहीं हुई। इस बार भी शासन ने नगर निगम को मिलने वाली रकम में करीब दो करोड़ की कटौती कर दी। उसे महज छह करोड़ रुपये ही जारी किए। निगम अफसरों के मुताबिक हर माह वेतन-पेंशन पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च होते हैं। ऐसे में दो करोड़ की कमी पूरा करने के लिए जनरल फंड का सहारा लेना पड़ रहा है। सामान्य तौर पर नगर निगम इस फंड का इस्तेमाल महानगर के विकास कार्यों में करता है। अब दो करोड़ रुपये वेतन में मिला देने से जनरल फंड में अधिक रकम नहीं बची। इसका असर महानगर के विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है कि वसूली बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इससे सामान्य निधि को बढ़ाया जा सकेगा।
भुगतान न होने से ठप पड़ गए काम
जनरल फंड में अधिक पैसा न होने की वजह से निगम प्रशासन ने मार्च महीने के बाद से ठेकेदारों के सभी भुगतान पर रोक लगा दी है। भुगतान न होने से अब ठेकेदारों ने जगह-जगह काम भी रोक दिए हैं। कई जगह पर नाली, खंड़जा का निर्माण काम पिछले मई माह से बंद है जबकि अब मानसून की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। ऐसे में अगले तीन माह तक काम कराना भी मुश्किल होगा।
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चतुर्थ वित्त आयोग के जरिए सरकार नगर निगम को वित्तीय मदद मुहैया कराती है लेकिन, पिछले काफी समय से इस रकम में तगड़ी कटौती हो रही है। उम्मीद जताई जा रही कि निगम की गिरती वित्तीय हालत को देखते हुए नए वित्तीय वर्ष से कटौती में कमी आएगी। लेकिन, नगर निगम की यह आस पूरी नहीं हुई। इस बार भी शासन ने नगर निगम को मिलने वाली रकम में करीब दो करोड़ की कटौती कर दी। उसे महज छह करोड़ रुपये ही जारी किए। निगम अफसरों के मुताबिक हर माह वेतन-पेंशन पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च होते हैं। ऐसे में दो करोड़ की कमी पूरा करने के लिए जनरल फंड का सहारा लेना पड़ रहा है। सामान्य तौर पर नगर निगम इस फंड का इस्तेमाल महानगर के विकास कार्यों में करता है। अब दो करोड़ रुपये वेतन में मिला देने से जनरल फंड में अधिक रकम नहीं बची। इसका असर महानगर के विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है कि वसूली बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इससे सामान्य निधि को बढ़ाया जा सकेगा।
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भुगतान न होने से ठप पड़ गए काम
जनरल फंड में अधिक पैसा न होने की वजह से निगम प्रशासन ने मार्च महीने के बाद से ठेकेदारों के सभी भुगतान पर रोक लगा दी है। भुगतान न होने से अब ठेकेदारों ने जगह-जगह काम भी रोक दिए हैं। कई जगह पर नाली, खंड़जा का निर्माण काम पिछले मई माह से बंद है जबकि अब मानसून की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। ऐसे में अगले तीन माह तक काम कराना भी मुश्किल होगा।
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