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बीयू में काटे हरे पेड़, शिकायत पर लगी रोक
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Wed, 10 Jan 2018 01:46 AM IST
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- फोटो : demo pic
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में पार्क में लगे तीन-चार हरे पेड़ कटवा दिए गए। कुछ और पेड़ों की कटाई जारी रहने की शिकायत हुई तब रोक लगा दी गई। कुलसचिव ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
बीयू में बायोकेमिस्ट्री और अर्थ साइंस के बीच पार्क बना हुआ है। मंगलवार को डीन एकेडमिक प्रो. एसपी सिंह वहां से गुजरे तक उन्होंने कुछ लोगों को पेड़ काटते हुए देखा। इसकी शिकायत उन्होंने कुलपति कार्यालय से की। तब तत्काल पेड़ कटान पर रोक लगा दी गई। प्रो. सिंह ने बताया कि नीम, शीशम और कदम के तीन-चार हरे पेड़ काट दिए गए हैं।
उन्होंने कुछ लोगों को कनेर का पेड़ काटते देखा, तो शिकायत की। आरोप लगाया है कि कुछ दिनों से यहां पर अनाधिकृत रूप से पेड़ कटवाए गए हैं। एक पेड़ को तैयार करने में काफी मेहनत लगती है। पेड़ों से ही पार्क की सुंदरता है। मामले में कुलसचिव सीपी तिवारी का कहना है कि उन्होंने किसी को पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी है। जब उनसे पूछा गया कि वन विभाग से हरे पेड़ काटने की अनुमति ली गई थी या नहीं, तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि कोई दोषी मिलेगा तो कार्रवाई होगी।
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बीयू में बायोकेमिस्ट्री और अर्थ साइंस के बीच पार्क बना हुआ है। मंगलवार को डीन एकेडमिक प्रो. एसपी सिंह वहां से गुजरे तक उन्होंने कुछ लोगों को पेड़ काटते हुए देखा। इसकी शिकायत उन्होंने कुलपति कार्यालय से की। तब तत्काल पेड़ कटान पर रोक लगा दी गई। प्रो. सिंह ने बताया कि नीम, शीशम और कदम के तीन-चार हरे पेड़ काट दिए गए हैं।
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उन्होंने कुछ लोगों को कनेर का पेड़ काटते देखा, तो शिकायत की। आरोप लगाया है कि कुछ दिनों से यहां पर अनाधिकृत रूप से पेड़ कटवाए गए हैं। एक पेड़ को तैयार करने में काफी मेहनत लगती है। पेड़ों से ही पार्क की सुंदरता है। मामले में कुलसचिव सीपी तिवारी का कहना है कि उन्होंने किसी को पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी है। जब उनसे पूछा गया कि वन विभाग से हरे पेड़ काटने की अनुमति ली गई थी या नहीं, तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि कोई दोषी मिलेगा तो कार्रवाई होगी।
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