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ग्रामीण इलाकों के लिए ढाई सौ ट्रांसफार्मरों की जरूरत
jhansi
Updated Sun, 29 Oct 2017 01:26 AM IST
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transfar jhs
- फोटो : demo pic
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गरौठा और गुरसराय क्षेत्र के 250 से अधिक स्थानों पर ट्रांसफार्मर की व्यवस्था न होने के कारण किसान न तो ट्यूबवेल चलाकर सिंचाई कर पा रहे हैं और न ही उनको पीने का पानी उपलब्ध हो पा रहा है। विधायक जवाहर राजपूत ने शनिवार को मुख्य अभियंता आरपीएस तोमर से मुलाकात कर उन्हें हालात की जानकारी दी।
राजपूत ने बताया कि गरौठा और गुरसराय क्षेत्र के बांधों में पानी न होने के कारण सिंचाई विभाग खेती के लिए पानी नहीं दे पा रहा है। ऐसी स्थिति में किसान सरकारी ट्यूबवेल और निजी ट्यूबवेलों पर ही निर्भर है। मगर, लॉ वोल्टेज और फीडरों का काम पूरा न होने से किसानों को बिजली नहीं मिल पा रही है। गरौठा के खड़ौरा फीडर से 50 गांव को बिजली मिल सकती है, लेकिन अभी तक फीडर काम शुरू नहीं किया गया है। मारकुआं और टोला के फीडर ओवर लोड होने के कारण पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। मोंठ सबस्टेशन से करकोस फीडर का काम भी बीच में लटका है। ट्यूबवेल का कनेक्शन लेने वाले किसानों को स्टोर से कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर भी नहीं मिल पा रहे हैं। स्टोर में किसानों की लाइन लग रही हैं। मुख्य अभियंता ने बताया कि दो महीने से ट्रांसफार्मरों की दिक्कत है। अब ट्रांसफार्मरों की आपूर्ति शुरू हो गई है। अब समस्या का समाधान हो जाएगा।
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राजपूत ने बताया कि गरौठा और गुरसराय क्षेत्र के बांधों में पानी न होने के कारण सिंचाई विभाग खेती के लिए पानी नहीं दे पा रहा है। ऐसी स्थिति में किसान सरकारी ट्यूबवेल और निजी ट्यूबवेलों पर ही निर्भर है। मगर, लॉ वोल्टेज और फीडरों का काम पूरा न होने से किसानों को बिजली नहीं मिल पा रही है। गरौठा के खड़ौरा फीडर से 50 गांव को बिजली मिल सकती है, लेकिन अभी तक फीडर काम शुरू नहीं किया गया है। मारकुआं और टोला के फीडर ओवर लोड होने के कारण पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। मोंठ सबस्टेशन से करकोस फीडर का काम भी बीच में लटका है। ट्यूबवेल का कनेक्शन लेने वाले किसानों को स्टोर से कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर भी नहीं मिल पा रहे हैं। स्टोर में किसानों की लाइन लग रही हैं। मुख्य अभियंता ने बताया कि दो महीने से ट्रांसफार्मरों की दिक्कत है। अब ट्रांसफार्मरों की आपूर्ति शुरू हो गई है। अब समस्या का समाधान हो जाएगा।
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